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मोदी की अमेरिका यात्रा से पहले डोभाल को समन, भारत के जवाब से सहमा अमेरिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे से ठीक पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है…अमेरिका के एक कोर्ट ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंतसिंह पन्नू की हत्या की साजिश के मामले में भारत सरकार को समन भेजा। इस समन में भारत के NSA अजीत डोभाल के साथ कई और अधिकारियों के नाम शामिल हैं

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एक आतंकी के लिए अमेरिका ने भारत से पंगा ले लिया है। उस भारत से पंगा लिया जो अब एक ऐसी महाशक्ति बनने की ओर आगे बढ़ रहा है। कि उसके सामने टिक पाना भी मुश्किल होगा। चीन और पाकिस्तान जैसे भारत के आगे पानी माँगेंगे। अमेरिका जो बड़ी महाशक्ति होने की बात कहता है वो भी 100 बार कुछ बोलने से पहले सौ बार सोचेगा और इस बात का अंदाज़ा अमेरिका को एक आतंकी के लिए भारत से पंगा लेने के बाद पता चल ही गया होगा। जब भारत ने ऐसा जवाब दिया कि अमेरिका भी झन्ना गया। अमेरिका को पता चल गया होगा कि मोदी और भारत के सबसे ख़ास जेम्स बॉंड कहे जाने वाले अजीत डोभाल की तरफ़ ग़लत तरीके से देखा तो क्या हुआ। पूरा मामला क्या है अब वो समझिए।

खालिस्तानी आतंकी के लिए अमेरिका ने लिया भारत से पंगा 

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे से ठीक पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका के एक कोर्ट ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश के मामले में भारत सरकार को समन भेजा। इस समन में भारत के NSA अजीत डोभाल के साथ कई और अधिकारियों के नाम शामिल हैं। यह समन खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की तरफ से दाखिल सिविल केस में भेजा गया है, जिसमें खालिस्तानी आतंकी ने इन अधिकारियों पर अमेरिका में अपनी हत्या की कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। NSA को भेजे गए इस समन को लेकर भारत भड़क गया है। विदेश मंत्रालय ने इसे पूरी तरह अनुचित बताते हुए इस पर विरोध जताया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा:

'हमारी जानकारी में यह मुद्दा आने के तत्काल बाद इससे निपटने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी गठित की गई है। यह पूरी तरह से अनुचित केस है। मैं यह केस दाखिल करने वाले व्यक्ति की तरफ आपका ध्यान खींचना चाहूंगा। पन्नू का इतिहास हर कोई जानता है। पन्नू एक कट्टरपंथी गैरकानूनी संगठन सिख फॉर जस्टिस का प्रमुख है, जिसे भारतीय नेताओं और संस्थानों के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने और धमकियां देने के लिए हर कोई जानता है। नई दिल्ली उसे 2020 में ही आतंकवादी घोषित कर चुकी है।'

आतंकी पन्नू ने हर समय सिर्फ़ भारत के ख़िलाफ़ ज़हर उगलने का काम किया है। और उसकी याचिका को इतना सीरियस लेना ये साफ़ करता है कि भारत की बढ़ती शक्ति से अब कई देशों को कितनी दिक़्क़त होने लगी है। लेकिन भारत अब रुकने वाला नहीं है, ना कोई भारत को अब रोक सकता है।

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