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पाकिस्तान की नाक में दम कर तालिबान ने भारत से मांगी मदद, हुआ बड़ा खेल !

पिछले दिनों तालिबान सरकार में विदेश मंत्री मावलवी अमीर खान मुत्ताकी और भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दुबई में मुलाकात की। इस मुलाकात की कई तस्वीरें भी सामने आईं और दोनों देशों की तरफ़ से बयान भी दिए गए। ख़ासतौर पर तालिबान की तरफ़ से भारत को हर मदद के लिए शुक्रिया कहा गया, जिससे पाकिस्तान को बड़ी दिक़्क़त हुई थी। लेकिन अब पाकिस्तान की यह दिक़्क़त और ज़्यादा बढ़ रही है, क्योंकि अफ़ग़ानिस्तान ने सीधे भारत से और मदद की गुहार लगाई है और भारत यह करने के लिए भी तैयार है।

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पाकिस्तान की नाक में दम करने वाला तालिबान भारत से दोस्ती बढ़ा रहा है। दिन-ब-दिन भारत के क़रीब आने वाला तालिबान बार्डर पर पाकिस्तानी आर्मी को तगड़ा सबक़ भी सिखा रहा है। पिछले कई दिनों से तालिबानी लड़ाके पाकिस्तानी आर्मी को मारकर बार्डर से खदेड़ रहे हैं। और इस बीच अफ़ग़ानिस्तान में बैठी तालिबानी सरकार भारत के करीब आ रही है। पिछले दिनों तालिबान सरकार में विदेश मंत्री मावलवी अमीर खान मुत्ताकी और भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दुबई में मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात की कई तस्वीरें भी सामने आईं। और दोनों देशों की तरफ़ से बयान भी दिए गए। ख़ासतौर पर तालिबान की तरफ़ से भारत को हर मदद के लिए शुक्रिया कहा गया, जिससे पाकिस्तान को बड़ी दिक़्क़त हुई थी। लेकिन अब पाकिस्तान की यह दिक़्क़त और ज़्यादा बढ़ रही है, क्योंकि अफ़ग़ानिस्तान ने सीधे भारत से और मदद की गुहार लगाई है, और भारत यह करने के लिए भी तैयार है।

भारत - अफ़ग़ानिस्तान की दोस्ती से परेशान पाकिस्तान !

भारत तो हर संभव मदद कर ही रहा है लेकिन पाकिस्तान इससे बहुत टेंशन में है। पाकिस्तान अपनी हरकतों से वैसे भी दुनिया से अलग-थलग पड़ा हुआ है। और इधर अफ़ग़ानिस्तान में एयर स्ट्राइक करने की गलती करने की सज़ा पाकिस्तान को भुगतना पड़ रही है। बार्डर पर तालिबानी लड़ाके खूब मज़ा पाकिस्तानियों को सिखा रहे हैं। रिपोर्टर के मुताबिक़, सिर्फ़ पाकिस्तान ही नहीं, अमेरिका और चीन भी इससे घबराए हुए हैं। और ये भारत का खेल बिगाड़ सकते हैं। कमजोर पड़ चुके डीप स्टेट को फिर से एक्टिव करने की चाहत में अमेरिका को टेंशन यह भी है कि कहीं भारत से अफ़ग़ानिस्तान पर क़ाबिज़ तालिबान की दोस्ती ऐेसे ही बढ़ती रही तो अमेरिका की पकड़ कमजोर होगी। वहीं, चीन इन दिनों पाकिस्तान को छोड़कर अफ़ग़ानिस्तान को अपने जाल में फंसाने की भरपूर कोशिश में लगा है। चीन ने अपने BRI के प्रोजेक्ट में अरबों डॉलर का निवेश कर रखा है। और इसलिए भी चीन को अफ़ग़ानिस्तान की ज़रूरत है। अब ऐसे में भारत के साथ बढ़ती अफ़ग़ानिस्तान की नज़दीकियां चीन को भी नहीं पच रहीं। लेकिन इन सब चीज़ों से भारत और अफ़ग़ानिस्तान के संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ रहा। भारत ने तालिबान के आने से पहले भी वहां तीन बिलियन डॉलर का निवेश किया था और अब भी तालिबान की मदद के लिए भारत खड़ा हुआ है।

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