Advertisement
Loading Ad...
Delhi में BJP की जीत के बाद संजय राउत ने दी Congress-AAP को नसीहत
Delhi में BJP की प्रचंड जीत के बाद विपक्ष में हड़कंप मचा हुआ है. एक बार फिर से INDIA ब्लॉक का जिक्र छिड़ गया. संजय राउत ने कांग्रेस और AAP दोनों को ही नसीहत दे डाली
Advertisement
Loading Ad...
दिल्ली चुनाव में BJP ने इतिहास रच दिया। 27 साल बाद राजधानी में BJP ने कमल खिलाया है। वैसे इतिहास तो कांग्रेस ने भी रचा है दिल्ली में तीसरी बार 0 लाकर। अहम मौकों पर मुर्खता भरे फैसले लेना एक बात है। और उन फैसलों पर नाज करना अलग बात। इसी तरह कांग्रेस 0 लाकर भी खुश है क्योंकि उसने आम आदमी पार्टी का खेल बिगाड़ दिया। लेकिन क्या किसी छोटे मोटे दल की तरह कांग्रेस भी बस खेल बिगाड़ने तक ही रह जाएगी। कांग्रेस के अपने साथी ही उसे आईना दिखाने लगे। और एक बार फिर INDIA को मजबूत करने का राग अलापने लगे।
दिल्ली में नतीजों के बाद विपक्षी एकता के नारे को झटका लगा है। हार का साइड इफेक्ट साफ साफ दिखने लगा। INDIA ब्लॉक की सभी पार्टियों ने कांग्रेस को कोसना शुरू कर दिया। 8 फरवरी को दिल्ली के नतीजों में जैसे ही AAP पिछड़ी वैसे ही विरोध की आवाजें उठने लगी। सबसे पहले जम्मू कश्मीर के CM अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर एक तंज भरा पोस्ट किया। इसके बाद समाजवादी पार्टी, शिवशेना उद्धव गुट समेत तमाम दल हाथ पैर धोकर कांग्रेस के पीछे पड़ गए। अब संजय राउत ने भी BJP की जीत को लेकर AAP और कांग्रेस दोनों को घेरे में ले लिया।
संजय राउत ने इशारों ही इशारों में कांग्रेस को AAP की हार पर जश्न मनाने पर भी घेरा। उन्होंने चेताया कि, केजरीवाल की हार पर जो हंस रहे हैं डांस कर रहे हैं वो BJP को मौका दे रहे हैं हम पर हंसने का। उन्होंने हार का कारण AAP और कांग्रेस के अलग अलग लड़ने को माना।
संजय राउत एक तरफ कांग्रेस को नसीहत दे रहे थे दूसरी ओर दिल्ली में BJP की जीत पर सवाल भी उठा दिए।
संजय राउत से पहले जम्मू कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला ने भी कांग्रेस और AAP पर तंज के तीर छोड़े थे। (अब्दुल्ला ट्वीट) उमर अब्दुल्ला ने रामायण की फोटो शेयर करते हुए शॉर्ट एंड ठोस शब्द लिखे। उन्होंने कहा, और लड़ो आपस में।
दिल्ली में 27 साल बाद BJP के उदय से विरोधी खेमे में हड़कंप मचा हुआ है। जो आपस में ही लड़ रहे थे अब वो फिर एक बार साथ आने की बात कर रहे हैं। लगभग खत्म हो चुके INDIA गठंबधन में एक बार फिर जान फूंकने का जिक्र होने लगा। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इसके संकेत दिए हैं.।
हालांकि संजय राउत एक होकर लड़ने वाले स्टेटमेंट पर भी जनता की दो राय है। क्योंकि महाराष्ट्र में MVA ने एक होकर चुनाव लड़ा था। INDIA का नारा बुलंद किया था। लेकिन नतीजों में BJP की अगुवाई वाले महायुति ने बाजी मार ली। ऐसे में मोदी के नेतृत्व में एक एक कर BJP ने कई राज्यों में सत्ता का परचम लहरा दिया। वहीं, विपक्ष हर बार मंथन चिंतन तक ही रह जाता है। मजबूत विपक्ष के दावे हर बार धरे के धरे रह जाते हैं। वहीं, बात करें दिल्ली के नतीजों की तो 48 सीटों के साथ BJP ने सत्ता में वापसी की।जबकि आम आदमी पार्टी के खाते में 22 सीटें आई हैं और कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला।
Advertisement
Loading Ad...
यह भी पढ़ें
Loading Ad...
Loading Ad...