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तिरंगे के साथ निकली ध्रुव मोटरसाइकिल रैली, सैनिकों और वेटरन्स को सलाम
यह रैली देश की सेवा कर चुके पूर्व सैनिकों के शौर्य, बलिदान और योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मान देने का प्रतीक है. तिरंगे के साथ आयोजित रैली नागरिकों में राष्ट्रप्रेम और एकजुटता की भावना को मजबूत करती है. यह युवाओं को सेना के अनुशासन, साहस और सेवा-भाव से जोड़कर उन्हें प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम है.
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रैली को लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस अवसर पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक और बड़ी संख्या में जवान मौजूद रहे.
इस दौरान राइडर्स ने भारतीय सैनिकों को दिल से सलाम करते हुए इस रैली को नई पीढ़ी को सेना के मूल्यों से जोड़ने और वेटरन्स के योगदान को सम्मान देने का सशक्त माध्यम बताया है. कई पूर्व सैनिकों ने इसे गर्व और भावनात्मक क्षण बताया.
ध्रुव मोटरसाइकिल रैली में शामिल सैनिक क्या बोले
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मोहन वीर सिंह ने कहा, "मैंने इसके लिए छुट्टी ली है. अगले 10 दिन हम आर्मी के साथ इसमें हिस्सा लेंगे. हमें अपनी सेना पर गर्व है. हमारे सैनिक दिन-रात मुश्किल परिस्थितियों में रहते हुए देश की रक्षा करते हैं. हम अपने सैनिकों को दिल से सलाम करते हैं."
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एक अन्य राइडर ने कहा, "इस आयोजन के लिए रॉयल एनफील्ड और का धन्यवाद, जिन्होंने हमें ये मौका दिया. इससे हमें आर्मी को बेहतर तरीके से समझने का मौका मिलेगा. हम सिर्फ यह जानते हैं कि सैनिकों का जीवन मुश्किल है, लेकिन यह कितना मुश्किल है, ये उनके साथ रहकर ही पता लगाया जा सकता है. यह हमारे लिए बहुत अच्छा मौका है."
वीर सैनिकों को दी श्रद्धांजलि
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यह रैली देश की सेवा कर चुके पूर्व सैनिकों के शौर्य, बलिदान और योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मान देने का प्रतीक है. तिरंगे के साथ आयोजित रैली नागरिकों में राष्ट्रप्रेम और एकजुटता की भावना को मजबूत करती है. यह युवाओं को सेना के अनुशासन, साहस और सेवा-भाव से जोड़कर उन्हें प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम है. ऐसी पहल से आम जनता और भारतीय सेना के बीच भावनात्मक जुड़ाव और विश्वास बढ़ता है.