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AI से बनाई गईं ऐश्वर्या राय की आपत्तिजनक तस्वीरें, कोर्ट पहुंची एक्ट्रेस ने की ये मांग
अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन ने इंटरनेट पर फैल रही अपनी फेक AI तस्वीरों को लेकर कोर्ट में रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि ये तस्वीरें उनके अनुमति के बिना बनाई और साझा की जा रही हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा और निजी जीवन को नुकसान पहुँच सकता है.
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बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन की कुछ फेक AI तस्वीरें सोशल मीडिया और इंटरनेट पर वायरल हो रही हैं. ये तस्वीरें उनके चेहरे का उपयोग करके बिना अनुमति के बनाई गई हैं. अभिनेत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और इन तस्वीरों पर रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि ये तस्वीरें न केवल उनकी निजी ज़िंदगी में दखल देती हैं, बल्कि उनकी प्रतिष्ठा और छवि को भी नुकसान पहुँचाती हैं.
Deepfake तकनीक का गलत इस्तेमाल
फेक AI तस्वीरें आम तौर पर “Deepfake” तकनीक की मदद से बनाई जाती हैं. इसमें किसी व्यक्ति की तस्वीर, वीडियो या आवाज़ का इस्तेमाल कर नकली सामग्री तैयार की जाती है. ऐश्वर्या राय की तस्वीरों को इसी तकनीक से मॉर्फ कर सोशल मीडिया पर साझा किया गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी तस्वीरें गलत इरादे से बनाई जाती हैं, जिससे प्रसिद्ध हस्तियों के साथ-साथ आम लोगों की भी निजता खतरे में पड़ सकती है.
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कोर्ट में ऐश्वर्या की याचिका
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ऐश्वर्या राय ने अदालत में याचिका दाखिल कर कहा है कि उनकी अनुमति के बिना उनकी तस्वीरें बनाकर साझा करना न केवल अनुचित है बल्कि उनके व्यक्तिगत अधिकारों का उल्लंघन भी है. उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि ऐसी फेक तस्वीरों के प्रसार पर तुरंत रोक लगाई जाए और जिम्मेदार प्लेटफॉर्म्स व व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को ऐसे कंटेंट पर निगरानी रखनी चाहिए और समय पर इसे हटाना चाहिए.
सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी
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विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे गलत सामग्री पर नजर रखें. ऐश्वर्या राय का मामला इस बात को उजागर करता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को फेक इमेज और वीडियो को रोकने के लिए बेहतर तकनीक अपनानी चाहिए. साथ ही उपयोगकर्ताओं को भी जागरूक किया जाना चाहिए कि वे बिना सोचे-समझे ऐसी सामग्री को साझा न करें. कई देशों में अब डिजिटल प्राइवेसी कानूनों को मजबूत करने की दिशा में काम चल रहा है.
समाज पर प्रभाव
ऐसी फेक तस्वीरें सिर्फ सेलिब्रिटी तक सीमित नहीं हैं. डिजिटल युग में यह समस्या आम लोगों को भी प्रभावित कर रही है. किसी की इमेज का दुरुपयोग कर उसे बदनाम करना, धोखा देना या मानसिक उत्पीड़न करना आसान हो गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सुरक्षा और साइबर कानूनों की जागरूकता बढ़ाना जरूरी है, ताकि लोग अपनी व्यक्तिगत जानकारी और तस्वीरों की रक्षा कर सकें.
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अदालत की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया
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अब अदालत इस याचिका पर सुनवाई करेगी. यदि कोर्ट ऐश्वर्या राय के पक्ष में फैसला देता है तो संबंधित प्लेटफॉर्म्स को आदेश दिया जाएगा कि वे फेक तस्वीरें हटाएँ और भविष्य में ऐसी सामग्री पर रोक लगाने के लिए उचित कदम उठाएँ. यह मामला डिजिटल युग में निजता और अधिकारों के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है.