Advertisement
संकट की घड़ी में सबसे पहले 112, हरियाणा ने रचा 2.75 करोड़ से ज्यादा भरोसे का नया रिकॉर्ड, आपात सेवा बनी देश के लिए मिसाल
Haryana: अगर इसी तरह सुधार और तेजी बनी रही, तो आने वाले समय में हरियाणा-112 न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक आदर्श आपातकालीन सेवा मॉडल बन सकता है.
Advertisement
Haryana: हरियाणा की एकीकृत आपातकालीन सेवा हरियाणा-112 ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदलकर रख दिया है. पुलिस, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी जरूरी सेवाओं को एक ही नंबर पर जोड़ने वाली यह व्यवस्था आज सिर्फ एक हेल्पलाइन नहीं रही, बल्कि आम लोगों के लिए संकट के समय सबसे भरोसेमंद सहारा बन चुकी है. यही वजह है कि दिसंबर 2025 तक 112 नंबर पर 2.75 करोड़ से ज्यादा कॉल दर्ज की जा चुकी हैं. इसका सीधा मतलब है कि जब भी कोई मुसीबत आती है, तो हरियाणा की जनता सबसे पहले 112 को ही फोन करती है.
एक नंबर, हर तरह की मदद
12 जुलाई 2021 को शुरू हुई हरियाणा-112 सेवा ने लोगों की बड़ी परेशानी दूर कर दी है. पहले अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग नंबर याद रखने पड़ते थे, लेकिन अब पुलिस, एम्बुलेंस, फायर सर्विस, ट्रैफिक, महिला हेल्पलाइन, बच्चों से जुड़ी सहायता, साइबर क्राइम और आपदा प्रबंधन सब कुछ सिर्फ 112 नंबर पर उपलब्ध है. अब किसी आपात स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं, बस 112 डायल करना ही काफी है.
Advertisement
पहले से कहीं ज्यादा तेज पहुंच रही है मदद
Advertisement
हरियाणा-112 की सबसे बड़ी ताकत इसका तेज रिस्पॉन्स टाइम है.. पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के अनुसार, जुलाई 2021 में पुलिस ईआरवी (इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल) को मौके पर पहुंचने में औसतन 16 मिनट 14 सेकंड लगते थे. लेकिन लगातार सुधार और तकनीक के इस्तेमाल से दिसंबर 2025 तक यह समय घटकर 9 मिनट 33 सेकंड रह गया है. इसका मतलब है कि अब मदद पहले से कहीं ज्यादा जल्दी लोगों तक पहुंच रही है.
जनता के भरोसे पर खरा उतरा 112
Advertisement
हरियाणा-112 पर लोगों का भरोसा सिर्फ कॉल की संख्या से ही नहीं, बल्कि संतुष्टि रिपोर्ट से भी साफ झलकता है. 2025 के अंत तक किए गए सर्वे में 92.60 प्रतिशत कॉलर्स ने सेवाओं को संतोषजनक बताया. यह बताता है कि लोग न सिर्फ 112 पर कॉल कर रहे हैं, बल्कि मिलने वाली मदद से खुश भी हैं
दुनिया के सबसे तेज इमरजेंसी मॉडल की ओर कदम
डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक हरियाणा-112 को दुनिया की सबसे तेज आपातकालीन सेवाओं में शामिल किया जाए. इसके लिए सिस्टम को और आधुनिक बनाया जा रहा है. आने वाले समय में पूरी व्यवस्था ऑटो-डिस्पैच, एआई आधारित सपोर्ट और रियल-टाइम मॉनिटरिंग से लैस होगी, ताकि हादसे या संकट के शुरुआती “गोल्डन मिनट्स” में ही मदद पहुंचाई जा सके.
Advertisement
ऑटो डिस्पैच और जीपीएस से बढ़ी पारदर्शिता
हरियाणा-112 अब पूरी तरह तकनीक के सहारे आगे बढ़ रहा है. जुलाई 2025 में पंचकूला में ऑटो डिस्पैच सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया. इसमें जैसे ही एसओएस कॉल आती है, बिना किसी मानवीय देरी के नजदीकी ईआरवी अपने-आप मौके के लिए रवाना हो जाती है. इस प्रयोग की सफलता के बाद इसे दूसरे जिलों में भी लागू करने की तैयारी है. इसके साथ ही जीपीएस आधारित परफॉर्मेंस ऑडिट सिस्टम लागू किया गया है, जो हर घटना के बाद यह जांच करता है कि वाहन कितनी तेजी से चला, कितनी दूरी तय की और कितने समय में पहुंचा. इससे जवाबदेही बढ़ी है और व्यवस्था ज्यादा पारदर्शी बनी है.
निजी एम्बुलेंस भी बनीं मददगार
Advertisement
सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को जल्दी इलाज मिल सके, इसके लिए अब निजी अस्पतालों की एम्बुलेंस को भी हरियाणा-112 से जोड़ा जा रहा है. फिलहाल पार्क हॉस्पिटल ग्रुप की पांच एम्बुलेंस इस पायलट प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं. एडीजीपी हरदीप दून के मुताबिक, आगे चलकर ईआरवी की संख्या, रूटिंग सिस्टम और तकनीकी क्षमता को और मजबूत किया जाएगा.
देश ही नहीं, दुनिया के लिए मिसाल बन रहा हरियाणा-112
यह भी पढ़ें
अगर इसी तरह सुधार और तेजी बनी रही, तो आने वाले समय में हरियाणा-112 न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक आदर्श आपातकालीन सेवा मॉडल बन सकता है. यह व्यवस्था दिखाती है कि सही तकनीक, मजबूत योजना और जनहित की सोच मिल जाए, तो सुरक्षा व्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है.