Advertisement

Loading Ad...

DRI हिरासत में हुआ दुर्व्यवहार? कन्नड़ एक्ट्रेस रन्या राव ने किए चौंकाने वाले खुलासे!

कन्नड़ एक्ट्रेस रन्या राव पर 12 करोड़ रुपये के सोने की तस्करी का आरोप है, जिसके चलते उन्हें बेंगलुरु एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। हाल ही में उन्होंने DRI (राजस्व खुफिया निदेशालय) अधिकारियों पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें हिरासत में शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

Loading Ad...
बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार की गई कन्नड़ अभिनेत्री रन्या राव ने अब एक नया खुलासा कर पूरे मामले को और पेचीदा बना दिया है। सोने की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार की गई रन्या ने राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

रन्या राव का आरोप

रन्या राव ने परप्पना अग्रहारा जेल के मुख्य अधीक्षक के माध्यम से एक पत्र भेजकर दावा किया है कि डीआरआई अधिकारियों ने न केवल उन्हें जबरन गिरफ्तार किया, बल्कि हिरासत में थर्ड डिग्री टॉर्चर भी दिया। उनके मुताबिक, अधिकारियों ने उन्हें भूखा रखा, बार-बार थप्पड़ मारे और खाली दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया।

रन्या ने इस पत्र में लिखा है "जब से मुझे गिरफ्तार किया गया, तब से लेकर अदालत में पेश किए जाने तक, मुझे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। जिन अधिकारियों को मैं पहचान सकती हूं, उन्होंने 10-15 बार थप्पड़ मारे। बार-बार मारपीट के बावजूद, मैंने उनके द्वारा तैयार किए गए बयानों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।"

कैसे हुई रन्या की गिरफ्तारी?

4 मार्च 2025 को डीआरआई ने दुबई से लौट रही रन्या राव को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया। उन पर 14.8 किलोग्राम सोना तस्करी करने का आरोप है, जिसकी कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये आंकी गई है। सूत्रों के अनुसार, रन्या एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सोने की तस्करी गिरोह से जुड़ी हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया है।

जब रन्या को आर्थिक अपराधों की विशेष अदालत (Special Court for Economic Offenses) में पेश किया गया, तो जज ने उनसे सीधे सवाल किया “क्या आपको हिरासत में किसी भी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा?” इस सवाल पर अभिनेत्री कोर्ट में ही फूट-फूटकर रोने लगीं और डीआरआई अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। इसके बाद जज ने उनसे पूछा “क्या आपको मेडिकल उपचार मिला है?” इसके जवाब में रन्या ने कहा "उन्होंने मुझे मारा नहीं, लेकिन उन्होंने मुझे बुरी तरह से गालियां दीं। इससे मुझे बहुत मानसिक परेशानी हुई है।"

डीआरआई ने किया सभी आरोपों से इनकार

अदालत में डीआरआई के छह वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिन्होंने रन्या के आरोपों को खारिज कर दिया। जांच अधिकारी (IO) ने न्यायाधीश को सूचित किया "हमने हिरासत में रन्या के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया। वह पूछताछ में सहयोग नहीं कर रही थीं और सवालों के जवाब देने से बच रही थीं।" अब बड़ा सवाल यह है कि क्या रन्या वाकई निर्दोष हैं और उन्हें एक बड़े षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है? या फिर वह सोने की तस्करी के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा हैं?

DRI अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। लेकिन इस बीच इस केस से कई सवाल भी खड़े उठते हैं? जैसे क्या हिरासत में बंद आरोपियों के साथ टॉर्चर होता है? अगर रन्या निर्दोष हैं, तो उन्हें झूठे मामले में क्यों फंसाया जा रहा है? क्या यह मामला सिर्फ एक अभिनेत्री तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा है?

वैसे आपको बता दें कि रन्या के वकील ने न्यायिक जांच की मांग की है और कहा है कि अगर जरूरी हुआ तो वह मानवाधिकार आयोग (NHRC) का दरवाजा भी खटखटाएंगे। अब देखना यह होगा कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या रन्या वाकई दोषी साबित होती हैं या नहीं। यह मामला अभी भी कई सवालों के घेरे में है, और आने वाले दिनों में इस पर और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
Loading Ad...

यह भी पढ़ें

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...