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प्रयागराज संगम स्टेशन महाकुंभ तक बंद, उत्तर रेलवे ने बढ़ाई सतर्कता, नई दिल्ली भगदड़ के बाद बड़ा फैसला

रेलवे के लिए भीड़ को नियंत्रित करना किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन, जो त्रिवेणी संगम के सबसे करीब है, वहां स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि रेलवे ने इसे 26 फरवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया।

प्रयागराज संगम स्टेशन महाकुंभ तक बंद, उत्तर रेलवे ने बढ़ाई सतर्कता, नई दिल्ली भगदड़ के बाद बड़ा फैसला
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देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में से एक, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ ने भारतीय रेलवे को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 18 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। हादसे के बाद उत्तर रेलवे पूरी तरह सतर्क हो गया है और खासतौर पर महाकुंभ में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन को 26 फरवरी तक के लिए बंद करने का बड़ा फैसला लिया गया है।
रेलवे प्रशासन हाई अलर्ट पर
प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हर बार लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस बार भी स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। रेलवे के लिए भीड़ को नियंत्रित करना किसी चुनौती से कम नहीं है। प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन, जो त्रिवेणी संगम के सबसे करीब है, वहां स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि रेलवे ने इसे 26 फरवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया। इससे पहले, स्टेशन को 14 फरवरी तक बंद करने की घोषणा की गई थी, लेकिन भीड़ में कोई कमी नहीं आई, बल्कि हालात और गंभीर होते गए। इस कारण प्रशासन को मजबूरन इसे 16 फरवरी तक और फिर पूरे महाकुंभ के दौरान यानी 26 फरवरी तक बंद रखने का फैसला करना पड़ा।
यात्रियों को दूसरे स्टेशनों का करना होगा रुख
प्रयागराज संगम स्टेशन पर ट्रेनों के संचालन पर रोक लगने से यात्रियों को अब प्रयागराज जंक्शन या प्रयाग स्टेशन का रुख करना होगा। जो यात्री अयोध्या, जौनपुर, लखनऊ या अन्य रूट पर यात्रा कर रहे हैं, उन्हें अब दूसरे रेलवे स्टेशनों से ट्रेन पकड़नी होगी। रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि प्रयागराज संगम स्टेशन को 27 फरवरी की रात 12:00 बजे से दोबारा यात्रियों के लिए खोला जाएगा। तब तक श्रद्धालुओं को प्रयागराज जंक्शन या प्रयाग स्टेशन जाना होगा। इससे यात्रियों को थोड़ी असुविधा जरूर होगी, लेकिन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाना जरूरी था।
नई दिल्ली स्टेशन भगदड़
बीती रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जो कुछ हुआ, उसने रेलवे प्रशासन को पूरी तरह से हिला कर रख दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्टेशन पर अचानक यात्रियों की संख्या बढ़ गई और भीड़ काबू से बाहर हो गई। प्लेटफॉर्म पर धक्का-मुक्की शुरू हो गई और देखते ही देखते भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना रेलवे के लिए एक बड़ी चेतावनी साबित हुई, जिससे उसने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपने सभी महत्वपूर्ण स्टेशनों को हाई अलर्ट पर रख दिया। खासतौर पर प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए गए।
भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे की कार्ययोजना
रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन मिलकर महाकुंभ के दौरान यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। रेलवे के सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने बताया कि "यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयाग और फाफामऊ जंक्शन से विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। दैनिक ट्रेनों की संख्या भी बढ़ाई गई है, जिससे यात्रियों को परेशानी न हो।" इसके अलावा, रेलवे की ओर से सभी प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त स्टाफ, सुरक्षाकर्मी और मेडिकल सुविधाओं को तैनात किया गया है। खासकर महाकुंभ के दौरान स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
महाकुंभ हिंदू धर्म का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जो हर 12 साल में आयोजित किया जाता है। इस बार प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान करीब 10 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आने की संभावना जताई जा रही है। इतने बड़े आयोजन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है।
प्रयागराज रेलवे स्टेशन, प्रयागराज संगम स्टेशन और आसपास के अन्य स्टेशन श्रद्धालुओं से खचाखच भरे होते हैं। रेलवे हर साल अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन करता है, विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी करता है और सुरक्षा बढ़ाने के लिए विशेष प्लान बनाता है। लेकिन इस बार नई दिल्ली स्टेशन की भगदड़ को देखते हुए रेलवे को पहले से ज्यादा सतर्क रहना होगा।
क्या यात्रियों को होगी परेशानी?
स्टेशन बंद होने के कारण यात्री थोड़ी परेशानी का सामना कर सकते हैं, लेकिन रेलवे ने उनके लिए वैकल्पिक उपाय पहले ही कर लिए हैं। प्रयागराज संगम जाने वाले श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे पहले से ही अपनी यात्रा की योजना बना लें और प्रयागराज जंक्शन या प्रयाग स्टेशन से ही ट्रेन पकड़ें। इसके अलावा, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बस सेवाएं भी शुरू की जा सकती हैं। इससे संगम की ओर जाने वाले यात्रियों को ज्यादा समस्या नहीं होगी।
प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशन को 26 फरवरी तक बंद करने का फैसला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। रेलवे और प्रशासन मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को कोई कठिनाई न हो। नई दिल्ली स्टेशन पर हुई भगदड़ एक बड़ा सबक है, और रेलवे नहीं चाहता कि ऐसा कोई हादसा फिर से दोहराया जाए।
श्रद्धालुओं को भी सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा को सुव्यवस्थित करें, भीड़ से बचने की कोशिश करें और प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करें। इससे वे महाकुंभ का सुरक्षित और सुखद अनुभव ले सकते हैं।

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