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मध्य प्रदेश से पिछले छह सालों में 6172 बच्चे गायब हुए, आखिर ये बच्चे कहां गुम हो गए? बढ़ते आंकड़े देख हर कोई हैरान

मध्य प्रदेश के छह जिलों से 6 हजार 172 बच्चे गायब हैं। आखिर ये बच्चे कहां गुम हो गए? बढ़ते आंकड़े देख हरकोई हैरान.

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बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज से बीते रोज एक नवजात शिशु के अपहरण की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. लेकिन यह एक अकेली घटना नहीं है. जब हम सागर संभाग के आँकड़ों पर नज़र डालते हैं तो स्थिति और भी गंभीर नज़र आती है. बीते साढ़े चार सालों में इस संभाग के छह जिलों से कुल 6172 बच्चे-बच्चियाँ लापता हुए हैं. ये बच्चे कहां गए, किस हाल में हैं, यह अब तक एक बड़ा सवाल बना हुआ है.

MP में छह जिलों से गायब 6172 बच्चे

सागर संभाग में आने वाले सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना और निवाड़ी जिलों में बच्चों के लापता होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. पुलिस कुछ मामलों को सुलझाने में सफल रही है, लेकिन ग्रामीण इलाकों से लापता बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है. कई बच्चियां तो वर्षों से गायब हैं और आज तक उनकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.

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बच्चों के गायब होने से पुलिस भी हैरान 

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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, लापता होने वाले बच्चों में केवल लड़कियां ही नहीं, बल्कि लड़कों की संख्या भी बड़ी है. ये सभी बच्चे आज भी पुलिस रिकॉर्ड में गुमशुदा के रूप में दर्ज हैं. परिवार और पुलिस ने इन्हें तलाशने की हर संभव कोशिश की, लेकिन परिणाम शून्य ही रहा.

सागर जिला प्रदेश में 5वें नंबर पर

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मध्यप्रदेश में नाबालिग बच्चियों के लापता होने के मामलों में सागर जिला पाँचवे स्थान पर है.

राज्य स्तरीय आंकड़े इस प्रकार हैं: इंदौर: 2702 बच्चियां गुम, धार: 2222, जबलपुर: 2048, भोपाल शहर: 1515, सागर: 1743, ग्वालियर: 1268, उज्जैन: 1079

बड़े शहर के मुकाबले छोटे शहर ज्यादा बच्चे गायब 

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एक और हैरान कर देने वाला पहलू यह है कि बड़े शहरों के मुकाबले छोटे शहरों से बच्चियों के लापता होने की दर अधिक है, जो ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.

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