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कौन है वो 2 लोग, जो ट्रंप के लिए खड़ी कर रहे मुसीबत, जानिए

20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेते ही डोनाल्ड ट्रंप एक्शन मोड़ में आए, जिसके बाद भारतीयों को अमेरिका से निकाले जाने की बात होने लगी, लेकिन इसी बीच ट्रंप के सबसे अहम फ़ैसले पर उन्हें बड़ा झटका लगा है, दो लोगों ने मिलकर ट्रंप को आईना दिखा दिया है, विस्तार से जानिए पूरी ख़बर

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डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली, इसके बाद से वह ताबड़तोड़ फैसले ले रहे हैं, कभी कनाडा-मैक्सिको पर टैरिफ तो कभी अवैध इमिग्रेशन पर सख्ती दिखा रहे हैं। ऐसे में अमेरिका में रह रहे अवैध नागरिकों पर ख़तरा मंडराने लगा और उन्हें अमेरिका से बाहर किए जाने की बात चलने लगी, जिसकी वजह से भारत भी परेशानी में आ गया। लेकिन ट्रंप का सपना साकार नहीं हो सका क्योंकि उनके फैसले का उनके ही देश में विरोध होने लगा। वहीं राष्ट्रपति बनते ही डोनाल्ड ट्रंप ने बर्थराइट सिटिजनशिप यानी जन्मसिद्ध नागरिकता को समाप्त करने के लिए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किया था, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ गईं, क्योंकि कई अमेरिकियों को नागरिकता जाने का खतरा सताने लगा। इसके बाद कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया गया और फिर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दे दिया, क्योंकि अदालत ने बर्थराइट सिटिजनशिप खत्म करने के ऑर्डर पर रोक लगा दी। अब जज की चर्चा हो रही है, जिसने ट्रंप को झटका दिया। तो चलिए बताते हैं उन दो लोगों के बारे में जिन्होंने ट्रंप की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

जज जॉन सी. कफनर - बर्थराइट सिटिजनशिप खत्म करने के ऑर्डर पर जज जॉन सी. कफनर ने रोक लगाई, इस फैसले के साथ ही 84 साल के जज कफनर ने अमेरिकी ज्यूडिशियल सिस्टम में हलचल पैदा कर दी है।

कौन हैं जज जॉन सी. कफनर?

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जज जॉन सी. कफनर को 1981 में फेडरल बेंच के लिए नॉमिनेट किया गया था, इससे पहले वे वाशिंगटन विश्वविद्यालय में विधि संकाय से जुड़े थे। उन्होंने 1966 में आयोवा विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की। 1998 से 2004 तक चीफ डिस्ट्रिक्ट जज के रूप में काम किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई हाई-प्रोफाइल मुकदमों की अध्यक्षता की और अपने फैसलों से सुर्खियों में रहे।

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यानि एक तो जज ने ट्रंप के फैसले पर रोक लगाकर उन्हें झटका दिया, वहीं दूसरी तरफ़ एक महिला ने भी ट्रंप को खूब खरी-खोटी सुनाई, वो भी उनके शपथ ग्रहण के दौरान ही। तो चलिए जान लीजिए कौन हैं बिशप मैरिएन एडगर बुड्डे जिन्होंने ट्रंप को खूब सुनाया।

बिशप मैरिएन एडगर बुड्डे

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ट्रंप जब शपथ ग्रहण कर रहे थे तो एक महिला ने अपने संबोधन से दुनिया का ध्यान खींचा। थर्ड जेंडर और प्रवासियों के अधिकारों पर जिस तरह से ट्रंप ने एक्शन लिया, उसने दुनिया को हैरान कर दिया। ऐसे में ट्रंप को आईना दिखाया एक दुबली-पतली, मुदु भाषी महिला बिशप मैरिएन एडगर बुड्डे ने। शपथ ग्रहण के दौरान बिशप मैरिएन ने ट्रंप पर खूब तीखा हमला बोला और थर्ड जेंडर, प्रवासियों के अधिकारों की बात की। ट्रंप अपनी टीम के साथ बैठे चुपचाप सारी बातें सुनते रहे।

तो ये वो दो शख्स हैं जिन्होंने ट्रंप को राष्ट्रपति बनने के बाद ठीक-ठाक तरीके से समझाया और ये बताया कि उनकी मनमानी नहीं चलेगी। ऐसे में जो ट्रंप भारत को परेशान करने की सोच रहे थे, उन्हें उनके ही देश में विरोध का सामना करना पड़ रहा है और जज से लेकर तमाम लोग ट्रंप के विरोध में हैं।

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