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'उदयपुर फाइल्स' विवाद: SC को केंद्र सरकार के फैसले का इंतज़ार, कोर्ट में सिब्बल बोले- मैं फिल्म देखकर हिल गया

'उदयपुर फाइल्स' को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने रोक जारी रखी है. केंद्र सरकार के फैसले का इंतज़ार करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने केँद्र सरकार की कमेटी से जल्द फैसला लेने का अनुरोध किया है.

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राजस्थान के बहुचर्चित कन्हैया लाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ काफी दिनों से खबरों में बनी हुई है, हाल ही में खबरें आई थी कि दिल्ली हाईकोर्ट ने इस फिल्म पर रोक लगा दी है. इस फिल्म को 11 जुलाई को रिलीज़ किया जाना था, लेकिन अभी फिल्म की रिलीज़ का रास्ता साफ़ नहीं हुआ है. 

SC को केंद्र सरकार के फैसले का इंतज़ार
वहीं अब सुनने में आ रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने उदयपुर फाइल्स पर रोक जारी रखी है. केंद्र सरकार के फैसले का इंतज़ार करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने केँद्र सरकार की कमेटी से जल्द फैसला लेने का अनुरोध किया है. सुप्रीम कोर्ट सोमवार को मामले पर अदली सुनवाई करेगी. कोर्ट ने आदेश में यह भी दर्ज किया है कि मृतक कन्हैया लाल के बेटे को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. संबंधित एसपी और आयुक्त इसका आकलन करेंगे.

सुप्रीम कोर्ट में क्या बोले कपिल सिब्बल
वहीं फिल्म देखने के बाद वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने फिल्म देखने के बाद अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है, कपिल सिब्बल ने कहा कि “जब हाईकोर्ट ने हमसे पूछा, तो मैंने खुद फिल्म देखी. मैं पूरी तरह से हिल गया था. अगर कोई जज इसे देखे, तो उसे पता चलेगा कि यह पूरी तरह से समुदाय के खिलाफ नफरत का विषय है, मैं आमतौर पर दूसरे पक्ष में हूं. यह एक दुर्लभ मामला है. यह हिंसा को जन्म देता है.
उन्होंने आगे कहा कि “यह एक समुदाय का अपमान है. समुदाय का एक भी सकारात्मक पहलू नहीं दिखाया गया है. समलैंगिकता, न्यायिक मामले, महिलाओं के साथ व्यवहार, एक लोकतांत्रिक देश ऐसी फिल्म को प्रमाणित कर रहा है. अकल्पनीय, मुझे नहीं लगता कि किसी भी देश में इस तरह के एजेंडा आधारित फिल्म को अनुमति मिलनी चाहिए.”

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हाई कोर्ट ने लगाई फिल्म की रिलीज पर रोक
फिल्म की रिलीज को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई थी. कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी. कोर्ट ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार इस मामले में अंतिम फैसला नहीं लेती, तब तक फिल्म रिलीज नहीं होगी. हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता जमीयत उलेमा-ए-हिंद को सिनेमैटोग्राफ एक्ट की धारा-6 के तहत केंद्र सरकार के पास अपनी शिकायत दर्ज करने के लिए दो दिन का समय दिया. कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि यदि ऐसी शिकायत मिलती है, तो केंद्र सरकार को एक सप्ताह में फैसला लेना होगा.

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किस पर बेस्ड है फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’?
‘उदयपुर फाइल्स’ 28 जून 2022 को उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल साहू की हत्या पर आधारित है. कन्हैया लाल पर आरोप था कि उन्होंने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की थी, जिसके बाद दो हमलावरों ने उनकी दुकान पर घुसकर गला रेतकर हत्या कर दी थी. इस घटना को हमलावरों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल भी किया था, जिससे देशभर में आक्रोश फैल गया था.

फिल्म की स्टारकास्ट 
फिल्म में विजय राज, रजनीश दुग्गल और प्रीति झांगियानी जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं. यह फिल्म 11 जुलाई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी. हालांकि, जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने याचिका दायर कर दावा किया कि फिल्म का कंटेंट सांप्रदायिक तनाव भड़का सकता है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने से पहले कई कट्स लगाए थे.

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क्यों विवादों में है फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’?
फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ वर्ष 2022 में हुए कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित है. ट्रेलर में नूपुर शर्मा के बयान, ज्ञानवापी विवाद और कुछ ऐसे दृश्य दिखाए गए हैं जिन्हें लेकर आरोप लगे हैं कि वे एक विशेष समुदाय को निशाना बनाते हैं. इसी आधार पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने दिल्ली, मुंबई और गुजरात हाईकोर्ट में फिल्म की रिलीज पर  रोक लगाने की याचिका दायर की है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह फिल्म सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है, वहीं फिल्म निर्माता दावा कर रहे हैं कि उनका उद्देश्य केवल सत्य को सामने लाना है.

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