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तगड़ी मुश्किल खड़ी कर गए बाइडेन, अब क्या करेंगे ट्रंप ?

4 साल बाद कुर्सी छोड़ रहे बाइडेन.. ट्रंप के लिए एक तरह से ऐसा चक्रव्यूह रच रहे हैं जिसमें अगर ट्रंप फंस गए तो उन्हें अपने कार्यकाल में मुश्किल होने वाली है…जो बाइडेन ने घोषणा की कि वो अमेरिकी जेलों में बंद 1500 क़ैदियों की सज़ा माफ़ कर रहे हैं..जिसमें चार भारतीय मूल के अमेरिकी भी हैं..

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अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद अब अगले महीने डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। उससे पहले जो बाइडेन तमाम फ़ैसले ले रहे हैं। और इनमें से कुछ फैसले ऐसे भी हैं जो ट्रंप के लिए जी का जंजाल बन सकते हैं। 4 साल बाद कुर्सी छोड़ रहे बाइडेन। ट्रंप के लिए एक तरह से ऐसा चक्रव्यूह रच रहे हैं जिसमें अगर ट्रंप फंस गए तो उन्हें अपने कार्यकाल में मुश्किल होने वाली है। जो बाइडेन ने घोषणा की कि वो अमेरिकी जेलों में बंद 1500 क़ैदियों की सज़ा माफ़ कर रहे हैं।जिसमें चार भारतीय मूल के अमेरिकी भी हैं। और गैर-हिंसक अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए 39 लोगों को क्षमादान दे रहे हैं। अपने पद से हटने से पहले बाइडेन क्षमादान वाली शक्ति का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं। दरअसल, ये सभी 1500 क़ैदी कोरोना महामारी के दौरान जेल से रिहा किए गए थे और घर में नजरबंद थे।

कोरोना के दौरान अमेरिका में कुछ कैदियों को जेल से शिफ्ट कर घर में नजरबंद कर दिया गया था। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक उस समय जेल में बंद हर 5 में से 1 कैदी को कोरोना हुआ था। जिसके बाद बाइडेन सरकार ने यह फैसला लिया था। अब ये इन क़ैदियों की सज़ा माफ़ करते हुए बाइडेन ने कहा कि "अमेरिका लोगों को नए मौके देता है। राष्ट्रपति के तौर पर मुझे उन लोगों पर दया दिखाने का मौका मिला है, जिन्होंने गलती सुधारने की हिम्मत दिखाई। इन लोगों को दोबारा मौका मिला है कि वो अपना जीवन बेहतर बनाएं और समाज के लिए योगदान दें। हमनें जिन लोगों को माफी दी है उनमें से ज्यादातर नशीले पदार्थों के अपराध से जुड़े थे"।

अब ये अमेरिका में हाल में दी गई सबसे बड़ी माफ़ी है। माफ़ी पाने वालों में 4 जो भारतीय हैं उनमें मीरा सचदेवा, बाबूभाई पटेल, कृष्णा मोटे और विक्रम दत्ता शामिल हैं।दिसंबर 2012 में धोखाधड़ी का दोषी ठहराए जाने की वजह से डॉ. मीरा सचदेवा को 20 साल जेल की सजा सुनाई गई थी और उन पर 82 लाख डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया था। अपनी इन्हीं शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए। बाइडेन ने पहले अपने बेटे हंटर बाइडेन की सज़ा भी माफ़ करदी हंटर बाइडेन अवैध तरीके से बंदूक रखने और टैक्स चोरी के मामले में सजा का सामना कर रहे थे। उनकी सज़ा माफ़ करते हुए बाइडेन ने हंटर को उनके बेटे होने की वज़ह से फंसाने की बात कही थी और कहा था  "मुझे कानून व्यवस्था पर पूरा यकीन है, लेकिन राजनीति ने इसे गंदा कर दिया है। यह न्याय व्यवस्था की नाकामी है। हंटर के मामले को देखने वाला कोई भी समझदार शख्स यह जानता होगा कि उसे सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह मेरा बेटा है "

हंटर पर अवैध तरीके से बंदूक खरीदने का क्या है मामला ? 

हंटर की गन कोल्ट कोबरा रिवॉल्वर। हंटर ने अक्टूबर 2018 में बंदूक खरीदने के लिए दी जाने वाली जरूरी जानकारी को छिपाया। हंटर ने इस बात को छिपाया कि उन्हें ड्रग्स की लत है। अमेरिकी कानून के मुताबिक नशा करने वाला बंदूक नहीं रख सकता। जून 2024 में हंटर को अवैध बंदूक मामले में दोषी पाया गया।

अब इस मामले के बाद जब बाइडेन ने अपने बेटे की सज़ा ये कहकर माफ़ की कि उनके ख़िलाफ़ साज़िश की गई तो सवाल ये बनता है कि  "बाइडेन ने अपने बेटे को माफ़ किया तो उनपर दूसरे क़ैदियों को माफ़ करने का दबाव बना ?

जो अवैध तरीके से बंदूक रखने, नशे की लत और टैक्स चोरी के मामले में दोषी हो उसे सिर्फ़ इसलिए छोड़ देना की वो राष्ट्रपति का बेटा है क्या वो सही है ?

अब ऐसे फ़ैसलों के बाद ट्रंप की मुश्किल कितनी बढ़ने वाली है ?
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