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दीपिका के JNU विवाद पर विवेक अग्निहोत्री का बड़ा बयान, कहा- ये बात मूर्खता की नहीं है...
विवेक अग्निहोत्री ने दीपिका पादुकोण की JNU विज़िट को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा कि शायद उन्हें पता ही नहीं था कि वे वहां क्या कर रही थीं. जानिए इस विवाद से जुड़ी पूरी कहानी और विवेक के तर्क.
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निर्देशक विवेक अग्निहोत्री अपनी आगामी फिल्म 'द बंगाल फाइल्स' को लेकर सुर्खियों में हैं, जो 15 अगस्त 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है. फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में उन्होंने हाल ही में पत्रकार शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर एक बातचीत के दौरान अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की 2020 में JNU विजिट को लेकर अपनी राय साझा की.
दीपिका की JNU विजिट फिर बनी चर्चा का विषय
जनवरी 2020 में दीपिका पादुकोण, अपनी फिल्म 'छपाक' की रिलीज से ठीक पहले, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन में मौन समर्थन के लिए पहुंची थीं. उस समय ये कदम खासा विवादित बन गया था और कई लोगों ने इसे फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर भी असर डालने वाला करार दिया था.
विवेक अग्निहोत्री ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा,“मैं गारंटी के साथ कह सकता हूं कि दीपिका को उस समय शायद अंदाजा नहीं था कि वह किस राजनीतिक माहौल में जा रही हैं. ये फैसला शायद उनके पीआर टीम की सलाह पर लिया गया होगा.”
जब उनसे ये पूछा गया कि क्या वह दीपिका को 'डंब' मानते हैं, तो विवेक अग्निहोत्री ने कहा,
“ये बात समझदारी या मूर्खता की नहीं है. कई बार सेलिब्रिटीज को उनके पीआर द्वारा ऐसे सुझाव दिए जाते हैं जो उन्हें फायदेमंद लग सकते हैं. लेकिन ये कदम सिर्फ एक इवेंट नहीं था, बल्कि एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा था.”
“अगर उन्हें पता होता, तो शायद वो नहीं जातीं”
विवेक अग्निहोत्री ने ये भी कहा कि दीपिका एक बेहद समझदार और बुद्धिमान अभिनेत्री हैं, लेकिन“अगर उन्हें ये मालूम होता कि इस कदम से उनके करियर पर कितना बड़ा प्रभाव पड़ सकता है, तो वह शायद वहां नहीं जातीं. राजनीति में शामिल होना बिना नतीजे के नहीं होता — आप आग से खेलते हैं तो जलने का खतरा होता है.”
JNU में दीपिका पादुकोण की मौजूदगी पर क्यों छिड़ा था विवाद?
जनवरी 2020 में, दीपिका पादुकोण अपनी फिल्म 'छपाक' के प्रमोशन के दौरान दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) पहुंचीं.वहां कुछ दिन पहले नकाबपोश हमलावरों द्वारा छात्रों और फैकल्टी पर हिंसक हमला हुआ था. इस घटना के विरोध में छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे थे, जिनमें वामपंथी छात्र संगठन (Left student groups) प्रमुख रूप से शामिल थे.
दीपिका बिना कोई बयान दिए केवल कुछ मिनटों के लिए प्रदर्शन स्थल पर JNU छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष के साथ मौन खड़ी रहीं. उन्होंने भाषण नहीं दिया और पत्रकारों से भी बात नहीं की.
विवाद क्यों हुआ?
• कई लोगों ने दीपिका की मौजूदगी को राजनीतिक समर्थन के रूप में देखा, विशेषकर वामपंथी संगठनों के लिए.
• सोशल मीडिया पर #BoycottChhapaak ट्रेंड करने लगा था.
• कुछ समूहों का कहना था कि दीपिका ने बिना संपूर्ण जानकारी लिए राजनीतिक एजेंडा सपोर्ट किया.
• वहीं, उनके समर्थन में यह तर्क भी दिया गया कि उन्होंने एक मानवाधिकार के मुद्दे पर शांतिपूर्ण रूप से अपना स्टैंड लिया.
इस मुद्दे ने सोशल मीडिया पर दो धड़ों को जन्म दिया—एक पक्ष दीपिका की सराहना कर रहा था, वहीं दूसरा इसे 'फिल्म प्रमोशन का हथकंडा' बता रहा था.
'छपाक' के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर भी चर्चा
फिल्म छपाक, जो एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल की कहानी पर आधारित थी, दीपिका पादुकोण की आखिरी मुख्य भूमिका वाली फिल्म रही. इसके बाद उन्होंने Pathaan, Jawan, Fighter जैसी फिल्मों में सपोर्टिंग या मल्टी-लीड रोल निभाए.
निर्देशक मेघना गुलजार ने भी दो साल पहले एक इवेंट में ये स्वीकारा था कि JNU विजिट ने फिल्म के प्रदर्शन पर असर डाला.
बात करे विवेक अग्निहोत्री की इस टिप्पणी ने एक बार फिर इंडस्ट्री में स्टार्स के राजनीतिक स्टैंड और उनके प्रोफेशनल फैसलों पर बहस छेड़ दी है. वहीं, 'द बंगाल फाइल्स' के प्रमोशन के साथ ही ये साफ है कि निर्देशक विवादित मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटते.
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