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राहुल गांधी के बाद केजरीवाल से मिलने पहुंचे आदित्य ठाकरे, सियासी हलचल हुई तेज

महाराष्ट्र की शिवसेना यूबीटी के नेता और उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे दिल्ली पहुंचे है। इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की है।

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महाराष्ट्र के बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव के आगाज के समय से ही इंडिया गठबंधन में दरार की खबरे सामने आ रही थी। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह यह रही कि दिल्ली के चुनावी दंगल में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ही दलों का बिना गठबंधन के चुनावी मैदान में ताल ठोकना। नतीजा यह रहा कि एक दशक से दिल्ली की सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी विधानसभा चुनाव में बीजेपी के हाथों बुरी तरह पराजित हुई। हालांकि अब इंडिया गठबंधन में शामिल अन्य दल फिर से इस गठबंधन पर बनाए रखने पर जोर देने में जुटे हुए है। इसी सिलसिले में महाराष्ट्र की शिवसेना यूबीटी के नेता और उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे दिल्ली पहुंचे है। इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की है। इससे पहले ठाकरे ने बुधवार को राहुल गांधी से भी मुलाक़ात की थी। इन दोनों नेताओं से आदित्य ठाकरे की मुलाकात के कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे है। 


इंडिया गठबंधन को एकजुट बनाने की कोशिश 

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के बाद आदित्य ठाकरे ने बताया कि देश में वोटर और ईवीएम की धांधली हो रही है। अब लोकतंत्र नहीं बचा है ऐसे में विपक्ष की सभी पार्टियों को एक साथ आने की जरूरत है, जो हमारे साथ हुआ वो सभी के साथ होगा। अब हमें आगे के लिए रणनीति तय करनी होगी। इससे पहले राहुल गांधी से मुलाक़ात कर वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर आदित्य ठाकरे बातचीत कर चुके है। ठाकरे ने यह बताने की कोशिश किया है कि सरकारें आती-जाती रहती हैं लेकिन हमारा रिश्ता बना रहेगा। यही वजह है कि इन मुलाकातों के सियासी मायने भी निकाले जा रहे है।


वोटर लिस्ट में हुई गड़बड़ी 

शिवसेना यूबीटी नेता आदित्य ठाकरे ने मीडिया से बातचीत करते हुए दिल्ली चुनाव के परिणाम पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद बीजेपी को जनता नहीं, बल्कि उसे चुनावआयोग को जरूर धन्यवाद करना चाहिए। ठाकरे ने उस प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी ज़िक्र किया जिसमें राहुल गांधी, सुप्रिया सुले और संजय राउत एक साथ थे और उन्होंने  महाराष्ट्र से जुड़े कई गंभीर सवाल उठाए थे। ये सवाल सिर्फ़ उनका नहीं, बल्कि सभी विपक्षी पार्टियों के मन में है। इनका कहना है कि महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक के चुनाव में वोटर लिस्ट में अनियमितता और नए वोटरों को जोड़े जाने के आंकड़ों गंभीर है। 


बताते चले कि महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी की हार के बाद भी वोटर लिस्ट को लेकर कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी और शरद पवार की एनसीपी के नेताओं ने चुनाव आयोग से सवाल किए थे। अब वैसा ही मामला दिल्ली में भी सामने आ रहा है।
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