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रूस ने बनाई कैंसर वैक्सीन, वैज्ञानिकों ने प्रीक्लिनिकल ट्रायल में सफलता का दावा किया

रूस की फेडरल मेडिकल एंड बायोलॉजिकल एजेंसी (FMBA) ने mRNA आधारित कैंसर वैक्सीन विकसित की है, जो प्रीक्लिनिकल टेस्ट में सफल रही है.

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रूस ने कैंसर के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है. रूस की फेडरल मेडिकल एंड बायोलॉजिकल एजेंसी (FMBA)  ने mRNA आधारित कैंसर वैक्सीन  विकसित की है, जो प्रीक्लिनिकल टेस्ट में सफल रही है. FMBA की प्रमुख वेरोनिका स्क्वोर्त्सोवा  ने 10वें ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम (EEF)  (3-6 सितंबर 2025, व्लादिवोस्तोक) में इसकी घोषणा की.  इस वैक्सीन का प्रारंभिक लक्ष्य कोलोरेक्टल कैंसर (कोलन कैंसर) है.

FMBA की प्रमुख वेरोनिका स्क्वोर्त्सोवा ने क्या कहा?

स्कवोर्त्सोवा ने कहा, 'यह शोध कई वर्षों तक चला जिसमें से पिछले तीन साल सिर्फ मैंडेटरी प्रीक्लिनिकल स्टडीज को ही समर्पित थे. वैक्सीन अब इस्तेमाल के लिए तैयार है. हम आधिकारिक स्वीकृति की प्रतीक्षा कर रहे हैं.'

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उन्होंने कहा कि “प्रीक्लिनिकल ट्रायल्स टीके की सुरक्षा, बार-बार इस्तेमाल के बावजूद इसकी प्रभावशीलता की पुष्टि करते हैं. शोधकर्ताओं ने इस दौरान ट्यूमर के आकार में कमी और ट्यूमर के विकास में कमी देखी. इसके अलावा अध्ययनों ने टीके के कारण मरीज की जीवित रहने की दर में वृद्धि का भी संकेत दिया.”

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कई प्रकार के कैंसर की वैक्सीन पर काम जारी

वैक्सीन ने प्रीक्लिनिकल में सुरक्षा और उच्च प्रभावशीलता साबित की है. यह ट्यूमर के आकार को 60-80% तक कम करने और उनके विकास को धीमा करने में सक्षम है.  बार-बार उपयोग के लिए भी यह सुरक्षित है. ये वैक्सीन प्रत्येक मरीज के RNA के आधार पर अनुकूलित होगी, जिससे इलाज अधिक प्रभावी होगा.  कोलोरेक्टल कैंसर के अलावा, ग्लियोब्लास्टोमा (मस्तिष्क कैंसर) और मेलेनोमा  (त्वचा कैंसर, विशेष रूप से ऑक्यूलर मेलेनोमा) के लिए वैक्सीन विकास में उन्नत चरण में है.

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FMBA ने 2025 की गर्मियों में रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय को मंजूरी के लिए आवेदन किया है. मंजूरी मिलने पर वैक्सीन 2025 में क्लिनिकलउपयोग के लिए उपलब्ध हो सकती है. प्रीक्लिनिकल अध्ययनों में वैक्सीन ने मरीजों की जीवित रहने की दर में वृद्धि के संकेत दिए हैं. 

8,400 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

10वां ईस्टर्न इकोनॉमिक फोर्म (EEF)  व्लादिवोस्तोक में The Far East: Cooperation for Peace and Prosperity' थीम के तहत आयोजित हुआ. इसमें 75+ देशों  से 8,400 से ज्यादा  प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.  इस मंच पर स्क्वोर्त्सोवा ने वैक्सीन की सफलता की घोषणा की. 

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ज़र्मनी और अमेरिका भी कैंसर वैक्सीन पर काम कर रहे 

रूस के अलावा, जर्मनी की BioNTech  और अमेरिका की Moderna और Merck भी mRNA आधारित कैंसर वैक्सीन पर काम कर रही हैं. रूस का दावा महत्वपूर्ण है, लेकिन वैक्सीन की प्रभावशीलता को वैश्विक स्तर पर मान्यता के लिए और परीक्षणों की आवश्यकता होगी. 

साल 2024 में भारत में कैंसर से हुईं इतनी मौत?

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भारत में 2024 में कैंसर से 8.74 लाख मौतें हुईं, जिसमें पुरुषों (4.60 लाख) और महिलाओं (4.14 लाख) की संख्या शामिल है.  ICMR के अनुसार, अगले 5 वर्षों में कैंसर के मामले 12% बढ़ सकते हैं .इस वैक्सीन की सफलता भारत जैसे देशों के लिए आशा की किरण हो सकती है. 

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से है. प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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