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ब्रिटेन में तैयार हो रही क्वांटम Clock, समय को देगी मात, बदलेगी जंग का मंजर !

Quantum तकनीक का इस्तेमाल सटीक समय के रिकॉर्ड, सैटेलाइट नेविगेशन, मोबाइल फोन, कंम्प्यूटर प्रोग्रामिंग समेत संचार के कई क्षेत्रों में किया जाता है अब ये तकनीक युद्ध क्षेत्र में भी मदद करेगी.

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समय बताने वाली घड़ी क्या किसी देश में युद्ध का मंजर भी बदल सकती है? क्या किसी देश की खुफिया और जासूसी की क्षमता भी एक घड़ी से मापी जा सकती है? क्या कोई घड़ी उस देश की युद्ध की क्षमताओं को भी प्रभावित कर सकती है?इसका जवाब है हां और ब्रिटेन में ऐसी ही घड़ी तैयार हो रही है जिसे क्वांटम क्लॉक कहा गया है।क्वांटम घड़ी जो सटीकता का नया पैमाना तय करेगी। कई सौ, कई हजारों, यहां तक कि करोड़ों सालों के बाद भी एक्यूरेट टाइम बताएगी। ना एक सेकेंड इधर, ना उधर। यानी एक माइक्रो सेकेंड का भी ख्याल रहेगा।

क्या है क्वांटम घड़ी और कैसे करेगी काम?

क्वांटम घड़ी क्वांटम तकनीक से काम करती है, इसलिए पहले ये जानना जरूरी है कि क्वांटम तकनीक क्या होती है?

  • 20वीं सदी में क्वांटम मैकेनिक्स का सिद्धांत आया।
  • माक्स प्लांक और अल्बर्ट आइंस्टाइन ने ऊर्जा और प्रकाश के कणों पर शोध किया।
  • इस तकनीक में परमाणुओं के अंदर ऊर्जा को मापा जाता है।
  • परमाणुओं की ऊर्जा में होने वाले बदलावों का सटीक आंकलन किया जाता है।
  • 1980 में क्वांटम कंप्यूटिंग की अवधारणा आई।

कई मौकों पर जहां GPS काम नहीं करता, वहां क्वांटम घड़ी के इस्तेमाल से इस समस्या को दूर किया जा सकता है। ब्रिटेन अपनी युद्ध क्षमता बढ़ाने के लिए इस क्वांटम घड़ी का इस्तेमाल करेगा, ताकि GPS पर निर्भरता खत्म हो सके। आज के दौर में युद्ध में भी तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, ऐसे में सटीक समय रिकॉर्ड करना और सैटेलाइट नेविगेशन बेहद अहम हो गया है। संचार के क्षेत्र में ये तकनीक नई क्रांति लेकर आई है। समय मापने के लिए अब तक का सबसे सटीक समय मापने का यंत्र क्वांटम घड़ी ही है। ब्रिटेन अपने सैनिकों, सैन्य वाहनों, विमानों में इन घड़ियों का उपयोग करेगा। इसके साथ ही सुरक्षा क्षेत्र, साइबर डिफेंस के लिहाज से भी यह ब्रिटेन का क्रांतिकारी कदम है।

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सामान्य घड़ियों और क्वांटम क्लॉक में अंतर

एनालॉग, डिजिटल वॉच या दीवार घड़ी सभी घड़ियों की एक क्षमता होती है। जो एक हद तक ही सटीक हो सकती है। समय के साथ इनकी सटीकता का अंतर भी बढ़ता जाता है। इनके मुकाबले क्वांटम घड़ी समय के लिए क्वांटम मैकेनिक्स का इस्तेमाल करती है, जिसमें परमाणुओं के उर्जा स्तरों को मापकर हमेशा सटीक समय को मापा जा सकता है। पारंपरिक घड़ियों पर जहां वातावरण, हवा-पानी, टेम्परेचर और चुंबकीय कारकों का असर होता है, वहीं क्वांटम घड़ी इनसे पूरी तरह अलग हैं।

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ब्रिटेन में पहली बार क्वांटम घड़ी की तैयारी

ब्रिटेन गुपचुप तरीके से इस हाईटेक तकनीक वाली घड़ी का निर्माण कर रहा है। ब्रिटेन का क्वांटम घड़ी की ओर ये पहला कदम है। हालांकि ये ब्रिटेन के लिए पहला एक्सपेरिमेंट है, लेकिन दुनिया के लिए नहीं। 15 साल पहले अमेरिका के कॉलराडो में क्वांटम घड़ी विकसित की गई थी। यहां के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ स्टैंडर्ड्स एंड टेक्नोलॉजी में इस तकनीक की मदद से क्वांटम घड़ी तैयार की गई थी। ब्रिटेन ही नहीं, दुनिया के अन्य देशों में भी क्वांटम घड़ी पर काम चल रहा है। घड़ी के साथ-साथ क्वांटम तकनीक को अपनाने में एक होड़ सी लगी हुई है।

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