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हरियाणा में किसानों के लिए बड़ा कदम, 1.38 करोड़ को मिलेगा यूनिक Farm ID, जानिए क्या होगा फायदा

Haryana CM: इस पहल से हरियाणा के किसान डिजिटल रूप से सशक्त होंगे, उनकी पहचान सुरक्षित होगी और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ तेज और पारदर्शी तरीके से मिलेगा.

Image Source: Social Media
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Haryana Farmer Yojana: हरियाणा सरकार किसानों की डिजिटल पहचान को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठा रही है. राज्य के 1.38 करोड़ किसानों का पंजीकरण Farmer Registry (AgriStack) के तहत किया जाएगा. इस पंजीकरण में किसानों की पहचान आधार कार्ड आधारित OTP प्रमाणीकरण के जरिए होगी. हर किसान को एक यूनिक Farm ID दी जाएगी. इसका मकसद यह है कि किसानों की पहचान सटीक, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल हो, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ तेज और सही तरीके से मिल सके.

गांव-गांव होगा विशेष अभियान


राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त सुमिता मिश्रा ने किसानों के पंजीकरण प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने सभी उपायुक्तों को कहा है कि राजस्व और कृषि विभाग के साथ मिलकर गांव स्तर पर विशेष अभियान चलाएं और रजिस्ट्रेशन कैंप आयोजित करें. सुमिता मिश्रा ने Farmer Registry और Digital Crop Survey (DCS) की प्रगति की समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की. इस बैठक में उपायुक्त, जिला राजस्व अधिकारी और तहसीलदार मौजूद थे.

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फरवरी 2026 तक पूरा होगा रजिस्ट्रेशन

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फाइनेंस आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि Farmer Registry और Digital Crop Survey दोनों को फरवरी 2026 तक पूरा करना जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्रित अभियान और किसानों की अधिकतम भागीदारी इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी.

आधार OTP से होगा प्रमाणीकरण

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सुमिता मिश्रा ने इसे किसानों के लिए ‘ट्रांसफॉर्मेशनल पहल’ बताया. उन्होंने कहा कि आधार OTP आधारित प्रमाणीकरण से 1.38 करोड़ किसानों की Farm ID बनाई जाएगी. इससे डेटा पूरी तरह सटीक और पारदर्शी होगा. इस प्रक्रिया के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ तेज, कुशल और लक्षित तरीके से किसानों तक पहुंचेगा. सही डेटा संग्रह से डिजिटल भूमि रिकॉर्ड और फसल रिकॉर्ड भी मजबूत होंगे, जिससे योजना लाभ का वितरण और भी आसान होगा.

शुरुआत होगी कुछ जिलों से 

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सुमिता मिश्रा ने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया अंबाला, पंचकूला और फरीदाबाद जिलों से शुरू की जाएगी. इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे हरियाणा में लागू किया जाएगा. इस पहल से हरियाणा के किसान डिजिटल रूप से सशक्त होंगे, उनकी पहचान सुरक्षित होगी और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ तेज और पारदर्शी तरीके से मिलेगा.

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