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पहले ही दिन ट्रंप ने काटा गदर, बाइडेन के फैसले बदले, नए फैसलों पर लगाई मुहर !

डोनाल्ड ट्रंप दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने जा रहे हैं. भारतीय समय अनुसार आज रात 10:30 बजे वो पद की शपथ लेंगे. पूरी दुनिया की नजरें उन पर टिकी हुई हैं. इस बीच उन्होंने अपने तेवर दिखाते हुए मौजूदा राष्ट्रपति के फैसलों को रद्द करने की बात कही है

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दुनिया फिलहाल अमेरिका की तरफ टकटकी लगाए देख रही है, क्योंकि अमेरिका में 47वें राष्ट्रपति के तौर पर डोनाल्ड ट्रंप ने शपथ ले ली है। ट्रंप अपने फैसलों से वैसे तो अपने पहले कार्यकाल में भी दुनिया को चौंकाते रहे हैं, लेकिन इस बार उनके जिस फैसले की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है तीसरे विश्वयुद्ध को लेकर। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि उनके रहते दुनिया में तीसरा विश्वयुद्ध नहीं होगा, किसी भी कीमत पर नहीं होगा। "Make America Great Again" उनके लिए सबसे पहले है, साथ ही अपने नागरिकों के हितों पर भी जोर दे रहे हैं। शपथ लेने से पहले ही ट्रंप नाटो देशों को धमका चुके हैं, नाटो से बाहर आने की धमकी दे चुके हैं, अमेरिका में चीनी ऐप Tik-Tok को बैन कर चुके हैं, शी जिनपिंग को शपथ से पहले फोन कर चुके हैं। तो ट्रंप जिस तरीके से काम कर रहे हैं, दुनिया समझ नहीं पा रही है कि वह चाहते क्या हैं, और इसलिए दुनिया की नजर फिलहाल अमेरिका पर टिकी है। दुनिया यह भी देखना चाहती है कि वह कौन से 200 फैसले हैं जिनपर शपथ लेते ही ट्रंप साइन करने वाले हैं।

जानकारी तो ऐसी मिल रही है कि इन फैसलों में सैंकड़ों फैसले बाइडेन सरकार के हैं, जिन्हें बदला या खत्म किया जाएगा, क्योंकि ट्रंप की नजर में ये रद्दी कानून हैं। ट्रंप के इन फैसलों में सीमा सुरक्षा का आदेश, ऊर्जा, अमेरिकी परिवारों की लिविंग कॉस्ट में कमी करने जैसे फैसले होंगे। ट्रंप पहले ही दिन से अमेरिका में अमूलचूल बदलाव की आंधी लाना चाहते हैं, और ये अमूलचूल बदलावों के लिए सबसे पहले तो सीमा पर लगभग इमरजेंसी लगाई जाएगी, जिससे घुसपैठ पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके। इतना ही नहीं, 15 लाख लोगों की एक लिस्ट तैयार की गई है, जो गलत तरीके से अमेरिका में घुसे हैं, इनमें 18 हजार भारतीय भी शामिल हैं जिन्हें अपने खर्चे पर ट्रंप वापस भारत डिपोर्ट करेंगे, क्योंकि ट्रंप के लिए सबसे पहले अमेरिका है।

इसलिए उनका नारा है "Make America Great Again" और अमेरिका को ग्रेट बनाने के लिए बॉर्डर पर इमरजेंसी घोषित की जा सकती है। इसके लिए अमेरिकी सेना को आदेश दिया जाएगा, क्रिमिनल कार्टेल खत्म किए जाएंगे, FBI, CIA, CEA एक टास्क फोर्स बनाकर काम करेंगे, यह टास्क फोर्स अमेरिका से अराजक तत्वों को खत्म करेगी। तो ट्रंप ने जिस तरह से प्रचार किया, उसके बाद जो भाषण दिए, उसने चीन, भारत, रूस, कनाडा, ब्रिटेन को परेशान कर दिया है। हालांकि इन फैसलों में दुनिया को शांति की तरफ ले जाना भी अहम होगा, क्योंकि ट्रंप के शपथ से पहले ही फिलीस्तीन और इजरायल में सीजफायर हो चुका है, हमास ने बंधकों को छोड़ना शुरू कर दिया है, फिलीस्तीन नागरिक अपने घरों को लौटने लगे हैं। रूस के राष्ट्रपति से भी ट्रंप फोन पर बात करेंगे, क्योंकि कयास ऐसे लगाए जा रहे हैं कि यूक्रेन-रूस की जंग जल्दी खत्म होने वाली है। तो रूस इस फैसले से खुश हो सकता है, लेकिन दूसरी तरफ चीन के लिए अच्छी खबर नहीं है। एक तरफ शी जिनपिंग को शपथ के लिए न्यौता दिया गया, दूसरी तरफ Tik-Tok पर अमेरिका में बैन लगा दिया गया।

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क्योंकि दावा ऐसा है कि अमेरिका में Tik-Tok के 170 मिलियन यूजर्स हैं और अमेरिका इसे खरीदना चाहता है। खरीदने वालों की लिस्ट में Mr. Beast या ट्विटर के मालिक एलन मस्क का नाम चल रहा है। अमेरिका में Tik-Tok का कारोबार 2028 तक 88 मिलियन डॉलर पहुंचने का अनुमान है। तो दुनिया तो ट्रंप के आने के बाद बदलने वाली है।

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भारत के परिप्रेक्ष्य में अगर ट्रंप की बात की जाए, तो अमेरिकी विदेश विभाग में तैनात भारतवंशी रिचर्ड वर्मा ने अमेरिका और भारत के संबंधों के भविष्य को लेकर आशा जताई है। उन्होंने कहा, "वो अमेरिका-भारत के बीच मतभेदों को लेकर चिंतित नहीं हैं। मैं नहीं चाहता कि भारत और अमेरिका का रिश्ता लेन-देन वाला रिश्ता बने। मैं ये नहीं कह सकता कि आगे क्या होगा, लेकिन इतना जानता हूं कि इस संबंध को अविश्वसनीय रूप से दोनों तरफ का समर्थन है। दोनों देश मिलकर बहुत कुछ कर सकते हैं।"

आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप की वापसी हो रही है। उनमें वैश्विक स्तर पर मौजूदा परिवेश को नया रूप देने की ताकत है। इसका दुनिया की अर्थव्यवस्था और व्यापार पर बड़ा असर पड़ेगा। मुकेश अंबानी तो ट्रंप के शपथ में मौजूद थे ही। तो ट्रंप से व्यापारी वर्ग खासा उत्साहित है, क्योंकि ट्रंप खुद एक व्यापारी हैं, और दुनिया के सबसे बड़े व्यापारी एलन मस्क उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। बाकी देखना होगा कि बाइडेन के कौन से फैसले ट्रंप को रद्दी लगे, कितनों को बदलेंगे और जो 200 फैसले लिए गए हैं, उनका अमेरिका के साथ-साथ दुनिया पर क्या असर पड़ता है।

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