Advertisement

Loading Ad...

बदलते मौसम में होने वाली बीमारियां रहेंगी दूर, इम्यूनिटी हो जाएगी बूस्ट, तुलसी का काढ़ा बनेगा आपका सुरक्षा कवच

तुलसी का काढ़ा एक आयुर्वेदिक पेय है जिसे तुलसी की पत्तियों को अन्य औषधीय मसालों और जड़ी-बूटियों जैसे अदरक, काली मिर्च, दालचीनी, मुलेठी आदि के साथ उबालकर तैयार किया जाता है. यह न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, बल्कि मौसमी संक्रमणों से भी बचाता है.

Loading Ad...

भारत की धरती पर उगने वाली पवित्र तुलसी को आयुर्वेद में मां की तरह देखभाल करने वाली जड़ी-बूटी कहा गया है. ये केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है.  तुलसी का सेवन वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित करने में सहायक होता है.  

बेहद गुणकारी है तुलसी का काढ़ा 

तुलसी का काढ़ा एक आयुर्वेदिक पेय है जिसे तुलसी की पत्तियों को अन्य औषधीय मसालों और जड़ी-बूटियों जैसे अदरक, काली मिर्च, दालचीनी, मुलेठी आदि के साथ उबालकर तैयार किया जाता है. यह न केवल शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, बल्कि मौसमी संक्रमणों से भी बचाता है. 

Loading Ad...

सर्दी- ज़ुकाम में असरदार

Loading Ad...

बरसात में संक्रमण का खतरा अधिक होता है, क्योंकि बारिश के मौसम में गंदगी, दूषित पानी और कीटाणु तेजी से फैलते हैं. तुलसी का काढ़ा एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुणों से इनसे बचाव करता है.  वहीं, सर्दियों में ठंड और कफ रोग आम हो जाते हैं, जिससे जुकाम, खांसी और गले में खराश जैसी समस्याएं होती हैं. तुलसी का काढ़ा कफ को दूर करता है और शरीर को गर्माहट प्रदान करता है.

इम्यूनिटी बूस्टर में भी मददगार 

Loading Ad...

इसके साथ ही यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर इम्यूनिटी बूस्टर का काम करता है, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है. 

कैसे बनाएं तुलसी का काढ़ा 

तुलसी काढ़ा बनाने के लिए एक गिलास पानी लें और उसमें 5-7 तुलसी की पत्तियां डालें। इसके साथ 1 इंच अदरक का टुकड़ा, 3-4 काली मिर्च और थोड़ी दालचीनी डालकर पानी आधा होने तक उबालें। चाहें तो स्वाद के लिए ठंडा होने पर थोड़ा शहद मिलाया जा सकता है। यह काढ़ा दिन में 1-2 बार पीना लाभकारी होता है।

Loading Ad...

पाचन तंत्र को रखता मजबूत

तुलसी काढ़ा सर्दी-खांसी में राहत देता है, बलगम और कफ को निकालकर गले को साफ करता है, वायरल और मलेरिया जैसे बुखार में लाभकारी है, पाचन तंत्र को मजबूत करता है और गैस, अपच व पेट दर्द को कम करता है.  यह शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करता है और दिल व श्वसन तंत्र की सुरक्षा करता है. 

डेंगू और मलेरिया में भी असरदार 

Loading Ad...

आधुनिक शोधों में यह सिद्ध हुआ है कि तुलसी एच1एन1, डेंगू, मलेरिया और सामान्य सर्दी-जुकाम में लाभकारी है. इसके फाइटोकेमिकल्स कोशिकाओं के डीएनए को टूटने से बचाते हैं, इसलिए इसे प्राकृतिक कैंसर-रोधी भी कहा जाता है.

सामान्य पौधों से विशेष है तुलसी 

चरक संहिता में तुलसी को कृमिनाशक और कफनाशक बताया गया है, जबकि सुश्रुत संहिता में श्वसन रोगों और विषहर औषधि के रूप में वर्णित किया गया है. तुलसी के पौधे दिन और रात दोनों समय ऑक्सीजन छोड़ते हैं, जो इसे सामान्य पौधों से विशेष बनाता है. 

Loading Ad...

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान और जागरूकता के उद्देश्य से है. प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और आवश्यकताएं अलग-अलग हो सकती हैं. इसलिए, इन टिप्स को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...