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भारत से ईरान ने मदद की लगाई गुहार, ट्रंप के आने पहले की बड़ी बात

रान दौड़ा दौड़ा भारत के पास आया है और मदद की गुहार लगाई है…ईरान पहले से अमेरिका के प्रतिबंध भी झेल रहा है…इन से परेशान होकर वो आया है भारत की शरण में…और भारत से अपील की है कि वो ईरान से तेल ख़रीदे…इसके अलावा उसने ईरानी नागरिकों को भारतीय वीजा पाने में ढील देने को भी कहा है।

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मिडल ईस्ट में चल रही जंग में इज़रायल ख़ूंख़ार शेर की तरह ऑपरेशन कर रहा है। ग़ाज़ा में हमास की कमर तोड़ेने के बाद लेबनान में बैठे हिज़्बुल्लाह को भी इज़रायल ठिकाने लगा रहा है। अगला नंबर हूती का है और इस बात को ख़ुद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है। उन्होंने धमकी देते हुए हूती को कहा है कि अगर इज़रायल के खिलाफ साज़िश रचना बंद नहीं की गई तो वो हमास जैसा हाल हूती का करेंगे। लेकिन इस बीच ईरान सबसे बुरे दौर से गुज़र रहा है। एक तरफ़ उसके पाले हुए गुट इज़रायल से मार खा रहे हैं वहीं सीरिया में भी अपने मंसूबों को नाकाम होता देख ईरान पूरी तरह बैकफ़ुट पर है। अब इन सब से घिरे ईरान को याद आई है दुनिया में अब एक पहचान रखने वाले और मज़बूती से अपनों के साथ खड़े रहने वाले भारत की। ईरान दौड़ा दौड़ा भारत के पास आया है और मदद की गुहार लगाई है। ईरान पहले से अमेरिका के प्रतिबंध भी झेल रहा है। इन से परेशान होकर वो आया है भारत की शरण में और भारत से अपील की है कि वो ईरान से तेल ख़रीदे। इसके अलावा उसने ईरानी नागरिकों को भारतीय वीजा पाने में ढील देने को भी कहा है। ईरान का कहना है कि इससे भारत और भारतीय नागरिकों के साथ उसकी दोस्ती गहरी होगी।

वैसे भी अब अमेरिका में ट्रंप के आने से ईरान की चिंता और ज़्यादा बढ़ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक़ ईरानी अधिकारी ने कहा कि अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार बनने के बाद भी ईरान के प्रति उनके व्यवहार में बदलाव आने संभावना है। क्योंकि चीन की रणनीतिक ताकत बढ़ने से ज‍ियोपॉल‍िट‍िकल सिनार‍ियो बदल गया है। ट्रंप जब पहले राष्‍ट्रपत‍ि थे, तब उन्‍होंने ईरान पर कई पाबंद‍ियां लगा दी थीं। ईरान की अर्थव्यवस्था पर निगरानी बढ़ाने के साथ 2015 के परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग भी कर दिया था।

अब इसलिए भारत से तेल ख़रीदने की वकालत करते हुए ईरान बार बार भारत से मदद की गुहार लगा रहा है और वो ये जानता है कि उसकी आगे हालत क्या होने वाली है। तेल ख़रीदने की बात करते हुए ईरान की तरफ़ से रूस का जैसे साथ दिया उसी तर्ज़ पर तेल ख़रीदने की बात कही है। अब ये सब जानते है कि अमेरिका का रूस पर बैन के बावजूद भी भारत ने रूस से तेल ख़रीदना जारी रखा बिना किसी की परवाह किए बग़ैर। अब ईरान और रूस पर लगे बैन की परिस्थितियां अलग अलग हैं। तो इसे भी ईरान को ध्यान में रखना होगा।

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अब ऐसा नहीं है कि भारत से ईरान के रिश्ते ख़राब रहे हैं। ईरान भारत का शानदार दोस्‍त रहा है। पिछले डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत, अमेरिका ने ईरान पर 1500 से ज्यादा प्रतिबंध लगाए हैं और तबसे ही वो कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। इसके बाद 2019 में भारत को भी अमेरिका के दबाव में ईरान से कच्चा तेल खरीदना बंद करना पड़ा।

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रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, "2018 में प्रतिबंध लगाए जाने से पहले हमारे भारत के साथ अच्छे आर्थिक संबंध थे। हम समझते हैं कि भारत को प्रतिबंधों का पालन क्यों करना पड़ रहा है, लेकिन व्यापार में साल-दर-साल गिरावट आ रही है, जो अच्छी बात नहीं है।"

अब इसके बदले ईरान ने यमन में फांसी की सज़ा पा चुकीं भारतीय नर्स निमिशा प्रिया का मुद्दा उठाने की बात भी की है। अब देखना होगा की भारत ईरान की इस गुहार पर कितना ध्यान देता है और क्या अमेरिका में ट्रंप के आने के बाद ईरान की मुश्किलों में इज़ाफ़ा होने वाला है।

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