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कमल से लैवेंडर तक, सेहत को दुरुस्त रखती फूलों से बनी चाय, पूरे दिन बनी रहती है ताजगी और एनर्जी
फूलों से बनी हर्बल चाय बेहद स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर और मन को तरोताजा रखती है. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल इम्यूनिटी मजबूत करते हैं, तनाव कम करते हैं और पूरे दिन एनर्जी के साथ ताजगी बनाए रखते हैं.
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सनातन धर्म में फूलों का विशेष महत्व है. ये न केवल पूजा और श्रृंगार में इस्तेमाल होते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी अमूल्य हैं. आयुर्वेद में फूलों को औषधीय गुणों का खजाना कहा जाता है. फूलों से बनी हर्बल चाय बेहद स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर और मन को तरोताजा रखती है. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल इम्यूनिटी मजबूत करते हैं, तनाव कम करते हैं और पूरे दिन एनर्जी के साथ ताजगी बनाए रखते हैं.
कमल, गुड़हल, पारिजात, बनफशा, कृष्णकमल, विष्णुकांता, सूरजमुखी, और गुलाब के अलावा और भी कई फूल हैं, जिनसे बनी चाय सेहत के लिए विशेष तौर पर फायदेमंद होती है.
मौलश्री की चाय: औषधीय गुणों से भरपूर मौलश्री के फूल कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं से निजात दिलाते हैं. वहीं, इसके फूलों से बनी चाय भी कम फायदेमंद नहीं है. मौलश्री स्वास्थ्य के लिए विशेष तौर पर लाभकारी है. त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे खुजली, दाने या संक्रमण में मौलश्री की छाल और पत्तियों का लेप या काढ़ा फायदेमंद साबित होता है. वहीं, बुखार या पुरानी खांसी में इसके फूलों से बनी चाय अपना असर दिखाती है.
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कमल की चाय: पवित्र कमल के फूल शांतिदायक होते हैं. यह चाय बुखार, प्यास, त्वचा रोग, जलन और दस्त में राहत देती है. मन को शांत रखती है और नींद अच्छी लाती है.
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गुड़हल (हिबिस्कस) की चाय: विटामिन सी से भरपूर यह चाय ब्लड प्रेशर कम करती है, हृदय स्वास्थ्य अच्छा रखती है और इम्यूनिटी बूस्ट करती है. त्वचा को चमकदार बनाती है और वजन नियंत्रित करने में भी मददगार है.
पारिजात (हरसिंगार) की चाय: जोड़ों के दर्द और गठिया में रामबाण है. यह चाय सूजन कम करती है, बुखार उतारती है और इम्यूनिटी मजबूत बनाती है. पारिजात के फूलों से बनी चाय संक्रमण को दूर करने के साथ ही सर्दी-जुकाम में भी कारगर है.
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बनफशा की चाय: सांस की समस्या, खांसी और त्वचा रोगों में बनफशा की चाय फायदेमंद होती है. इसमें शांतिदायक गुण पाए जाते हैं, जो तनाव दूर करते हैं.
कृष्णकमल की चाय: तनाव, अनिद्रा और चिंता में कृष्णकमल या पैशन फ्लावर की चाय बेहद उपयोगी है. इसके सेवन से नींद अच्छी आती है, मूड सुधरता है और मेनोपॉज के लक्षण कम होते हैं.
विष्णुकांता की चाय: एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर विष्णुकांता या विष्णुप्रिया के फूलों से बनी चाय याददाश्त बढ़ाती है, दिमाग शांत रखती है और संक्रमण से बचाती है. नीला रंग बदलने वाली यह चाय एनर्जी भी बूस्ट करती है.
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सूरजमुखी की चाय: पत्तों या फूलों से बनी चाय बुखार, त्वचा रोग और सूजन में राहत देती है. एंटीऑक्सीडेंट से त्वचा स्वस्थ रहती है.
गुलाब की चाय: मूड अच्छा रखती है, त्वचा निखारती है और तनाव कम करती है. इसके सेवन से नींद अच्छी आती है और दिन भर की थकान भी उतरती है. यह पाचन सुधारने में भी प्रभावी है.
जैस्मिन की चाय: यह चिंता दूर करती है और मेटाबॉलिज्म बढ़ाती है.
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लैवेंडर की चाय: रिलैक्सेशन के लिए बेस्ट है.त्वचा चमकाने के साथ ही इससे नींद अच्छी आती है और ताजगी भी बनी रहती है.
चाय बनाने का आसान तरीका
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इन फूलों से आसानी से चाय बनाई जा सकती है. इसके लिए एक कप गर्म पानी में 1-2 चम्मच सूखे फूलों या ताजे फूलों को डालकर 5-10 मिनट भिगोएं, इसके बाद धीमी आंच पर गर्म कर लें. फिर छानकर पीएं. चाहें तो स्वाद के लिए इसमें शहद और नींबू भी मिला सकते हैं. नियमित सेवन से तन-मन स्वस्थ रहता है, ताजगी बनी रहती है, और एनर्जी लेवल हाई रहता है. हालांकि, किसी तरह की एलर्जी होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें.