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'महिला पर भी यौन हिंसा व बलात्कार के आरोप लग सकते हैं...', कर्नाटक हाई कोर्ट का अधेड़ महिला द्वारा नाबालिग के साथ संबंध बनाने पर 'POSCO ACT' पर चौंकाने वाला फैसला
कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि 'POSCO एक्ट महिला पर भी लग सकता है. इसके लिए जेंडर न्यूट्रल है.' दरअसल, कोर्ट का यह फैसला 48 वर्षीय महिला का 13 वर्षीय नाबालिग के साथ यौन संबंध बनाने पर आया है.
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कर्नाटक हाई कोर्ट ने 'POSCO ACT' मामले में एक चौंकाने वाला फैसला दिया है. कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में कोई भी जेंडर हो उसे कानून के तहत सजा दी जा सकती है. यह बयान सोमवार को अदालत में एक अधेड़ महिला की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया है. आरोपी महिला पर 13 साल के बच्चे के साथ 2020 में शारीरिक संबंध बनाने के आरोप लगे हैं.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि यह घटना साल 2020 की है. उस दौरान कर्नाटक की एक 48 वर्षीय अधेड़ महिला ने 13 साल के नाबालिग बच्चे के साथ यौन संबंध बनाए थे. आरोपी महिला का नाम अर्चना है. दरअसल, आरोपी महिला का पीड़ित बच्चे की मां से अच्छा संपर्क था और दोनों ही पास में रहते थे, पीड़ित बच्चे की मां पड़ोसी महिला के घर अपने बच्चे को अक्सर भेजती रहती थी, ताकि वह इंस्टाग्राम पर पेंटिंग्स को पोस्ट करने में उसकी मदद कर सके. खबर है कि महिला ने ही सबसे पहले पीड़ित से संबंध बनाने की रिक्वेस्ट की थी.
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बच्चे को संबंध बनाने पर मजबूर किया
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आरोपी महिला पर आरोप है कि उसने नाबालिग पीड़ित बच्चे से जून और मई में दो मौके पर संबंध बनाने के लिए मजबूर किया. इस बात का खुलासा साल 2024 में हुआ, लेकिन 2020 में ही नाबालिग का पूरा परिवार दुबई में शिफ्ट हो गया. पीड़ित ने सबसे पहले यह बात एक थैरेपिस्ट को बताई. उसके बाद यह मामला सामने आया और फिर शिकायत दर्ज कराई गई.
बयान के वक्त पीड़ित की उम्र 17 वर्ष थी
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यह पूरा मामला साल 2020 का है, लेकिन जब पीड़ित ने इस मामले पर अपना बयान दर्ज कराया, तो उस दौरान उसकी उम्र 17 वर्ष थी. आरोपी महिला ने बच्चे पर दबाव भी बनाया और डराने की भी कोशिश की. उसने कहा कि वह किसी को भी इस बात को ना बताए. महिला का कहना था कि इससे दोनों फंस सकते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी महिला का पति और बेटी विदेश में रहते हैं.
कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा?
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कोर्ट ने इस मामले पर उस तर्क को मानने से इनकार कर दिया कि महिला पर यौन हिंसा व बलात्कार के आरोप नहीं लग सकते. कोर्ट ने अपने आदेश में साफ-साफ कहा कि 'POSCO ACT की धारा 4 और 6 यह बताते हैं कि जो भी एक नाबालिग को पेनेट्रेटिव या अन्य यौन गतिविधियां करने के लिए मजबूर करता है. वह अपराधी है.'