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थम जाएगी बढ़ती उम्र, ये आसान एक्सरसाइज आपको हमेशा रखेंगी फिट, पावरफुल और एक्टिव

ये आर्टिकल बढ़ती उम्र में फिट और दमदार रहने के लिए आसान और सेफ एक्सरसाइज पर फोकस करता है. इसमें चेयर स्क्वॉट्स, वॉल पुश-अप्स, हील-टू वॉकिंग जैसे व्यायाम हैं, जो मसल्स की ताकत, बैलेंस और स्टैमिना बढ़ाते हैं. ये बुजुर्गों को हेल्दी और एक्टिव लाइफ जीने का रास्ता दिखाता है, साथ ही कुछ एक्सरसाइज से बचने की टिप्स भी देता है. शुरुआत छोटे स्टेप्स से करें और डॉक्टर की सलाह लें.

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उम्र बढ़ने के साथ शरीर की ताकत और ऊर्जा कम होना स्वाभाविक लगता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सही एक्सरसाइज से आप 60, 70 या उससे ज्यादा उम्र में भी पूरी तरह सक्रिय और मजबूत रह सकते हैं? विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित व्यायाम न केवल मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, बल्कि हड्डियों की घनत्व बढ़ाता है, संतुलन सुधारता है और गिरने का खतरा कम करता है. अमेरिकन सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के मुताबिक, 65 साल से ऊपर के वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम एरोबिक व्यायाम और मसल स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज करने चाहिए. अगर आप लंबे समय से व्यायाम से दूर हैं, तो धीरे-धीरे शुरू करें और डॉक्टर से सलाह लें. इस आर्टिकल में हम कुछ 'पावरफुल' एक्सरसाइज के बारे में बताएंगे जो उम्रदराज लोगों के लिए सुरक्षित और प्रभावी हैं.

उम्र बढ़ने के साथ व्यायाम क्यों जरूरी है?

उम्र बढ़ने पर मसल मास और बोन डेंसिटी कम हो जाती है, जिससे कमजोरी, थकान और चोट का खतरा बढ़ जाता है. लेकिन व्यायाम इस प्रक्रिया को धीमा कर सकता है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन एजिंग (एनआईए) के अनुसार, नियमित फिजिकल एक्टिविटी हृदय रोग, डायबिटीज, आर्थराइटिस और यहां तक कि डिमेंशिया जैसी बीमारियों के जोखिम को कम करती है. यह नींद की क्वालिटी सुधारता है, मूड बूस्ट करता है और स्वतंत्र जीवन जीने में मदद करता है. हार्वर्ड हेल्थ के एक अध्ययन में पाया गया कि व्यायाम करने वाले बुजुर्गों में डिप्रेशन के लक्षण 30% तक कम हो जाते हैं. याद रखें, कभी भी देर नहीं होती – 50, 60 या 70 की उम्र में भी शुरू करें!

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उम्रदराज लोगों के लिए पावरफुल एक्सरसाइज

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एक नजरयहां हम कुछ चुनिंदा एक्सरसाइज बता रहे हैं जो स्ट्रेंथ, बैलेंस, फ्लेक्सिबिलिटी और एंड्योरेंस पर फोकस करती हैं. हर एक्सरसाइज को 10-15 मिनट से शुरू करें, सप्ताह में 2-3 बार दोहराएं. अगर कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो फिजियोथेरेपिस्ट की मदद लें.

1. चेयर स्क्वॉट्स (Chair Squats)

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पैरों और कोर की ताकत के लिएयह एक्सरसाइज निचले शरीर को मजबूत बनाती है और रोजमर्रा के काम जैसे उठना-बैठना आसान कर देती है. प्लैनेट फिटनेस के अनुसार, यह गिरने के खतरे को 23% तक कम कर सकती है.

  • कैसे करें : एक मजबूत कुर्सी पर खड़े होकर धीरे से नीचे बैठने की कोशिश करें, लेकिन पूरी तरह न बैठें. फिर खड़े हो जाएं. 8-10 बार दोहराएं.
  • फायदा : हिप और नी एक्सटेंसर्स को पावर देता है, जैसे सीढ़ियां चढ़ना.

2. वॉल पुश-अप्स (Wall Push-Ups)

ऊपरी शरीर की स्ट्रेंथ के लिएयह पारंपरिक पुश-अप्स का सुरक्षित विकल्प है, जो छाती, कंधे और बाजुओं को मजबूत बनाता है. हेल्थलाइन के विशेषज्ञ कहते हैं कि यह बोन्स को स्ट्रॉन्ग करता है.

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  • कैसे करें : दीवार के सामने खड़े होकर हाथों को कंधे की चौड़ाई पर रखें. शरीर को दीवार की ओर झुकाएं, फिर धकेलकर पीछे लौटें. 10-12 बार करें.
  • फायदा : दैनिक काम जैसे सामान उठाना आसान हो जाता है.

3. हील-टू वॉकिंग (Heel-Toe Walking)

बैलेंस सुधारने के लिएबैलेंस कम होना उम्र का सबसे बड़ा खतरा है. एनएचएस के अनुसार, यह एक्सरसाइज संतुलन बढ़ाकर गिरने से बचाती है.

  • कैसे करें : एक पैर के एड़ी को दूसरे पैर के पंजे से जोड़कर सीधी लाइन में 10 कदम चलें. फिर उल्टा करें.
  • फायदा : कोर मसल्स एक्टिवेट होते हैं, जो दैनिक गतिविधियों में स्थिरता देते हैं.

4. लेग रेजेज (Leg Raises)

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कोर और लोअर बैक के लिएयह एक्सरसाइज पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है, जो बैक पेन कम करती है. सीनियर लाइफस्टाइल के अनुसार, यह ऑस्टियोआर्थराइटिस के दर्द में राहत देती है.

  • कैसे करें : पीठ के बल लेटकर एक पैर को सीधा ऊपर उठाएं (घुटना न मोड़ें), 5 सेकंड होल्ड करें. 5-8 बार प्रत्येक पैर.
  • फायदा : भारी बैग उठाना या बच्चों के साथ खेलना आसान.

5. आर्म सर्कल्स (Arm Circles) 

फ्लेक्सिबिलिटी और शोल्डर स्ट्रेंथ के लिएयह सरल एक्सरसाइज कंधों की गतिशीलता बढ़ाती है. न्यूयॉर्क टाइम्स के एक आर्टिकल में डॉ. ब्रायन फीलेय कहते हैं कि यह पावर मूवमेंट्स जैसे बॉक्स-जंपिंग का विकल्प है.

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  • कैसे करें : खड़े होकर बाहों को साइड में फैलाएं और छोटे सर्कल बनाएं (आगे-पीछे). 10 सर्कल प्रत्येक दिशा में.
  • फायदा : जार खोलना या कार से उतरना आसान हो जाता है.

6. सीटेड मार्चिंग (Seated Marching)

एरोबिक और लेग स्ट्रेंथ के लिएयह कम प्रभाव वाला व्यायाम हृदय स्वास्थ्य सुधारता है. एनआईए के अनुसार, यह 150 मिनट वीकली गोल को पूरा करने में मदद करता है.

  • कैसे करें : कुर्सी पर बैठकर बारी-बारी घुटनों को ऊपर उठाएं, जैसे मार्चिंग. 1-2 मिनट करें.
  • फायदा : स्टेमिना बढ़ता है, थकान कम होती है.

7. स्टैंडिंग आर्म रेजेज (Standing Arm Raises)

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बैलेंस और स्ट्रेंथ का कॉम्बोयह ऊपरी और निचले शरीर को एक साथ काम करता है. हेल्पगाइड.ऑर्ग के मुताबिक, यह रिएक्शन टाइम सुधारता है.

  • कैसे करें : खड़े होकर बाहों को साइड में उठाएं, फिर ऊपर ले जाएं. 8-10 बार. 
  • फायदा : तेजी से रिएक्ट करने में मदद, जैसे ट्रिप होने पर. 

ये एक्सरसाइज अवॉइड करें

सभी व्यायाम सुरक्षित नहीं होते. वेबएमडी के अनुसार, 65+ उम्र में लॉन्ग-डिस्टेंस रनिंग, एब्डॉमिनल क्रंचेस, रॉक क्लाइंबिंग या डेडलिफ्ट्स से बचें, क्योंकि ये डिस्क इंजरी या जोड़ों पर दबाव डाल सकते हैं. हमेशा वार्म-अप करें और दर्द होने पर रुकें.

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आज से ही कर दें शुरू! 

स्वस्थ उम्र का राजव्यायाम सिर्फ बॉडी नहीं, माइंड को भी फिट रखता है. एनसीओए के अनुसार, 60+ उम्र में व्यायाम करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और मूड बेहतर रहता है.  ग्रुप क्लासेस या वॉकिंग ग्रुप जॉइन करें, यह सोशल सपोर्ट भी देगा. याद रखें, छोटे कदम बड़े बदलाव लाते हैं. आज ही इन 'पावरफुल' एक्सरसाइज को अपनी रूटीन में शामिल करें और ढलती उम्र को एनर्जेटिक लाइफ में बदल दें! अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर या फिटनेस एक्सपर्ट से संपर्क करें.

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