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भारत-तालिबान को साथ देख पाकिस्तान की हालत ख़राब, बढ़ गई शहबाज़ की टेंशन !
दुबई में अफगान तालिबान और भारतीय अधिकारियों के बीच एक हाई लेवल मीटिंग आयोजित की गई। इस मीटिंग में भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अफगानिस्तान की तरफ से तालिबान सरकार के विदेश मंत्री मौलवी आमिर खान ने हिस्सा लिया इस मुलाक़ात को लेकर पाकिस्तान का मुंह बना हुआ है..
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पाकिस्तान के हमले के बाद तालिबान के लड़ाके पाकिस्तानी सेना पर क़हर ढहा रहे हैं। बार्डर पर ग़दर मची हुई है। हाल ये है कि पाक सैनिक अपनी चौकियों को छोड़कर भाग खड़े हुए। कई सैनिकों को ठिकाने भी लगा दिया गया है। मतलब पूरी तरह पाकिस्तान मुश्किल में है..इस बीच भारत ने एक बड़ा खेल कर दिया है। भारत को बेहद पसंद करने वाले तालिबान सरकार में कार्यकारी विदेश मंत्री मावलवी आमिर खान मुत्तकी ने भारतीय विदेश मंत्रालय के सचीव विक्रम मिस्री से दुबई में मुलाक़ात की..विक्रम मिस्री इस वक़्त दुबई के दौरे पर हैं। ये मुलाकात 2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद अफगानिस्तान की सरकार के साथ भारत की पहली उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता रही इस मुलाक़ात को लेकर विदेश सचीव ने कहा कि अफगान लोगों के साथ भारत की ऐतिहासिक मित्रता और दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्ते की बात कही। साथ ही हर परिस्थिति में अफ़ग़ानिस्तान के लोगों के साथ खड़े रहने की बात कही। इस दौरान मावलवी आमिर खान मुत्तकी ने भी भारत की नीतियों की जमकर सरहाना की। और साथ हर मदद के लिए शुक्रिया कहा। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बावजूद भारत हमेशा अफगान लोगों की मदद करता रहा है।
2021 के बाद भारत की अफगानिस्तान को मदद
भारत ने अब तक अफगानिस्तान को। 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं, 300 टन दवाइयां, 27 टन भूकंप राहत सहायता। 40 हजार लीटर कीटनाशक , 100 मिलियन पोलियो खुराक , 1.2 टन स्टेशनरी किट। नशा मुक्ति कार्यक्रम के लिए 11,000 यूनिट स्वच्छता किट , 500 यूनिट सर्दियों के कपड़े। कोविड वैक्सीन की 1.5 मिलियन खुराक।
अब इस मुलाक़ात के बाद भी भारत अफ़ग़ानिस्तान को मदद देता रहेगा ये भी भारत की तरफ़ से कहा गया। ये जंग छिड़ने से पहले भी भारत अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान सरकार के साथ रिश्ते सुधारने की पहल करता रहा है। पिछले दिनों भी भारत की तरफ़ से डिप्लोमैट अफ़ग़ानिस्तान पहुंचे थे। दरअसल, तालिबान भी अपनी सरकार को मान्यता दिलवाने के लिए लगा हुआ है। वो चाहता है कि भारत समेत अमेरिका भी उसे अब मान्यता दे दे। लेकिन इस को अब देखकर कंगाली, भुखमरी और अपनी आदत से जूझ रहा पाकिस्तान भौखलाया हुआ है। वहीं दुबई में भारत-अफगानिस्तान के बीच हुई इस चर्चा से पाकिस्तान बड़ी टेंशन में आ गया है। शहबाज़ एक तरफ़ अपने ही पाले TTP को आतंकी बताकर कुचलने की बात कह रहे हैं। लेकिन तालिबान भी इस बार पाकिस्तान को बक्शने के मूड में नहीं है। पिछले दिनों तालिबान के उप विदेश मंत्री शेर मोहम्मद अब्बास ने पाकिस्तान को धमकी भरे लहज़े में बात करते हुए बता दिया कि भले ही पाकिस्तान के पास परमाणु बम हो लेकिन उसके पास इसे टक्कर देने वाले लड़ाके हैं। पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उनके पास परमाणु बम जितने शक्तिशाली लड़ाके हैं। उनके लड़ाकों में आधुनिक हथियारों से मुकाबला करने की ताकत है।
अब पाकिस्तान तो टेंशन में है और इस बीच ये दावा भी किया जा रहा है कि पाकिस्तान की ज़मीन पर भी अब तालिबानी लड़ाके क़ब्ज़ा करके ही रहेंगे। वो वैसे भी दोनों देशों के बीत डूरंड लाईन को मानते ही नहीं।
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