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बांग्लादेश पर भयंकर भड़के जयशंकर, ऐसे सुनाई खरी - खरी
भारत के बार बार समझाने के बावजूद भी बांग्लादेश को अक्ल नहीं आ रही…उसे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ रहा…इसी को लेकर हाल ही में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर बांग्लादेश को लताड़ा है और ऐसा लताड़ कि रोज़ सुबह उठकर भारत के ख़िलाफ़ जो ज़हर उगला जा रहा है वो अब बंद होने वाला है
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बांग्लादेश में बैठे कट्टरपंथियों के इशारों पर काम कर रहे अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस भारत से पंगा लेने का एक भी मौक़ा नहीं छोड़ रहे। भारत के बार बार समझाने के बावजूद भी बांग्लादेश को अक्ल नहीं आ रही। उसे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ रहा। इसी को लेकर हाल ही में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर बांग्लादेश को लताड़ा है और ऐसा लताड़ कि रोज़ सुबह उठकर भारत के ख़िलाफ़ जो ज़हर उगला जा रहा है वो अब बंद होने वाला है। जयशंकर ने एक प्रोग्राम में कहा कि "बांग्लादेश एक तरफ तो भारत से अच्छे रिश्तों की बात करता है, लेकिन दूसरी तरफ हर समस्या के लिए भारत को दोषी ठहराता है। अगर हर दिन बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का कोई न कोई व्यक्ति भारत को हर समस्या के लिए जिम्मेदार ठहराता है, तो यह सही नहीं है. कुछ आरोप तो इतने बेबुनियाद होते हैं कि वे हास्यास्पद लगते हैं आप यह नहीं कह सकते कि आप भारत से अच्छे संबंध चाहते हैं, लेकिन हर सुबह उठकर भारत को दोष देते हैं। उन्हें खुद तय करना होगा कि वे हमसे कैसे रिश्ते रखना चाहते हैं"
जयशंकर की ये खरी खोटी बांग्लादेश को अब समझ आनी चाहिए। बांग्लादेश को चला रहे कट्टरपंथियों की जमात को अब भारत की तरफ़ से मुंहतोड़ जवाब लगातार दिया भी जा रहा है। उसे समझाने के लिए भारत की तरफ़ से राजदूत बांग्लादेश भी गए लेकिन इसके बाद भी यूनुस और वहां की कट्टरपंथ की सरकार को अक्ल नहीं आई।बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले रुके नहीं तो जयशंकर के सामने बांग्लादेश का सवाल आने पर वो ख़ुद को रोक नहीं पाए और कुछ ऐसे लताड़ लगा दी। विदेश मंत्री के रूप में काम कर रहे डॉ एस जयशंकर की कूटनीति के सब क़ायल हैं यहां तक की अब दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी उनकी सराहना करते हैं। इससे पहले भी विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बांग्लादेश से दो टूक कह दिया था कि वो अपनी ज़मीन को आतंकवाद का अड्डा ना बनने दे। ये बात उन्होंने पिछले ही दिनों मस्कट में 8वें हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान कही थी। जब वो बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन से मिले थे। अब इस सब से ये साबित होता है कि बांग्लादेश में बिगड़ रहे हालात और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने की सोचने वालों पर भारत की पूरी नज़र है। वैसे भी अब कहा ये जा रहा है कि शेख़ हसीना और उनकी कट्टर विरोधी दोनों साथ आकर बांग्लादेश से यूनुस की सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए लगीं हुई हैं। शेख़ हसीना भले ही भारत में हो लेकिन वो समय समय पर यूनुस को चेतावनी दे रही हैं। वो कह रही हैं कि वो जल्द बांग्लादेश आकर यूनुस को सबक़ सिखाएंगी। और उन सुरक्षाकर्मियों के बलिदान का बदला ज़रूर लेंगी जिन्हें कट्टरपंथियों की वजह से जान गवानी पड़ी।
इधर ट्रंप से मोदी के मिलने के बाद ट्रंप ख़ुद कह चुकें है कि बांग्लादेश के मुद्दे को भारत ख़ुद देखे। तो ये भी साफ़ है कि बांग्लादेश चाहे अभी जितना भी भारत के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी कर ले लेकिन बहुत ज्याद दिनों तक ये चलने वाला है नहीं। भारत की तरफ़ से बार बार ये कहा गया कि भारत हमेशा से बांग्लादेश के साथ रिश्ते अच्छे रखना चाहता है लेकिन ये फ़ैसला अब बांग्लादेश को करना होगा कि वो भारत से आगे कैसे रिश्ते चाहता है।
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