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1 लाख करोड़ की योजना, ₹15 हजार की सौगात... GST में कमी से लेकर युवाओं के लिए रोजगार योजना तक, PM मोदी ने देश को दिया 'डबल दिवाली' धमाका

Independence Day 2025: लाल किले की प्राचीर से PM मोदी ने देश के लोगों के लिए दो बड़े ऐलान किए. उन्होंने करीब 1 लाख करोड़ की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का ऐलान किया. साथ ही उन्होंने देशवासियों के लिए बड़े GST सुधारों और जीएसटी दरों में कमी का ऐलान किया. इसे पीएम का दिवाली धमाका ऑफर कहा जा रहा है.

Image: PM Modi Speech From Red Fort / Screengrab
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भारत आज अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. बतौर प्रधानमंत्री, पीएम मोदी ने कई रिकॉर्ड तोड़ते हुए लाल किले से अपना और राष्ट्र के नाम 12वां संबोधन दिया. उन्होंने इस दौरान देशवासियों के लिए कई सरोकारी, कल्याणकारी ऐलान किए और राहत दिए. एक युवाओं के लिए तो दूसरा देश के हर कामगार तबके और महंगाई पर चोट के लिहाज से प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से दो बड़े ऐलान किए.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि आज से यानी 15 अगस्त से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू हो रही है, जिसकी कुल लागत 1 लाख करोड़ रुपए होगी. इस योजना का उद्देश्य निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाना और युवाओं को आर्थिक प्रोत्साहन देना है.

निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वालों को 15 हजार रुपए दिए जाएंगे

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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "देश के नौजवानों के लिए बड़ी खबर है. आज से प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना लागू कर दी गई है. इस योजना के तहत, निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले बेटे-बेटियों को सरकार की तरफ से 15 हजार रुपए दिए जाएंगे."

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अधिक रोजगार सृजन करने वालों को भी प्रोत्साहन देगी सरकार

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत, जिन कंपनियों द्वारा अधिक रोजगार सृजन किया जाएगा, उन्हें भी सरकार प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी. प्रधानमंत्री मोदी ने दावा किया कि इस योजना से करीब 3.5 करोड़ युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

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प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना क्या है?

ये योजना सरकार की एक नई पहल है जिसका मकसद है ज्यादा से ज्यादा लोगों को नौकरी देना और कंपनियों को प्रोत्साहन देना ताकि वे नए कर्मचारियों को हायर करें. खासकर यह योजना युवाओं, MSME (छोटे और मझोले उद्योगों), और मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर ज़्यादा ध्यान देती है.


15,000 रुपये किसे मिलेंगे और कैसे?

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 जो युवा पहली बार प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं और EPFO (Employees' Provident Fund Organization) में रजिस्टर्ड हैं, उन्हें ये पैसा मिलेगा.
 कुल ₹15,000 की मदद दो किश्तों में दी जाएगी:

  •  पहली किश्त: जब नौकरी में 6 महीने पूरे हो जाएंगे.
  • दूसरी किश्त: जब 12 महीने की नौकरी पूरी होगी और फाइनेंशियल लिटरेसी ट्रेनिंग कर लेंगे.
  •  लेकिन ये फायदा सिर्फ उन्हीं को मिलेगा जिनकी सैलरी ₹1 लाख प्रति महीना से कम है.

 कंपनियों को क्या फायदा होगा?

  •  सरकार उन कंपनियों को भी फायदा देगी जो नए लोगों को नौकरी पर रखेंगी.
  •  हर नए कर्मचारी पर सरकार कंपनी को ₹3,000 प्रति महीना तक की सहायता देगी, 2 साल तक.
  •  अगर कर्मचारी 6 महीने से ज्यादा काम करता है, तभी कंपनी को ये पैसा मिलेगा.
  •  मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को खास तरजीह दी जाएगी, और वहां ये मदद तीसरे और चौथे साल तक भी बढ़ सकती है.


 नेक्स्ट जेनरेशन सुधारों के लिए टास्क फोर्स और GST में कमी

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पीएम मोदी ने अफने संबोधन में कहा कि नेक्स्ट जेनरेशन सुधारों के लिए टास्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया गया है. हमारा लक्ष्य अब हर क्षेत्र में बदलाव लाना है. इस दिवाली मैं आपकी खुशी को दोगुना करने जा रहा हूं. देशवासियों को बड़ा तोहफा मिलने वाला है. समय की जरूरत है कि जीएसटी दरों की समीक्षा की जाए. हम नई पीढ़ी का GST रिफॉर्म लागू करने जा रहे हैं. आम लोगों के लिए टैक्स घटेगा और GST दरों में बड़े पैमाने पर कमी होगी.
हर क्षेत्र में सुधार लाना हमारा लक्ष्य!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस की एक साहसिक घोषणा में शासन, कराधान और सार्वजनिक सेवा वितरण में अगली पीढ़ी के सुधारों का नेतृत्व करने के लिए एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की. स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कर प्रणाली और जनसेवाओं में सुधार के लिए सरकार एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स बनाएगी. उन्होंने कहा कि हमने अगली पीढ़ी के सुधारों के लिए एक टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया है. हमारा लक्ष्य हर क्षेत्र में सुधार लाना है.

देश के लोगों को इस साल 'डबल दिवाली'
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों के लिए इस साल 'डबल दिवाली' का वादा किया. गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) में व्यापक बदलावों का संकेत देते हुए उन्होंने कहा कि इस दिवाली मैं आपके लिए डबल दिवाली मनाने जा रहा हूं. देशवासियों को एक बड़ा तोहफा मिलने वाला है, आम घरेलू वस्तुओं पर जीएसटी में भारी कटौती होगी. पीएम मोदी ने जीएसटी दरों की समीक्षा की तत्काल आवश्यकता पर जोर देते हुए इसे समय की मांग बताया.

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आम लोगों पर टैक्स कम होगा

उन्होंने घोषणा की कि सरकार आम नागरिकों पर टैक्स का बोझ कम करने के उद्देश्य से एक नई पीढ़ी का जीएसटी सुधार तैयार कर रही है. उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में भारी कमी की जाएगी. आम लोगों के लिए टैक्स कम किया जाएगा.

GST लागू हुए 8 साल पूरे हुए
बता दें कि जीएसटी को लागू हुए आठ साल पूरे हो चुके हैं और यह भारत की आजादी के बाद की सबसे बड़ी कर सुधारों में से एक बन गया है. 2017 में शुरू होने के बाद, जीएसटी ने देश की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को एकजुट किया और खासकर छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए व्यापार करना आसान बनाया.

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अपने संबोधन के दौरान देशभर के व्यापारियों से पीएम मोदी ने अपील की कि वे स्वदेशी उत्पादों को मजबूरी में नहीं, बल्कि मजबूती के साथ अपनाएं और उनका प्रचार करें, जिससे आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य साकार हो. उन्होंने कहा कि मजबूरी में नहीं, मजबूती से स्वदेशी का उपयोग करें. स्वदेशी को बढ़ावा देना किसी राजनीतिक दल का एजेंडा नहीं, बल्कि सभी भारतीयों का साझा मंत्र होना चाहिए.

'यहां स्वदेशी माल बिकता है'
पीएम ने स्वदेशी का मंत्र देते हुए कहा, "मैं हर छोटे-मोटे व्यापारी दुकानदार से आग्रह करूंगा क्योंकि ये आपकी भी जिम्मेवारी है. जब हम छोटे थे तो देखते थे घी की दुकान पर लिखा होता था घी की दुकान. फिर लिखा जाने लगा शुद्ध घी की दुकान. मैं चाहता हूं देश में ऐसे व्यापारी आगे आएं जो स्वदेशी का गर्व करें और लिखें बोर्ड लगाएं, 'यहां स्वदेशी माल बिकता है.' हम मजबूरी में नहीं मजबूती के साथ आगे बढ़ें और मजबूती के लिए इनका उपयोग करें और जरूरत पड़े तो दूसरे को मजबूर करने के लिए इसका प्रयोग करें."

उन्होंने आगे कहा कि आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक आयात-निर्यात या वित्तीय पहलुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश और समाज के समग्र सामर्थ्य, आत्मविश्वास और स्वावलंबन से जुड़ी है. जब हम आत्मनिर्भर होते हैं, तो हमारी क्षमताएं मजबूत होती हैं और यह सामर्थ्य देश की प्रगति, संस्कृति और पहचान को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

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पीएम मोदी का IT के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर
इसके साथ ही पीएम मोदी ने तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि आज आईटी का युग है, डाटा की ताकत है. क्या यह समय की मांग नहीं है कि ऑपरेटिंग सिस्टम से लेकर साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक, सारी तकनीक हमारी अपनी हो, जिन पर हमारे ही लोगों का सामर्थ्य और नियंत्रण हो.

इससे पहले, ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अभी भी कई देशों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिसके लिए पेट्रोल, डीजल और गैस पर लाखों-करोड़ों रुपए खर्च होते हैं. उन्होंने कहा कि अगर हम ऊर्जा में आत्मनिर्भर होते, तो ये धन देश के युवाओं और गरीबी दूर करने में लगाया जा सकता था.

सौर ऊर्जा उत्पादन में हुई अभूतपूर्व वृद्धि
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान बताया कि पिछले 11 वर्षों में सौर ऊर्जा उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, नए बांधों के जरिए हाइड्रो पावर का विस्तार हो रहा है और मिशन ग्रीन हाइड्रोजन के तहत हजारों करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है. इसके साथ ही, 10 नए परमाणु रिएक्टर कार्यरत हैं और 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को 10 गुना से अधिक बढ़ाने का लक्ष्य है. इसके लिए प्राइवेट सेक्टर के लिए भी परमाणु ऊर्जा के द्वार खोल दिए गए हैं.

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प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि हमने यह तय किया कि हम 2030 तक हम क्लीन एनर्जी लाएंगे. हम अपने संकल्प को 50 प्रतिशत पूरा कर चुके हैं. बजट का एक बड़ा हिस्सा पेट्रोल, गैस लाने में खर्च होता है. अगर हम ऊर्जा में निर्भर न होते तो वो धन देश के युवाओं, गरीबी दूर करने के लिए काम आता. अब हम आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ रहे हैं. हम अब समुद्र मंथन की ओर जा रहे हैं. हम समुद्र के भीतर तेल और गैस भंडार खोजने की दिशा में काम कर रहे हैं. भारत नया मिशन शुरू करने जा रहा है.

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