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अभिजीत भट्टाचार्य का एआर रहमान पर बड़ा आरोप, अब म्यूजिक डायरेक्टर ने किया तीखा पलटवार

अभिजीत भट्टाचार्य ने एआर रहमान पर टेक्नोलॉजी पर ज्यादा निर्भर होने और संगीतकारों का अपमान करने का आरोप लगाया। इस पर एआर रहमान ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि उन्हें हमेशा दोषी ठहराना आसान होता है, और उनकी राय का सम्मान करना चाहिए।

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90 के दशक के मशहूर गायक अभिजीत भट्टाचार्य अक्सर अपने बेबाक बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं. इस बार उनका निशाना बने हैं भारत के सबसे सम्मानित और ऑस्कर विजेता म्यूजिक डायरेक्टर ए.आर. रहमान. हाल ही में एक इंटरव्यू में अभिजीत ने रहमान पर गंभीर आरोप लगाए, जिनमें सबसे बड़ा आरोप यह था कि रहमान की वजह से कई पुराने संगीतकारों और गायकों का करियर खत्म हो गया।
अभिजीत ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने करियर में ए.आर. रहमान के साथ केवल एक बार काम किया और वो अनुभव उनके लिए काफी खराब रहा. उन्होंने बताया कि एक रिकॉर्डिंग के लिए उन्हें रात 2 बजे स्टूडियो बुलाया गया, लेकिन जब वो पहुंचे, तो रहमान वहां मौजूद नहीं थे.

"मुझे कहा गया कि रिकॉर्डिंग 3:33 बजे शुरू होगी। यह किस तरह की क्रिएटिविटी है? एक प्रोफेशनल कलाकार के लिए इस तरह का असिस्टेमेटिक व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।"


रहमान पर म्यूजिक में ज्यादा टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल का आरोप.

अभिजीत का कहना है कि ए.आर. रहमान संगीत बनाने में इंसानी टैलेंट के बजाय कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी पर अधिक निर्भर रहते हैं. उनके मुताबिक इससे लाइव संगीत, रियल इंस्ट्रूमेंट्स और क्लासिकल एलिमेंट्स को नुकसान हुआ है. उन्होंने ये भी कहा कि रहमान की वजह से पुराने जमाने के कई म्यूजिक डायरेक्टर्स और सिंगर्स का करियर डूब गया.

ए.आर. रहमान ने दी प्रतिक्रिया

इन आरोपों पर ए.आर. रहमान ने इंडिया टुडे के एक इंटरव्यू में मुस्कुराते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें हर चीज़ के लिए दोष देना आसान है, लेकिन वो किसी से नाराज़ नहीं हैं।
"मैं अभिजीत से अब भी प्यार करता हूं। मैं उन्हें एक केक भेजूंगा। यह उनकी राय है और हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है।"

"टेक्नोलॉजी संगीत को और बेहतर बनाती है"

रहमान ने टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर संगीत को रिफाइन करने, हार्मोनी बनाने और इंटरनेशनल लेवल पर प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.
उन्होंने ये भी बताया कि उनकी हर फिल्म में 200-300 कलाकार काम करते हैं, और वो लगातार ऑर्केस्ट्रा और लाइव म्यूजिक को प्रमोट करते हैं. उन्होंने हाल ही में दुबई में 60 महिला संगीतकारों के साथ काम किया, जिन्हें न सिर्फ काम दिया गया, बल्कि हेल्थ इंश्योरेंस और सभी सुविधाएं भी मुहैया कराई गईं.
संगीत की दुनिया में नई बहस
अभिजीत और रहमान के इस विवाद ने इंडस्ट्री में एक नई बहस को जन्म दे दिया है . क्या टेक्नोलॉजी से संगीत की आत्मा खो रही है? या फिर टेक्नोलॉजी ही वो नया ज़रिया है, जिससे भारतीय संगीत को ग्लोबल लेवल पर पहुंचाया जा सकता है?


जहां एक ओर अभिजीत भट्टाचार्य पुराने समय के पारंपरिक गानों की बात करते हैं, वहीं ए.आर. रहमान टेक्नोलॉजी के सहारे संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने में लगे हैं। दोनों की राय अलग हो सकती है, लेकिन एक बात साफ है – संगीत में बदलाव होना तय है, अब इसे अपनाना है या नहीं, ये समय और सुनने वालों पर निर्भर करता है.
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