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RSS पर छिड़ी राजनीतिक जंग... कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने फिर साधा निशाना, कहा- देश में बैन होने चाहिए संघ के कार्यक्रम
कर्नाटक में कांग्रेस बनाम आरएसएस विवाद गहराता जा रहा है. मंत्री प्रियंक खरगे के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की ज्यादातर कानून-व्यवस्था की दिक्कतों की जड़ आरएसएस और बीजेपी हैं, इसलिए आरएसएस पर बैन लगना चाहिए.
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कर्नाटक में कांग्रेस बनाम आरएसएस का विवाद अब तेजी से राजनीतिक रंग पकड़ चुका है. पहले बेटे और राज्य के मंत्री प्रियंक खरगे ने आरएसएस पर निशाना साधा था, और अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी खुलकर उनके समर्थन में उतर आए हैं. खरगे ने कहा कि आरएसएस के कार्यक्रमों को बैन कर देना चाहिए क्योंकि देश में जितनी भी कानून-व्यवस्था से जुड़ी दिक्कतें हैं, उनकी जड़ में आरएसएस और बीजेपी का ही हाथ है.
सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी की थी आलोचना
खरगे ने कहा कि यह मेरा निजी विचार है, लेकिन इतिहास भी यही साबित करता है कि आरएसएस ने देश में कई बार नफरत का माहौल तैयार किया. उन्होंने याद दिलाया कि 1948 में जब महात्मा गांधी की हत्या हुई थी, तब देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी आरएसएस की तीखी आलोचना की थी. पटेल ने तब यह माना था कि आरएसएस के प्रचार ने ही समाज में ऐसा माहौल बनाया, जिसके चलते गांधी की हत्या हुई.
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PM मोदी पर साधा कांग्रेस अध्यक्ष ने निशाना
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कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी सीधा वार किया. उन्होंने कहा कि मोदी जी झूठ को सच में बदलने में माहिर हैं. पटेल ने धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक भारत की रक्षा के लिए आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन बीजेपी इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करती है. खरगे ने कहा, 'आप हर चीज के लिए कांग्रेस को दोष देते हैं, लेकिन अपनी करतूत पर भी एक बार नज़र डाल लीजिए. सच को जितना दबाने की कोशिश करो, वह और उजागर हो जाता है.' खरगे ने अपने भाषण में भावनात्मक अपील भी की. उन्होंने कहा कि आज का दिन बेहद खास है क्योंकि यह सरदार पटेल की जन्म जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि दोनों है. उन्होंने कहा कि सरदार पटेल को लौह पुरुष कहा गया, जबकि इंदिरा गांधी को आयरन लेडी के रूप में याद किया जाता है. दोनों ने ही देश को जोड़ने और एकता बनाए रखने के लिए अपना जीवन समर्पित किया.
कांग्रेस अध्यक्ष श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखे पत्र का किया जिक्र
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खरगे ने पटेल के उस ऐतिहासिक पत्र का जिक्र भी किया जो उन्होंने आरएसएस के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को लिखा था. उन्होंने कहा कि उस पत्र में पटेल ने स्पष्ट कहा था कि गांधी जी की हत्या के लिए आरएसएस का माहौल जिम्मेदार था. खरगे ने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि 'आप लोग बार-बार नेहरू और पटेल के बीच मतभेद की बातें करते हैं, जबकि दोनों के बीच गहरा सम्मान और सहयोग का रिश्ता था.' उन्होंने यह भी कहा कि नेहरू ने ही गुजरात में पटेल की प्रतिमा का अनावरण किया था और सरदार सरोवर बांध की नींव रखी थी.
इधर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी गुजरात के एकता नगर में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के पास आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में पटेल को याद किया. उन्होंने कहा कि सरदार पटेल पूरे कश्मीर को भारत में मिलाना चाहते थे, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ऐसा नहीं होने दिया. मोदी ने कहा कि पटेल ने कभी इतिहास लिखने में समय बर्बाद नहीं किया, बल्कि वह इतिहास बनाने में विश्वास रखते थे. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि नेहरू की नीतियों के कारण कश्मीर को अलग संविधान और झंडा मिला, जिसका नुकसान देश को दशकों तक उठाना पड़ा.
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कुल मिलाकर कर्नाटक से उठी यह राजनीतिक बहस अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है. एक तरफ कांग्रेस आरएसएस को 'देश की फसाद की जड़' बता रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे कांग्रेस की हताशा करार दे रही है. अब देखना यह है कि इस विवाद का अगला अध्याय क्या मोड़ लेता है, क्योंकि फिलहाल दोनों दल एक-दूसरे पर हमलावर तेवर में नजर आ रहे हैं.