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ईरान ने ट्रंप के आते कर ली पूरी तैयारी, ज़मीन के नीचे रचा नया खेल

ईरान ने ज़मीन पर अमेरिका की मदद से इज़रायल से मार खाने के बाद ज़मीन के नीचे पूरा का पूरा नौसैनिक अड्डा बनाकर तैयार किया है…ट्रंप की धमकियों और पश्चिम एशिया में मिले लगातार झटकों के बीच ईरान ने अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने का प्रयास तेज कर दिया है

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अमेरिका में ट्रंप के आने से दुनिया भर में हलचल है। सबकी नज़र अमेरिका पर है। माना जा रहा है कि कुछ देशों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। तो वहीं कुछ देशों की मुश्किलें कम भी होंगी। लेकिन एक देश है जिसपर सबकी नज़र है। वो है ईरान। अमेरिका में आ रहे ट्रंप की ईरान पर कैसी नज़र है ये सब जानते हैं और जो नहीं जानते वो इस बात से अंदाज़ा लगा सकते हैं। कि अपने पिछले कार्यकाल में ट्रंप ने ईरान पर क़रीब 1500 प्रतिबंध लगा दिए थे। लेकिन इस बार ईरान आने वाली मुश्किलों को भांप कर बैठा है।और उसने अपनी ताक़त दुनिया को दिखाई है। ईरान ने ज़मीन पर अमेरिका की मदद से इज़रायल से मार खाने के बाद ज़मीन के नीचे पूरा का पूरा नौसैनिक अड्डा बनाकर तैयार किया है। ट्रंप की धमकियों और पश्चिम एशिया में मिले लगातार झटकों के बीच ईरान ने अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने का प्रयास तेज कर दिया है। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बताया कि इसमें दर्जनों मिसाइलों से लैस हमला करने वाली नौकाएं हैं।

नेवी बेस कहां है इसकी सटीक जानकारी नहीं दी गई है। इसका एक वीडियो भी शेयर किया गया है।लेकिन ईरान के सरकारी टेलीविजन ने कहा है कि कुछ जहाज़ अमेरिकी युद्धपोतों को ख़त्म की क्षमता रखते हैं।अब इसे कुछ और नहीं ट्रंप के आने से पहले का डर समझा जा रहा है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा दबाव की नीति अपनाई थी।लेकिन अब ईरान ये समझ गया है कि ट्रंप इस बार भी उसकी मुश्किलें और ज़्यादा बढ़ा सकते हैं। इसके तहत एक और जरूरी कदम हाल ही में ईरान ने उठाया जब ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताशर हुए। इस समझौते के तहत ईरान और रूस ने आपसी सैन्य ख़तरों का मुक़ाबला करने के लिेए साथ काम करने का वादा किया है। ईरान ये भी समझ रहा है कि इज़रायल की ओर से आगे आने वाले वक़्त में कभी भी हमले किए जा सकते हैं। उसके लिए भी एक अंडरग्राउंड बेस जरूरी है। इसके अलावा हाल ही में ईरान ने अपनी सेना में 1000 से ज्यादा नए ड्रोन शामिल किए. इनमें हाई स्टील्थ क्षमताएं हैं ।

अब ईरान तमाम तैयारियों में जुटा है लेकिन ईरान के इस प्लान पर भी इज़रायल की नज़र है। तभी तो ट्रंप ने जैसे 47 वे राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली वैसे ही उन्हें बधाई संदेश देते हुए बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान को भी लपेट लिया।और कहा  “इजराइल और अमेरिका ईरान को हराने और उसके क्षेत्रीय प्रभाव को खत्म करने के लिए मिलकर काम करेंगे। मुझे विश्वास है कि हम ईरान के ‘आतंकवादी एक्सिस’ को पूरी तरह हरा देंगे और अपने क्षेत्र के लिए शांति और समृद्धि के एक नए युग की शुरुआत करेंगे.”

अब इसके बाद ईरान और भी ज़्यादा सतर्क हो गया होगा।और सोच रहा होगा कि वो कैसे और ज़्यादा मज़बूत हो।
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