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14 हजार करोड़ की मिसाइल लेगा यूक्रेन, यूरोप करेगा मदद

रिटिश पीएम कीर स्टार्मर यूक्रेन को 14 हजार करोड़ रुपए की मदद देंगे, जिससे यूक्रेन 5000 एयर डिफेंस मिसाइल खरीदेगा स्टार्मर ने कहा कि ये मिसाइल ब्रिटेन के बेलफास्ट में बनाई जाएंगी, जिससे हमारे डिफेंस सेक्टर में नौकरियां बढ़ेंगीं

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यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की White House पहुंचकर ट्रंप से भिड़ गए थे। ट्रंप जिस तरह अपनी नीतियों का दबाव जेलेंस्की पर बनाना चाहते थे, वह नहीं हो सका, तो ट्रंप ने घर आए मेहमान के साथ बदजुबानी की। अमेरिका में जो कुछ हुआ, उसके बाद सीधे जेलेंस्की ब्रिटेन चले गए, जहां उनका जोरदार स्वागत हुआ और तुरंत एक बैठक बुलाई गई। ब्रिटेन, फ्रांस और यूक्रेन एकसाथ आकर युद्धविराम योजना पर काम करने के लिए सहमत हो गए, जिसे अमेरिका के सामने पेश किया जाएगा।

ब्रिटेन में हुई इस डिफेंस समिट में, भले ही यूरोप के कई देश यूक्रेन के साथ खड़े नज़र आए, लेकिन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ किया कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता ब्रिटिश लोगों की सुरक्षा देना और उनके हितों की रक्षा करना है, खासकर इस मुश्किल वक्त में। स्टार्मर ने कहा कि उन्हें ट्रंप पर पूरा भरोसा है, लेकिन यूक्रेन को मजबूती देने में हम मदद करेंगे।

अब इसी कड़ी में, यूरोपीय देशों की डिफेंस समिट के बाद ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने बड़ा एलान करते हुए कहा कि यूक्रेन को 14 हजार करोड़ रुपये की मदद दी जाएगी, जिससे यूक्रेन 5000 एयर डिफेंस मिसाइल खरीदेगा। स्टार्मर ने कहा कि ये मिसाइल ब्रिटेन के बेलफास्ट में बनाई जाएंगी, जिससे उनके डिफेंस सेक्टर में नौकरियां बढ़ेंगी। यूरोपीय देशों की डिफेंस समिट में 15 देशों के राष्ट्र प्रमुख, तुर्की के विदेश मंत्री, NATO के महासचिव, यूरोपीय संघ और यूरोपीय काउंसिल के प्रेसिडेंट शामिल हुए। स्टार्मर का कहना है कि समझौते में रूस को भी शामिल करना जरूरी होगा, लेकिन रूस ने इससे पहले कई बार समझौतों का उल्लंघन किया है, ऐसे में हमें यह तय करना होगा कि यूक्रेन को दी जाने वाली गारंटी पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। आगे के संघर्ष से बचने के लिए गारंटी की जरूरत है।

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अब सिर्फ 14 हजार करोड़ रुपये की मदद के लिए ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन ने यूक्रेन को 24 हजार करोड़ का लोन भी दिया है। इसके लिए ब्रिटिश पीएम स्टार्मर और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने समझौते पर साइन किए। इससे यह साफ़ है कि यूक्रेन अकेला नहीं है, बल्कि पूरा यूरोप आज ट्रंप को यह भी समझाने में लगा है कि यूरोप पर ट्रंप अपनी टेढ़ी नज़र ना करें, बल्कि उनका समर्थन करें। वहीं, यूरोप यह भी कह रहा है कि रूस पर भरोसा नहीं किया जा सकता, क्योंकि रूस ने इससे पहले कई बार समझौतों का उल्लंघन किया है, ऐसे में हमें यह तय करना होगा कि यूक्रेन को दी जाने वाली गारंटी पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए।

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