Advertisement
क्या स्तनपान से लटकते हैं ब्रेस्ट या यह सिर्फ एक मिथक है? गायनेकोलॉजिस्ट से जानिए असली सच्चाई
मां बनने के बाद कई महिलाओं को डर रहता है कि क्या स्तनपान से ब्रेस्ट ढीले हो जाते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार यह सिर्फ एक मिथक है. गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. शिप्राधर श्रीवास्तव बताते हैं कि ब्रेस्ट में बदलाव का मुख्य कारण प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले हार्मोनल परिवर्तन हैं, न कि ब्रेस्टफीडिंग.
Advertisement
मां बनना हर महिला के जीवन का सबसे भावुक और महत्वपूर्ण दौर होता है. लेकिन इस खुशी के साथ कई सवाल और आशंकाएं भी जन्म लेती हैं. उन्हीं में से एक आम डर यह है कि क्या स्तनपान कराने से ब्रेस्ट ढीले या लटकने लगते हैं. सोशल मीडिया, अधूरी जानकारियां और आसपास की बातें इस भ्रम को और गहरा कर देती हैं. कई महिलाएं तो सिर्फ इसी डर की वजह से ब्रेस्टफीडिंग को लेकर असमंजस में पड़ जाती हैं.
गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. शिप्राधर श्रीवास्तव के अनुसार यह धारणा वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित नहीं है. मेडिकल स्टडीज और क्लिनिकल अनुभव बताते हैं कि ब्रेस्ट में बदलाव का मुख्य कारण प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले हार्मोनल परिवर्तन होते हैं, न कि स्तनपान.
प्रेग्नेंसी के दौरान क्यों बदलता है ब्रेस्ट का शेप?
Advertisement
गर्भावस्था के समय शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर काफी बढ़ जाता है. इसका सीधा असर ब्रेस्ट टिश्यू पर पड़ता है. प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रेस्ट का साइज बढ़ता है. स्किन और सपोर्टिंग लिगामेंट्स स्ट्रेच होते हैं. डिलीवरी के बाद जब दूध बनना कम होता है तो साइज कुछ हद तक घट सकता है. इसी स्ट्रेचिंग और बाद में सुकड़न की प्रक्रिया के कारण हल्का सैगिंग दिखाई दे सकता है. इसका स्तनपान से सीधा संबंध नहीं है.
Advertisement
ब्रेस्ट सैगिंग के पीछे असली कारण
विशेषज्ञों के अनुसार ब्रेस्ट सैगिंग कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है. इनमें उम्र बढ़ना, जेनेटिक्स, एक से अधिक प्रेग्नेंसी, गर्भावस्था में अत्यधिक वजन बढ़ना, अचानक वजन कम होना, धूम्रपान और स्किन इलास्टिसिटी की कमी शामिल हैं. इनमें से किसी भी कारण का सीधा संबंध ब्रेस्टफीडिंग से नहीं है. यानी यह कहना कि स्तनपान ही ब्रेस्ट ढीले होने की वजह है, पूरी तरह गलत है.
Advertisement
क्या ब्रेस्टफीडिंग से बचना सही है?
सिर्फ इस डर से स्तनपान से बचना मां और बच्चे दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. ब्रेस्टफीडिंग के कई वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित फायदे हैं. यह बच्चे की इम्युनिटी मजबूत करता है. मां में ब्रेस्ट कैंसर और ओवेरियन कैंसर का खतरा कम करने में मदद करता है. मां और शिशु के बीच भावनात्मक जुड़ाव को गहरा करता है. साथ ही पोस्टपार्टम वजन कम करने में भी सहायक होता है.
ब्रेस्ट हेल्थ बनाए रखने के लिए क्या करें?
Advertisement
अगर आप प्रेग्नेंसी और स्तनपान के दौरान ब्रेस्ट हेल्थ को बेहतर रखना चाहती हैं तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखें. सही फिटिंग वाली सपोर्ट ब्रा पहनें. संतुलित और प्रोटीन से भरपूर आहार लें. पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. धूम्रपान से दूर रहें. वजन को धीरे-धीरे नियंत्रित करें, अचानक कमी से बचें.
यह भी पढ़ें
बहरहाल, ब्रेस्टफीडिंग से ब्रेस्ट ढीले हो जाते हैं, यह सिर्फ एक मिथक है. असल में ब्रेस्ट में बदलाव प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले प्राकृतिक शारीरिक परिवर्तनों के कारण आते हैं. स्तनपान मां और बच्चे दोनों के लिए अमूल्य है. इसलिए बेवजह के डर के कारण इससे दूरी बनाना समझदारी नहीं है. किसी भी विशेष स्थिति में अपने डॉक्टर से सलाह लेना हमेशा बेहतर विकल्प होता है.