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सावधान! Wi-Fi का ज़्यादा इस्तेमाल बन सकता है इन्फर्टिलिटी का कारण, जानें क्यों और क्या करें

कई अध्ययनों में पाया गया है कि Wi-Fi radiation के संपर्क में आने से शुक्राणु की गतिशीलता जिसे Sperm Motility कहते हैं, कम हो सकती है. गतिशीलता शुक्राणु के अंडे तक पहुंचने और उसे fertilize करने की क्षमता के लिए महत्वपूर्ण है. इसके अलावा इसका असर Sperm Count पर भी पड़ता है. Radiation स्पर्म काउंट को कम कर सकता है और उनके डीएनए को भी नुकसान पहुंचा सकता है.

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आज के दौर में Wi-Fi हमारी ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है. घर से लेकर ऑफिस तक, हर जगह हम Wi-Fi नेटवर्क से घिरे रहते हैं. यह हमारी सुविधा के लिए तो शानदार है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके आसपास मौजूद यह अदृश्य तकनीक आपके स्वास्थ्य, खासकर प्रजनन क्षमता पर क्या असर डाल सकती है? हाल के कुछ शोध और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय बताती है कि Wi-Fi से निकलने वाला Radiation इन्फर्टिलिटी का कारण बन सकता है.

Wi-Fi और इन्फर्टिलिटी: शोध क्या कहते हैं?

कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों और प्रयोगशाला परीक्षणों ने Wi-Fi विकिरण को पुरुषों और महिलाओं दोनों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करने वाले कारकों से जोड़ा है. Wi-Fi डिवाइस जैसे राउटर और इससे कनेक्ट होने वाले लैपटॉप और स्मार्टफोन्स 2.45 गीगाहर्ट्ज की फ्रीक्वेंसी पर RF-EMR उत्सर्जित करते हैं. ये नॉन-आइअनाइज रेज़ होती हैं, जो इंसानों की सेहत के लिए सेफ मानी जाती हैं. लेकिन स्टडीज कहते हैं की लंबे समय तक अगर आप इन रेज़ के संपर्क में हैं तो इसका आपके प्रजनन सिस्टम पर नेगेटिव इम्पैक्ट पड़ सकता है.

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पुरुषों पर पड़ने वाले प्रभाव 

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कई अध्ययनों में पाया गया है कि Wi-Fi radiation के संपर्क में आने से शुक्राणु की गतिशीलता जिसे Sperm Motility कहते हैं, कम हो सकती है. गतिशीलता शुक्राणु के अंडे तक पहुंचने और उसे fertilize करने की क्षमता के लिए महत्वपूर्ण है. इसके अलावा इसका असर Sperm Count पर भी पड़ता है. Radiation स्पर्म काउंट को कम कर सकता है और उनके डीएनए को भी नुकसान पहुंचा सकता है. 

Wi-Fi विकिरण शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को बढ़ा सकता है. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिसमें शुक्राणु कोशिकाएं भी शामिल हैं, जिससे उनकी कार्यप्रणाली प्रभावित होती है.

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महिलाओं को कैसे हो रहा नुकसान?

कई रिसर्च में महिलाओं की फर्टिलिटी हेल्थ पर भी काम किया गया. 2022 के दौरान International Journal of Public Health Research में पब्लिश एक रिसर्च में पाया गया कि RF-EMR ओवरी में अंडाणु (Oocytes), अंडाशयी पुटिकाओं (Ovarian Follicles), और भ्रूण विकास को नुकसान पहुंचा सकता है. इससे हार्मोनल डिसबैलेंस, ओव्यूलेशन में कमी और गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है.

खुद को वाईफाई विकिरण से कैसे बचाएं?

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हालांकि इस क्षेत्र में अभी और शोध की आवश्यकता है, एहतियात के तौर पर कुछ कदम उठाए जा सकते हैं जैसे लैपटॉप को सीधे गोद में रखकर इस्तेमाल करने से बचें, खासकर जब वह Wi-Fi से कनेक्टेड हो. इसके बजाय, उसे डेस्क या टेबल पर रखें. सोते समय या लंबे समय तक फोन को अपने बिस्तर के पास या पैंट की जेब में न रखें. अपने Wi-Fi राउटर को बेडरूम या उन जगहों से दूर रखें जहाँ आप ज़्यादा समय बिताते हैं. रात को सोते समय Wi-Fi राउटर को बंद कर दें. यह विकिरण के संपर्क को कम करने का एक सरल तरीका है. जहाँ संभव हो, ईथरनेट केबल का उपयोग करके वायर्ड इंटरनेट कनेक्शन को प्राथमिकता दें, खासकर डेस्कटॉप कंप्यूटर के लिए. बच्चों को लंबे समय तक Wi-Fi उपकरणों के करीब न रखें, क्योंकि उनके विकासशील शरीर ज़्यादा संवेदनशील हो सकते हैं.

Wi-Fi एक आधुनिक सुविधा है, लेकिन इससे निकलने वाले विकिरण के संभावित स्वास्थ्य प्रभावों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. प्रजनन क्षमता पर इसके प्रभावों पर अभी और व्यापक मानवीय शोध की ज़रूरत है, लेकिन कुछ अध्ययनों से मिली जानकारी हमें सतर्क रहने का संकेत देती है. इन सरल सावधानियों को अपनाकर आप खुद को और अपने परिवार को संभावित जोखिमों से बचा सकते हैं, और अपनी प्रजनन क्षमता को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं. 

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से है. प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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