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घुसपैठियों के नेक्सस और फेक दस्तावेज बनाने वाले गैंग पर वकील अश्विनी उपाध्याय का प्रहार, देशभर में SIR करवाने को लेकर खोला SC में मोर्चा

वकील अश्विनी उपाध्याय ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है. जो भारत का नागरिक है वहीं वोट दे सकता है यानी केवल आधार  को लेकर वोट का अधिकार नहीं हासिल किया जा सकता है. साथ ही साथ उन्होंने ये भी खुलासा किया कि कैसे भारत में घुसपैठिए पहला दस्तावेज से लेकर वोटर आईडी तक हासिल करती है.

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SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय ने पहले से ही दायर एक याचिका में एक और एप्लिकेशन डाला और मांग की कि जिन 5 राज्यों में अगले साल चुनाव होने हैं वहां अनिवार्य रूप से SIR के आदेश दिए जाएं. जिन 5 स्टेट्स में अप्रैल 2026 में चुनाव होने हैं, वे हैं, तमिलनाडु, असम, पुडुचेरी, केरल और बंगाल. इनमें 6 महीने में मतदान होंगे इसलिए तत्काल SIR के आदेश दिए  जाएं ताकि फ्री एंड फेयर इलेक्शन सुनिश्चित हो सके. उन्होंने आगे ये भी कहा कि असम जैसे राज्यों में  लोग फर्जी डॉक्यूमेंट और आधार बनवा रहे हैं.  निष्पक्ष मतदान तभी संभव है जब बाकायदा एक-एक लोगों का जमीन पर जाकर जांच हो.

SC ने चुनाव आयोग को इस संबंध में नोटिस भी जारी किया है और एक हफ्ते में जवाब मांगा है. वकील अश्विनी उपाध्याय ने आशा व्यक्त किया कि आयोग जल्द इन सभी राज्यों में गहन पुनरीक्षण अभियान का शेड्यूल जारी करेगा.

आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं!

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वकील अश्विनी उपाध्याय ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है. जो भारत का नागरिक है वहीं वोट दे सकता है यानी केवल आधार  को लेकर वोट का अधिकार नहीं हासिल किया जा सकता है.

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निर्वाचन आयोग के पास नागरिकता जांचने का अधिकार!

अश्विनी उपाध्याय ने इस दौरान बताया कि कोर्ट में ये भी स्पष्ट हुआ कि पीपुल्स रिप्रेजेंटेशन एक्ट के अनुसार आयोग के पास अधिकार है कि वो भारत में रह रहे लोगों की नागरिकता को जांचे. यानी तय कर कि देश के नागरिक ही वोट के पात्र हों.

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भारत में 5 करोड़ से ज्यादा घुसपैठिया!

सुप्रीम कोर्ट के दिग्गज वकील ने अपनी एक अन्य याचिका का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में अभी 5 करोड़ से ज्यादा घुसपैठिए हैं. इन्हें पाकिस्तानी, बांग्लादेशी, अफगानी, रोहिंग्या भी शामिल हैं.

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कैसे डॉक्यूमेंट्स बनाते हैं घुसपैठिए?

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वकील अश्विनी उपाध्याय ने घुसपैठियों द्वारा बनाए जा रहे दस्तावेजों के नेक्सस के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि पहले ये लोग पहले तो पार्षद और प्रधान से लिखवाकर आधार कार्ड बनवा लेते हैं. फिर इसी UID के जरिए पैसे देकर राशन कार्ड बनवा लेते हैं. फिर इनके पास दो दस्तावेज हो जाते हैं, जिसके आधार पर बर्थ सर्टिफिकेट भी हासिल कर लेते हैं. इसके बाद पैसे देकर ड्राइविंग लाइसेंस भी हासिल कर लेते हैं. अब बारी आती है  वोटर ID की, जब इनके पास 4 डॉक्यूमेंट हो जाता है तो वो भी हासिल कर ही लेते हैं. उन्होंने कहा कि इसलिए पूरे देश में SIR की जरूरत है और आधार पर भी स्पष्टीकरण हो ही जाएगी.

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