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महाराष्ट्र में 189 चीनी फैक्ट्रियों ने शुरू की पेराई, कोल्हापुर डिवीजन रिकवरी में नंबर वन

Maharashtra: पूरे राज्य की औसत चीनी रिकवरी 8.42 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो पिछले साल के मुकाबले बेहतर है. इस समय राज्य में कुल 189 चीनी फैक्ट्रियां चल रही हैं, जिनमें 93 सहकारी और 96 निजी फैक्ट्रियां शामिल हैं.

Image Source: Social Media
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189 Sugar Factories In Maharashtra: शुगर कमिश्नरेट की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 17 दिसंबर 2025 तक राज्य में गन्ना पेराई और चीनी उत्पादन में अच्छी तेजी देखने को मिली है. अब तक कुल 408.63 लाख टन गन्ने की पेराई हो चुकी है, जिससे 344.26 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया गया है. पूरे राज्य की औसत चीनी रिकवरी 8.42 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो पिछले साल के मुकाबले बेहतर है. इस समय राज्य में कुल 189 चीनी फैक्ट्रियां चल रही हैं, जिनमें 93 सहकारी और 96 निजी फैक्ट्रियां शामिल हैं.

पिछले साल के मुकाबले इस साल बेहतर

स्थिति
अगर पिछले सीजन की बात करें तो इसी समय पर 232.29 लाख टन गन्ने की पेराई हुई थी और 189.43 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था. उस समय औसत रिकवरी 8.15 प्रतिशत थी. इस तुलना से साफ है कि इस साल न सिर्फ पेराई और उत्पादन ज्यादा हुआ है, बल्कि चीनी रिकवरी में भी सुधार देखने को मिला है.

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पुणे और कोल्हापुर डिवीजन सबसे आगे


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राज्य में पुणे डिवीजन गन्ना पेराई में सबसे आगे है. यहां कुल 30 फैक्ट्रियां चल रही हैं, जिनमें 17 सहकारी और 13 निजी हैं. अब तक पुणे डिवीजन में 101.05 लाख टन गन्ने की पेराई हो चुकी है और 87.84 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है. यहां की रिकवरी 8.69 प्रतिशत है.
वहीं कोल्हापुर डिवीजन चीनी रिकवरी में सबसे आगे है. यहां 90.44 लाख टन गन्ने की पेराई कर 89.16 लाख क्विंटल चीनी बनाई गई है. इस डिवीजन की रिकवरी 9.86 प्रतिशत है, जो राज्य में सबसे ज्यादा ह. यहां कुल 35 फैक्ट्रियां चल रही हैं.

सोलापुर और अहिल्यानगर डिवीजन की स्थिति


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सोलापुर डिवीजन गन्ना पेराई में तीसरे स्थान पर है. यहां कुल 43 फैक्ट्रियां चल रही हैं. अब तक 87.87 लाख टन गन्ने की पेराई और 66.73 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हो चुका है. इस डिवीजन की रिकवरी 7.59 प्रतिशत है.
अहिल्यानगर (अहमदनगर) डिवीजन चौथे नंबर पर है. यहां 26 फैक्ट्रियां चल रही हैं, जिन्होंने 48.29 लाख टन गन्ने की पेराई और 37.95 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है. यहां की रिकवरी 7.86 प्रतिशत दर्ज की गई है.

अन्य डिवीजनों का हाल

छत्रपति संभाजीनगर डिवीजन में कुल 21 फैक्ट्रियां शुरू हो चुकी हैं. यहां अब तक 37.39 लाख टन गन्ने की पेराई और 26.83 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है. रिकवरी 7.18 प्रतिशत रही है.
नांदेड़ डिवीजन में 29 फैक्ट्रियां चल रही हैं. यहां 39.31 लाख टन गन्ने की पेराई कर 32.15 लाख क्विंटल चीनी बनाई गई है. इस डिवीजन की रिकवरी 8.18 प्रतिशत है.
अमरावती डिवीजन में फिलहाल सिर्फ 4 फैक्ट्रियां चल रही हैं. यहां 4.25 लाख टन गन्ने की पेराई और 3.59 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है. रिकवरी 8.45 प्रतिशत है.

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नागपुर डिवीजन सबसे पीछे


राज्य में नागपुर डिवीजन की स्थिति सबसे कमजोर है. यहां अब तक सिर्फ एक फैक्ट्री शुरू हुई है, जिसमें 0.03 लाख टन गन्ने की पेराई और 0.01 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है. इस डिवीजन की चीनी रिकवरी केवल 3.33 प्रतिशत है, जो पूरे राज्य में सबसे कम है.

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कुल मिलाकर स्थिति संतोषजनक
कुल मिलाकर देखा जाए तो इस साल राज्य में गन्ना पेराई और चीनी उत्पादन पिछले साल की तुलना में बेहतर स्थिति में है। कई डिवीजन अच्छे प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में अभी और सुधार की जरूरत है. आने वाले दिनों में फैक्ट्रियों की संख्या और बढ़ने के साथ उत्पादन में और तेजी आने की उम्मीद है.

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