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‘मुझे पद से मुक्त कर दें, मेरी कमाई कम हो गई…’, मोदी के मंत्री सुरेश गोपी ने क्यों जताई ऐसी इच्छा, वजह जानकर होगी हैरानी

सुरेश गोपी ने केरल के कन्नूर में पार्टी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि मंत्री पद संभालने के बाद से उनकी आय में काफी गिरावट आई है. इसलिए वो मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहते हैं, उन्होंने अपनी जगह राज्यसभा सांसद सदानंदन को मंत्री बनाएं इज्छा ज़ाहिर की है.

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केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी अपने एक बयान की वजह से सुर्खियों में आ गए हैं. अभिनेता से राजनेता बने सुरेश गोपी ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए राजनीति से दूर होकर अपने फिल्मी करियर में वापसी की इच्छा जताई है. 

‘मेरी आमदनी पूरी तरह रुक गई है’

सुरेश गोपी ने केरल के कन्नूर में पार्टी के एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि मंत्री पद संभालने के बाद से उनकी आय में काफी गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि “ मैं सच में फिर से अभिनय करना चाहता हूं. मुझे कमाई करनी है, क्योंकि मंत्री बनने के बाद मेरी आमदनी पूरी तरह रुक गई है. क्योंकि मेरे बच्चे अभी कहीं बसे नहीं हैं. कुछ लोग मेरी कमाई पर ही पूरी तरह से निर्भर हैं. कम से कम उनमें से कुछ की मदद करने के लिए मेरी इनकम का सोर्स बंद नहीं होना चाहिए. अभी, यह लगभग पूरी तरह से बंद हो गया है.

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‘मैंने कभी भी मंत्री बनने की इच्छा नहीं की थी’

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सुरेश गोपी केरल से बीजेपी के पहले लोकसभा सांसद हैं. वो फ़िलहाल केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस एवं  पर्यटन राज्य मंत्री है. गोपी ने अपनी जगह केंद्रीय मंत्री के रूप में नियुक्त किए जाने के लिए राज्यसभा सांसद सदानंदन मास्टर का नाम प्रस्तावित किया. उन्होंने कहा, "मैंने कभी भी मंत्री बनने की इच्छा नहीं की थी. चुनाव से एक दिन पहले, मैंने पत्रकारों से कहा कि मैं मंत्री नहीं बनना चाहता, मैं अपना सिनेमा जारी रखना चाहता हूँ. मैं इस पार्टी का सबसे युवा सदस्य हूं. मुझे याद है, मैंने 28 अक्टूबर, 2016 को अपनी पार्टी की सदस्यता ली थी. उस समय हमें छह महीने के भीतर पार्टी की सदस्यता लेने के लिए कहा गया था. मैंने जल्दबाजी में ऐसा किया, यह मेरी योजना नहीं थी.”

‘मेरी जगह सी. सदानंद मास्टर को मंत्री बना दिया जाए’

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सुरेश गोपी ने  आगे कहा कि “शायद जनादेश के सम्मान के कारण, केरल से जनता द्वारा चुने गए पहले सांसद होने के नाते, पार्टी ने एक निश्चित ज़िम्मेदारी दी थी. इसलिए मुझे मंत्री बनाया गया था. हालांकि मैं अपनी तरफ से कहना चाहता हूं. अगर मुझे इस पद से मुक्त कर दिया जाए और उनकी जगह उन्हें (सी. सदानंद मास्टर) मंत्री बना दिया जाए, तो मुझे सचमुच विश्वास है कि यह केरल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा.”

गोपी केरल से भाजपा के पहले लोकसभा सांसद हैं 

गोपी केरल से भाजपा के पहले लोकसभा सांसद हैं और मलयालम फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय से अभिनेता हैं. उन्होंने यह टिप्पणी राज्यसभा सांसद सी सदानंदन मास्टर के सांसद कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद की है, गोपी ने पहले भी कहा है कि वह नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में राज्य मंत्री (पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, पर्यटन) के पद से हटना चाहते हैं, उन्होंने अभिनय के प्रति अपने झुकाव और विभिन्न फिल्म परियोजनाओं के लिए पूर्व प्रतिबद्धताओं का हवाला दिया था.

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2024 के लोकसभा चुनाव में दर्ज की थी जीत

अभिनेता से राजनेता बने सुरेश गोपी 2016 में भाजपा में शामिल हुए और उसी साल कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया गया था. 2019 और 2021 में, उन्होंने केरल में लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़े, लेकिन दोनों ही मुक़ाबले हार गए. 2024 के लोकसभा चुनावों में, उन्होंने त्रिशूर संसदीय सीट पर भाकपा के वी.एस. सुनील कुमार को 74,000 से ज़्यादा मतों से हराकर जीत हासिल की. इस साल की शुरुआत में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कन्नूर से भाजपा के वरिष्ठ नेता सदानंदन मास्टर को राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया था.

सुरेश गोपी का वर्कफ्रंट 

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सुरेश गोपी मुख्य रूप में मलयालम सिनेमा में काम करते हैं और कुछ तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और बॉलीवुड फिल्मों में भी दिखाई दिए हैं. सुरेश ने 1986 में अपने अभिनय की शुरुआत की और तब से 250 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है. 1998 में, उन्होंने कलियाट्टम में अपने प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का केरल राज्य फिल्म पुरस्कार जीता था.

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वो सितंबर 2023 से सत्यजीत रे फिल्म और टेलीविजन संस्थान के अध्यक्ष के रूप में भी कार्यरत हैं.

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