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कुर्दिस्तान में भारत ने भेज दी सबसे बड़ी मदद, तुर्की में मच गई खलबली !

जंग से घिरे देश भी भारत की तरफ़ उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं…और भारत भी बिना डरे बिना रुके उनकी मदद कर रहा है…इसी बीच अब भारत के एक कदम से दुनिया भर में हचलच है…भारत ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में मानवीय सहायता की एक खेप भेजी है…इस खेप में ब्रोन्कोडायलेटर्स, इनहेलर्स और वेंटिलेटर शामिल हैं, जो जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में मदद करेंगे

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भारत।जिसकी ज़रूरत आज पूरी दुनिया को है। पूरी दुनिया आज जब भारत की तरफ़ देख रही है।तब भारत भी सबके साथ और सबको साथ लेकर आगे बढ़ना चाहता है।आज जब भारत की ताक़त को दुनिया जान रही है..पहचान रही है।तब जंग से घिरे देश भी भारत की तरफ़ उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं। और भारत भी बिना डरे बिना रुके उनकी मदद कर रहा है। इसी बीच अब भारत के एक कदम से दुनिया भर में हचलच है।भारत ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में मानवीय सहायता की एक खेप भेजी है।इस खेप में ब्रोन्कोडायलेटर्स, इनहेलर्स और वेंटिलेटर शामिल हैं, जो जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में मदद करेंगे।अपने इस कदम से भारत ने एक बार फिर बता दिया है कि वो दुनिया के लिए अच्छा दोस्त है। वहीं भारत के इस कदम से इराक़ के कुर्दिस्तान वाले क्षेत्र में हमले करवाने वाले तुर्की को भी बड़ा झटका लगा है।

तुर्की कुर्दिस्तान में लंबे समय से हमले कर रहा है।जिससे यहां के लोग कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे हैं..इस मानवीय मदद भेजने के लेकर MEA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "विश्वबंधु भारत: भारत ने इराक को मानवीय सहायता भेजी है। इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में लोगों की सहायता के लिए ब्रोन्कोडायलेटर्स, इनहेलर्स और वेंटिलेटर से युक्त एक खेप नई दिल्ली से रवाना हुई है"


अब भारत के इस कदम से पाकिस्तान के साथ मिलकर कश्मीर का राग अलापने वाले तुर्की को भारत का कूटनीतिक तमाचा ही है। साथ ये भी बता दिया गया है कि भारत दुनिया में कहीं भी जंग के पक्ष में नहीं है।वो सिर्फ़ शांति चाहता है।वहीं ये पहले बार नहीं है जब भारत ने दोस्ती का कदम बढ़ाया हो। भारत ने 2016 में इराक़ी कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल में अपना कॉन्सुलेट खोला जिससे भारत और इराक़ के रिश्तों में मज़बूती आ सके।

अब ये तो है भारत की तरफ़ से अपने साथियों के साथ हमेशा खड़े रहने का मज़बूत उदाहरण। वहीं भारत की तरफ़ अभी भी टेढ़ी आंख कर देखने वालों के लिए भी ये सबसे बड़ा झटका ही है।भारत अपनी ज़िम्मेदारियों को कैसे निभाता है ये भी इस तस्वीर से पता चलता है।

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