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सीरिया में बड़ा तख्तापलट, कौन है राष्ट्रपति को घुटने पर लाने वाला अबू मोहम्मद अल जुलानी ?

सीरिया में विद्रोही लड़ाकों ने बशर अल-असद की सरकार का तख्तापलट किया है…और वहां से जश्न की तस्वीरें सामने आ रही हैं…विद्रोहियों ने राजधानी दमिश्क और सरकारी टीवी नेटवर्क पर कब्जा कर लिया।आखिर क्या है HTS और कौन है इसका मुखिया अबू मोहम्मद अल जोलानी जिसने राष्ट्रपति असद की सरकार को उखाड़ कर रख दिया जानने के लिए देखिए वीडियो

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11 दिन में 50 साल का शासन गंवाकर देश छोड़ने पर मजबूर हुए सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद अब कहां हैं, यह तो नहीं पता, लेकिन 2011 से चल रहा उनके खिलाफ विद्रोह अब जाकर खत्म हुआ है। विद्रोही लड़ाकों ने बशर अल-असद की सरकार का तख्तापलट कर दिया है और जश्न की तस्वीरें सामने आ रही हैं। विद्रोहियों ने राजधानी दमिश्क और सरकारी टीवी नेटवर्क पर कब्जा कर लिया है। कुल मिलाकर, सीरिया के विद्रोही गुट हयात तहरीर अल-शाम (HTS) ने पूरे सीरिया पर कब्जे की घोषणा की है। अब लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर HTS है क्या और इसका मुखिया अबू मोहम्मद अल-जोलानी कौन है, जिसने बशर अल-असद की सरकार को उखाड़ फेंका और उसे घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।

अल-कायदा और ISIS से निकला कट्टर सलाफी विचारधारा को मानने वाला अबू मोहम्मद अल-जोलानी इस समय सीरिया का सबसे ताकतवर शख्स बन गया है। हयात तहरीर अल-शाम का प्रमुख, जोलानी एक सऊदी मूल का सीरियाई है। वह एक इस्लामिक नेता है, लेकिन खुद को आधुनिक बताता है। जब जोलानी ने HTS को अल-कायदा से अलग किया, तब से उसका मुख्य उद्देश्य सीरिया में बशर अल-असद की सरकार को हटाना था।

साल 1982 में जन्मे जोलानी का असली नाम अहमद हुसैन अल-शारा है। उसके पिता दमिश्क में तेल इंजीनियर थे। कम उम्र में ही जोलानी आतंकी संगठनों से जुड़ गया था। 2003 में वह इराक चला गया, जहां उसे गिरफ्तार किया गया। 2008 में रिहाई के बाद वह अल-कायदा में वापस चला गया और बगदादी के नेतृत्व में सीरिया में अल-कायदा की शाखा जबात अल-नुसरा की स्थापना की। बाद में, उसने खुद को अल-कायदा और ISIS से अलग करने के लिए अपने गुट का नाम हयात तहरीर अल-शाम रखा, जिससे उसे सीरिया में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद मिली।

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अल-असद की सरकार के देश छोड़ने के बाद, सीरियाई प्रधानमंत्री मोहम्मद गाजी अल जलाली ने विद्रोहियों को सत्ता सौंपने का प्रस्ताव दिया है। प्रधानमंत्री जलाली ने एक रिकॉर्डिंग में कहा कि वह देश में ही रहेंगे और जिस भी नेता को सीरिया के लोग चुनेंगे, उसके साथ काम करेंगे। CNN की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक हफ्ते में विद्रोहियों ने सीरिया के चार बड़े शहरों पर कब्जा कर लिया है, जिनमें अलेप्पो, हमा, होम्स और दारा शामिल हैं। विद्रोही लड़ाके 6 दिसंबर को दारा से होते हुए राजधानी दमिश्क में घुसे और यहां कब्जा किया। दारा वही शहर है, जहां 2011 में बशर अल-असद के खिलाफ विद्रोह की शुरुआत हुई थी, और अब विद्रोहियों ने सीरिया पर कब्जा कर लिया और असद की सत्ता को खत्म कर दिया है।

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