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सुप्रीम कोर्ट जैसी जगह पर TV एक्ट्रेस के साथ हुई छेड़छाड़, इंटरव्यू में किया खुलासा
टीवी एक्ट्रेस निमृत कौर अहलूवालिया ने सुप्रीम कोर्ट में हुए यौन उत्पीड़न का दर्दनाक खुलासा किया, जब वह लॉ स्टूडेंट थीं.
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टीवी जगत की लोकप्रिय अभिनेत्री और छोटी सरदारनी फेम निमृत कौर अहलूवालिया ने हाल ही में एक दिल दहला देने वाला अनुभव साझा किया है. बिग बॉस 16 में अपने बेबाक अंदाज और मजबूत स्टैंड के लिए चर्चाओं में रही निमृत ने अब अपने कॉलेज के दिनों की एक दर्दनाक घटना को लेकर चुप्पी तोड़ी है.
जब एक लॉ स्टूडेंट थी निमृत
एक वेबसाइट को दिए गए इंटरव्यू में, निमृत ने बताया कि जब वो लॉ की पढ़ाई कर रही थीं, उस समय उन्हें सुप्रीम कोर्ट जैसी सर्वोच्च संस्था में यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा. ये घटना तब हुई जब वो कॉलेज के थर्ड ईयर में थीं और एक हाई-प्रोफाइल केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट पहुंची थीं.
कोर्ट रूम में हुआ था अपमान
निमृत बताती हैं, "मैं अपने एक दोस्त के साथ सुनवाई देखने गई थी। कोर्ट रूम पूरी तरह भरा हुआ था, और वहां माननीय जज भी मौजूद थे। लेकिन भीड़ का फायदा उठाते हुए एक वरिष्ठ वकील ने मेरे साथ अश्लील हरकत की। यह मेरे लिए गहरे आघात का कारण बना।"
उन्होंने बताया कि वह अकेली नहीं थीं, उसी व्यक्ति ने कई अन्य लड़कियों के साथ भी ऐसा किया था. ये घटना उनके लिए बेहद शर्मनाक और भावनात्मक रूप से तोड़ देने वाली थी.
निमृत ने आगे बताया, "पहले तो मुझे लगा कि शायद यह मेरी गलती है या मैं ज़्यादा सोच रही हूं, लेकिन जब उसने दोबारा ऐसा किया, तो मैं डर गई। आंखों से आंसू बहने लगे। उसी समय पास खड़ी एक महिला, जो पहले भी उस वकील की हरकत का शिकार हो चुकी थी, मुझे बाहर ले गई और उस व्यक्ति को तमाचा मारा।"
निमृत ने ये भी साझा किया कि वो इस घटना के बाद उस व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना चाहती थीं, लेकिन अंत में उस वकील ने उनसे लिखित माफी मांगी. हालांकि, ये माफी उस दर्द को कभी खत्म नहीं कर सकती जो उन्होंने महसूस किया.
क्या कहते हैं ऐसे अनुभव?
इस घटना को साझा कर निमृत ने ना केवल अपनी आवाज उठाई है, बल्कि हजारों युवा लड़कियों को ये संदेश भी दिया है कि चुप रहना कोई विकल्प नहीं है. न्याय व्यवस्था के सबसे ऊंचे स्तर पर इस तरह की घटनाएं होना न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि ये हमारी सोच को झकझोरने के लिए भी काफी है.
निमृत कौर अहलूवालिया की ये हिम्मत भरी बात एक सच्चाई को सामने लाती है कि छेड़छाड़ जैसी घटनाएं कहीं भी हो सकती हैं, चाहे वो जगह कितनी भी सुरक्षित या सम्मानित क्यों न लगती हो. ऐसे अनुभवों को सबके साथ बांटना बहुत जरूरी है, ताकि लोग जागरूक हों और समाज में बदलाव आ सके.
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