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केदारनाथ धाम की यात्रा पर बड़ा खतरा मंडराया! कपाट खुलने से पहले ही फैला खतरनाक वायरस! सभी घोड़े और खच्चर होंगे क्वारंटीन
बता दें कि केदारनाथ धाम यात्रा के कपाट खुलने से पहले ही इस यात्रा पर खतरनाक वायरस का साया मंडरा रहा है। खबरों के मुताबिक घोड़े और खच्चरों के अंदर एक्वाईन इनफ्लुएंजा वायरस मिला है। इसके अलावा 12 अन्य अश्ववंशीय पशुओं में यह वायरस मिला है। जिन्हें क्वारंटीन कर दिया गया है। इस मामले के सामने आने के बाद सभी अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है।
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चारधाम की यात्रा जल्द ही शुरू होने वाली है। इनमें केदारनाथ धाम की भी कपाट खुलने की तैयारी हो गई है। लेकिन इस यात्रा से पहले एक खतरनाक वायरस मिला है। इस वायरस की वजह से हड़कंप मच गया है। खबर मिलते ही उत्तराखंड सरकार अलर्ट मोड पर आ गई है। सभी घोड़े और खच्चर को क्वारंटीन करने की तैयारी है। पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सचिवालय में बैठक कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है।
केदारनाथ धाम यात्रा के कपाट खुलने से पहले ही मिला खतरनाक वायरस
बता दें कि केदारनाथ धाम यात्रा के कपाट खुलने से पहले ही इस यात्रा पर खतरनाक वायरस का साया मंडरा रहा है। खबरों के मुताबिक घोड़े और खच्चरों के अंदर एक्वाईन इनफ्लुएंजा वायरस मिला है। इसके अलावा 12 अन्य अश्ववंशीय पशुओं में यह वायरस मिला है। जिन्हें क्वारंटीन कर दिया गया है।
इस मामले के सामने आने के बाद सभी अधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है।
चारधाम यात्रा के दौरान सभी घोड़े और खच्चरों की सही ढंग से स्क्रीनिंग करने को कहा गया है। पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने सख्त हिदायत देते हुए सभी कर्मचारियों और अधिकारियों से किसी भी तरह के लापरवाही होने पर एक्शन लेने की बात कही है।
पशुओं में काफी तेजी से फैलती है यह बीमारी
जिस वायरस की पुष्टि हुई है। वह पशुओं में काफी तेजी से फैलती है। यही वजह है कि घोड़े और खच्चरों के मालिकों को भी हिदायत दी गई है कि अन्य जानवर इनसे दूर रहे। उत्तराखंड की सभी पशु रोग नियंत्रण चौंकियों पर स्क्रीनिंग के लिए कहा गया है। केदारनाथ रुद्रप्रयाग जिले में आता है। यहां के जिलाधिकारी को इस रोग को रोकने के लिए सभी ऐहतियात बरतने को कहा गया है।
उत्तराखंड के सभी जिलों में अलर्ट रुद्रप्रयाग में बनेंगे दो क्वारंटीन सेंटर
इस वायरस से निपटने के लिए कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बड़ा फैसला लिया है। ऐहतियात बरतने के लिए रुद्रप्रयाग जिले में 2
क्वारंटीन केंद्र बनाए जाने का आदेश दिया है।
एक फाटा और दूसरा कोटमा में बनाया जाएगा। चारधाम यात्रा में किसी भी रोगग्रस्त घोड़े व खच्चर को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। जानकारी के लिए बता दें कि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालु ज्यादातर संख्या में घोड़े और खच्चरों का उपयोग करते हैं। बाकी अन्य राज्यों से भी यहां घोड़े-खच्चर आते हैं। राज्य के सीमावर्ती इलाकों को भी अलर्ट रहने को कहा गया है। पशुपालन मंत्री ने कहा है किसी भी घोड़े को बिना स्वास्थ्य परीक्षण के आगे जाने नहीं दिया जाएगा। इन सभी के लिए दवाइयां भी उपलब्ध रहेंगी।
मुक्तेश्वर में होगी सैंपलों की जांच
उत्तराखंड के पांच जिलों के सभी घोड़े व खच्चरों के सीरोलॉजिकल सैंपल लिए जाएंगे। इसकी जांच वेटरी रिसर्च इंस्टीट्यूट मुक्तेश्वर में कराई जाएगी। इस दौरान अगर कोई अश्ववंशीय पॉजिटिव पाया जाता है। तो उसे क्वारंटीन किया जाएगा। उसके सैंपल की दोबारा 12 दिनों बाद जांच होगी। जब तक उसका रिपोर्ट नेगेटिव नहीं आएगा। तब तक उसे यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए संबंधित मालिक को रिपोर्ट दिखानी होगी।
उत्तराखंड चारधाम यात्रा के कपाट कब खुल रहें
उत्तराखंड के चारधाम यात्रा की कपाट खुलने के तारीखों का ऐलान हो चुका है। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट 30 अप्रैल को खोले जाएंगे। चमोली जिले में स्थित बद्रीनाथ के कपाट 4 मई, केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई, हेमकुंड साहिब के कपाट 25 मई को खुलेंगे।
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