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तीन रात बिना सोए रहना हो सकता है जानलेवा! स्टडी में चौंकाने वाली जानकारी आई सामने
नींद हमारे स्वास्थ्य, खासकर हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है. वयस्कों को हर रात 7 से 9 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेने का लक्ष्य रखना चाहिए. यदि आपको नींद आने में परेशानी होती है, तो एक अच्छी नींद की दिनचर्या अपनाएं, सोने से पहले कैफीन और स्क्रीन टाइम से बचें, और यदि समस्या बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह लें. अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए नींद को प्राथमिकता देना बेहद ज़रूरी है.
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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में नींद की कमी एक आम समस्या बनती जा रही है. लोग अक्सर काम के दबाव में, मनोरंजन या अन्य कारणों से अपनी नींद से समझौता कर लेते हैं. हालांकि, नींद की कमी का असर सिर्फ थकान या चिड़चिड़ापन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे शारीरिक स्वास्थ्य, खासकर हृदय स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकता है. हाल ही में हुए एक अध्ययन ने इस बात पर जोर दिया है कि लगातार तीन रातें बिना सोए रहना हृदय रोग के जोखिम को काफी बढ़ा सकता है. यह एक गंभीर चेतावनी है जिस पर ध्यान देना बेहद ज़रूरी है. स्वीडन की उप्साला यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पाया कि जब नींद पूरी नहीं होती, तो शरीर में सूजन बढ़ जाती है. यही सूजन दिल की बीमारियों की वजह बन सकती है.
हृदय संबंधी स्वास्थ्य के लिए नींद है ज़रूरी
इस अध्ययन के प्रमुख डॉक्टर जोनाथन सेडरनेस ने बताया कि अब तक किए गए ज्यादातर शोधों में अधेड़ उम्र के लोगों पर ध्यान दिया गया है, जिनमें पहले से ही दिल की बीमारी का जोखिम होता है. लेकिन इस बार जब बिल्कुल स्वस्थ और युवा लोगों को कुछ रातों तक ठीक से नहीं सोने दिया गया, तब भी उनके शरीर में वही बदलाव दिखे. इसका मतलब है कि जीवन के शुरुआती दिनों में ही हृदय संबंधी स्वास्थ्य के लिए नींद के महत्व पर जोर देना जरूरी है.
इस शोध में 16 जवान और स्वस्थ पुरुषों को शामिल किया गया. इन सबका वजन सामान्य था और नींद की आदतें भी ठीक थीं. सभी को दो बार एक नींद प्रयोगशाला में रखा गया- एक बार उन्हें तीन रातों तक अच्छी नींद लेने दी गई, और दूसरी बार हर रात सिर्फ़ 4 घंटे की नींद दी गई. दोनों बार खाने और गतिविधियों को भी नियंत्रित रखा गया.
हर सुबह और शाम, उनके खून के नमूने लिए गए- खासकर 30 मिनट की तेज कसरत के बाद. वैज्ञानिकों ने खून में लगभग 90 तरह के प्रोटीन की मात्रा मापी. जब नींद पूरी नहीं हुई थी, तब कई ऐसे प्रोटीन की मात्रा बढ़ी जो शरीर में सूजन और दिल की बीमारियों से जुड़े होते हैं.
शोधकर्ताओं ने बायोमार्कर रिसर्च जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में कहा कि इनमें से कई प्रोटीन पहले से ही हार्ट फेल होने और धमनियों में रुकावट जैसी बीमारियों से जोड़े जा चुके हैं.
कम नींद के बावजूद मिलते हैं कसरत के कुछ फायदे
शोध में यह भी देखा गया कि व्यायाम करने के बाद शरीर की प्रतिक्रिया थोड़ी बदली, अगर व्यक्ति ने कम नींद ली थी. लेकिन अच्छी बात यह रही कि कुछ अच्छे प्रभाव वाले प्रोटीन भी बढ़े. चाहे व्यक्ति ने अच्छी नींद ली हो या नहीं. यानी कम नींद के बावजूद कसरत के कुछ फायदे फिर भी मिलते हैं. हालांकि, वैज्ञानिकों ने यह भी कहा कि जब कम नींद के साथ व्यायाम किया जाता है, तो यह दिल की मांसपेशियों पर थोड़ा ज्यादा असर डाल सकता है.
अंत में सेडरनेस ने कहा कि यह पता लगाने के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है कि महिलाओं, वृद्ध व्यक्तियों, हृदय रोग से पीड़ित रोगियों या अलग-अलग नींद पैटर्न वाले लोगों में ये प्रभाव कैसे भिन्न हो सकते हैं.
यह अध्ययन इस बात पर ज़ोर देता है कि अच्छी नींद हमारे स्वास्थ्य, खासकर हृदय स्वास्थ्य के लिए कितनी महत्वपूर्ण है. वयस्कों को हर रात 7 से 9 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेने का लक्ष्य रखना चाहिए. यदि आपको नींद आने में परेशानी होती है, तो एक अच्छी नींद की दिनचर्या अपनाएं, सोने से पहले कैफीन और स्क्रीन टाइम से बचें, और यदि समस्या बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह लें. अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए नींद को प्राथमिकता देना बेहद ज़रूरी है.
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