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'हिंदुओं को क्यों गाली दे रहे हो?', जावेद अख्तर ने पाकिस्तन के आर्मी चीफ आसिम मुनीर पर बोला तीखा हमला
पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर के हिंदू विरोधी बयान पर जावेद अख्तर का कड़ा जवाब. भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, जावेद अख्तर ने पाकिस्तान सरकार, सेना और कट्टरपंथियों के खिलाफ अपने विचार स्पष्ट किए.
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भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब नफ़रत की भाषा इंसानियत की सीमाएं लांघ जाए, तब चुप रहना भी एक तरह का अपराध बन जाता है.
हाल ही में पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर ने एक ऐसा बयान दिया जिसने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे हिंदू समुदाय को निशाना बनाया. इस पर भारत के जाने-माने लेखक और शायर जावेद अख्तर का गुस्सा फूट पड़ा.
नफ़रत भारत से है या धर्म से?
एक इंटरव्यू के दौरान जावेद अख्तर ने दो टूक कहा कि जनरल मुनीर का बयान बेहद गैर-जिम्मेदाराना और नफरत फैलाने वाला था. उन्होंने कहा,
"अगर आपको लगता है कि भारत से कोई समस्या है तो भारत को कहिए. लेकिन आप हिंदुओं को क्यों गाली दे रहे हैं? पाकिस्तान में भी तो हिंदू रहते हैं. क्या आपको अपने ही देश के नागरिकों का सम्मान करना नहीं आता?”
आम पाकिस्तानी हमारा दुश्मन नहीं
जावेद अख्तर ने साफ़ कहा कि भारत कभी भी पाकिस्तान के आम नागरिकों को अपना दुश्मन नहीं मानता.उन्होंने कहा - "हर देश की सरकारें बदलती रहती हैं. किसी देश के सारे लोग एक जैसे नहीं होते. हमारी नाराज़गी पाक सरकार, सेना और कट्टरपंथियों से है – ना कि उन आम लोगों से जो खुद भी पीड़ित हैं.”उन्होंने पाकिस्तान की सरकार को ये भी याद दिलाया कि अगर वो वास्तव में अपने देश के भला चाहने वाला हैं तो उन्हें अपने नागरिकों और अल्पसंख्यकों की इज़्ज़त करनी चाहिए.
कारगिल की कड़वी यादें
जावेद अख्तर ने पाकिस्तान की एक पुरानी और शर्मनाक हरकत की भी याद दिलाई. उन्होंने कहा - "कारगिल युद्ध में मारे गए पाक सैनिकों की लाशें लेने से उनकी सरकार ने मना कर दिया था. हमारे सैनिकों ने उनका अंतिम संस्कार किया. हमारे एक टॉप ऑफिसर ने उनकी तस्वीरें एक एल्बम में लगाईं और पाकिस्तान को भेजा, लेकिन उन्होंने लेने से इनकार कर दिया.”
जावेद अख्तर ने पाकिस्तान की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस अब्दाली के नाम पर वहां मिसाइल बनाई गई है, वो तो इतिहास में मुसलमानों पर ही हमला करता था. "क्या तुम्हें अपने इतिहास की भी समझ नहीं? तुम ऐसे लोगों को अपना आदर्श मानते हो जिन्होंने तुम्हारे ही जैसे लोगों को तबाह किया.”
अरब देश भी अब पहचानने से कतरा रहे हैं
जावेद अख्तर ने ये भी बताया कि अब तो हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि कई अरब देशों ने पाकिस्तानियों को वीज़ा देना बंद कर दिया है.
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा,"ये वैसा ही है जैसे दिल्ली की किसी गली में कोई लड़का कहे कि वो शाहरुख खान को जानता है,लेकिन शाहरुख खान उसे जानता भी नहीं"
मुनीर का विवादित बयान
पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर ने हाल ही में एक भाषण में पुरानी "दो-राष्ट्र सिद्धांत" को दोहराते हुए कहा कि पाकिस्तानियों को अपने बच्चों को ये सिखाना चाहिए कि हिंदू और मुसलमान जीवन के हर पहलू में एक-दूसरे से अलग हैं.
उन्होंने कहा:"हमारे पूर्वजों का मानना था कि हम हिंदुओं से जीवन के हर पहलू में अलग हैं — हमारा धर्म, हमारे रीति-रिवाज, परंपराएं, सोच और महत्वाकांक्षाएं सब कुछ अलग है. यही दो-राष्ट्र सिद्धांत की नींव थी, जिसके आधार पर पाकिस्तान बना.”
इस बयान ने विवाद को और भड़काया और यही वो क्षण था जिसने जावेद अख्तर को चुप न रहने का कारण दिया.वैसे जावेद अख्तर की बातों ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि भारत नफरत के खिलाफ है, ना कि किसी धर्म या देश के आम नागरिकों के.
जो बोलता है, वही बदलाव लाता है और जावेद अख्तर की ये आवाज़ एक जिम्मेदार भारतीय की आवाज है.
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