Advertisement
टैरिफ वॉर के बीच पीएम की मस्क से बात, कई मुद्दों पर हुआ मंथन
पीएम मोदी ने एलन मस्क से फोन पर बात की.इस बातचीत में तकनीक से लेकर कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई..इस बातचीत में तकनीक से लेकर कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई.
Advertisement
18 अप्रैल को पीएम मोदी ने एलन मस्क से फोन पर बात की. इस बातचीत में तकनीक से लेकर कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई. भारत हमेशा अमेरिका के साथ इन क्षेत्रों में अपने रिश्तों को मजबूत करने के लिए तैयार रहता है. साथ ही यह बातचीत इसीलिए भी जरूरी है क्योंकि टैरिफ वॉर का असर भारत पर भी देखा जा रहा है. इस बातचीत में उन मुद्दों पर भी बात हुई जिनकी चर्चा इस साल की शुरुआत में वॉशिंगटन डीसी में दोनों के बीच मीटिंग में हुई थी. पीएम ने खुद इस बात की जानकारी अपने एक्स पर दी है.
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा -
Advertisement
पीएम मोदी और एलन मस्क के बीच हुई बातचीत पर पूरे देश की नजर है. क्योंकि भारत के साथ-साथ कई देशों में टैरिफ लागू होने के बाद एक वॉर जैसी स्थिति बनी हुई है. हां, वह अलग बात है कि ट्रंप ने कई देशों को 90 दिनों की राहत जरूर दी है लेकिन भारत पर इसका असर अभी भी पड़ रहा है. इसी बीच भारत हर वो कोशिश कर रहा है जिससे दोनों के बीच कोई डील स्थापित की जा सके और अगर ऐसा संभव होता है तो इसे भारत की एक बड़ी जीत मानी जाएगी. क्योंकि एलन मस्क अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के बेहद करीबी माने जाते हैं.
Advertisement
वहीं यह बातचीत उस समय भी हुई है जब टेस्ला भारत के इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में प्रवेश करने के मौके ढूंढ रही है. ऐसा कहा जा रहा है कि मस्क अपना कारोबार चीन से हटाकर कहीं और ले जाना चाहते हैं. और इसके लिए भारत सबसे सही विकल्प है. इससे पहले भी मस्क ने टेस्ला से लेकर स्टारलिंक तक को भारत में लाना चाहा था. लेकिन इससे सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि टेस्ला और स्टारलिंक के आने से भारतीय उद्योगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. लेकिन उम्मीद है कि इस बातचीत से शायद कोई हल निकल आए.
बता दें कि फरवरी में पीएम मोदी अमेरिका के दो दिन के दौरे पर गए थे. इस दौरान ट्रंप के साथ उन्होंने एलन मस्क से भी मुलाकात की थी. खास बात यह है कि पीएम मोदी ट्रंप से भी पहले मस्क से मिले थे. मस्क पीएम मोदी से अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ मिलने पहुंचे थे. बहरहाल, इस बातचीत से यह संभव है कि भारत-अमेरिका के बीच तकनीकी सहयोग और निवेश के नए अवसर मिल सकते हैं.
Advertisement
यह भी पढ़ें