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Atul Parchure Death:मशहूर मराठी एक्टर अतुल परचुरे का निधन: मराठी और हिंदी सिनेमा ने खो दिया एक नायाब सितारा

Atul Parchure Death

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Atul Parchure Death: मराठी और हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता अतुल परचुरे का 57 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। एक साल पहले कैंसर से जूझकर उबरने वाले इस अभिनेता की तबीयत फिर से बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन अब वे दुनिया को अलविदा कह गए हैं। अतुल परचुरे का नाम उन प्रतिभाशाली कलाकारों में शुमार है, जिन्होंने मराठी और हिंदी फिल्मों, नाटकों और टेलीविजन में अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी।

अतुल परचुरे ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण किरदार निभाए, लेकिन उनकी असल जिंदगी में उन्होंने जिस कठिनाई का सामना किया, वह एक बड़ी लड़ाई थी। उन्हें लीवर कैंसर का सामना करना पड़ा था, जिसके इलाज के बाद उन्होंने ठीक होने की जानकारी साझा की थी। एक टॉक शो में, उन्होंने अपने कैंसर की स्थिति के बारे में बात करते हुए कहा था कि डॉक्टरों ने उनके लीवर में 5 सेमी का ट्यूमर पाया था। उन्होंने बताया कि उन्हें यह जानकारी मिली थी कि यह कैंसर है, लेकिन इलाज के बाद उन्होंने धीरे-धीरे स्वस्थ होकर अभिनय की दुनिया में वापसी की थी।
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने जताया शोक
अतुल परचुरे के निधन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, "कभी दर्शकों को हंसाने वाले, कभी उनकी आंखों में आंसू लाने वाले अतुल परचुरे का असामयिक निधन बहुत दुखद है। उन्होंने नाटक, फिल्म और धारावाहिक तीनों ही क्षेत्रों में अपनी छाप छोड़ी है।" अतुल की बहुमुखी प्रतिभा के कारण मराठी सिनेमा में उनकी अलग पहचान थी, जिसे उनके साथी कलाकार और प्रशंसक हमेशा याद रखेंगे।
अतुल परचुरे का अभिनय करियर
अतुल परचुरे का फिल्मी सफर बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने मराठी और हिंदी सिनेमा दोनों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। उनकी कुछ प्रमुख हिंदी फिल्मों में सलाम-ए-इश्क, पार्टनर, ऑल द बेस्ट फन बिगिन्स, खट्टा मीठा और बुड्ढा होगा तेरा बाप शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने मराठी सिनेमा और नाटकों में भी अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। वे कॉमेडी और गंभीर भूमिकाओं में समान रूप से निपुण थे।

हालांकि, एक साल पहले कैंसर से उबरने की खबर के बाद, पिछले कुछ दिनों में अतुल की तबीयत फिर से बिगड़ गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें पांच दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बावजूद इसके, उनकी बीमारी की जटिलताएं बढ़ती चली गईं, जिसके चलते उनका निधन हो गया।

अतुल परचुरे के निधन से मराठी और हिंदी सिनेमा जगत में एक गहरी कमी आ गई है। वे सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि अपने किरदारों के जरिए वे आम इंसान की भावनाओं को गहराई से समझते और प्रस्तुत करते थे। उनकी मौत ने मराठी सिनेमा को एक ऐसी कमी दी है, जिसे भर पाना मुश्किल है।
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