Advertisement
Loading Ad...
PM Modi को जिंदा गाड़ने चले Sanjay Raut को अब Modi ने दिया मुंहतोड़ जवाब
Sanjay Raut सरेआम देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ तू तड़ाक जैसी सड़क छाप भाषा पर उतर आए हैं। और उन्हें औरंगजेब की तरह जिंदा गाड़ देने की बात कर रहे हैं। लेकिन संजय राउत लगता है ये भूल गये कि उन्होंने सीधे मोदी से पंगा लिया है। जो विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब देना अच्छी तरह से जानते हैं। तो फिर संजय राउत को कहां बख्शने वाले थे। दस मई को ही महाराष्ट्र के दौरे पर गये मोदी ने ठाकरे वाली शिवसेना को अच्छे से रिमांड पर ले लिया..!
Advertisement
Loading Ad...
हिंदू हृदय सम्राट कहे जाने वाले बाल ठाकरे ने कभी कहा था। मैं शिव सेना को कांग्रेस नहीं होने दूंगा। लेकिन इसके बावजूद उनके बेटे उद्धव ठाकरे के हाथ में जब शिवसेना की कमान थी। तो महज एक सीएम कुर्सी के लिए उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस से हाथ मिला लिया था। और आज। उद्धव ठाकरे के पास ना सत्ता बची। और ना ही शिवसेना। लेकिन इसके बावजूद लगता है शिवसेना यूबीटी वाले संजय राऊत की अकड़ ढीली नहीं हो रही है। सत्ता और असली शिवसेना दोनों गंवा देने के बावजूद संजय राऊत सरेआम देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ तू तड़ाक जैसी सड़क छाप भाषा पर उतर आए हैं। और उन्हें औरंगजेब की तरह जिंदा गाड़ देने की बात कर रहे हैं। लेकिन संजय राउत लगता है ये भूल गये कि उन्होंने सीधे मोदी से पंगा लिया है। जो विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब देना अच्छी तरह से जानते हैं। तो फिर संजय राउत को कहां बख्शने वाले थे। दस मई को ही महाराष्ट्र के दौरे पर गये मोदी ने ठाकरे वाली शिवसेना को अच्छे से रिमांड पर ले लिया।
दरअसल महाराष्ट्र के चुनावी मैदान में असली टक्कर बीजेपी वाले गठबंधन एनडीए और उद्धव ठाकरे वाले इंडिया गठबंधन के बीच है। यही वजह है कि दोनों तरफ से ताबड़तोड़ जुबानी वार पलटवार हो रहा है। और ये कोई नई बात नहीं है। चुनावों में अक्सर ऐसा होता रहता है। लेकिन जिस तरह की सड़क छाप भाषा का इस्तेमाल इंडिया गठबंधन वाले संजय राउत देश के चुने हुए प्रधानमंत्री के खिलाफ कर रहे हैं। उस तरह की भाषा शायद ही किसी नेता ने की हो। कुछ ही दिनों पहले अहमदनगर में एक चुनावी रैली करने गये संजय राउत ने मोदी के खिलाफ जुबानी मर्यादा लांघते हुए यहां तक कह दिया था कि:
"औरंगजेब का जन्म नरेंद्र मोदी के गांव में हुआ था, अहमदाबाद के बगल में दाहोद नाम का गांव है, जहां औरंगजेब का जन्म हुआ था, यही वजह है कि वो (मोदी और शाह) हमारे साथ औरंगजेब की तरह बर्ताव कर रहे हैं, लेकिन याद रहे कि एक औरंगजेब को हमने इस महाराष्ट्र की धरती में गाड़ा है, 27 साल तक औरंगजेब महाराष्ट्र को जीतने के लिए महाराष्ट्र की धरती पर लड़ रहा था, अंत हमें हमने उस औरंगजेब को महाराष्ट्र की धरती में गाड़ कर उसकी कब्र खोद दी, नरेंद्र मोदी तू कौन है, यह मराठाओं का इतिहास है।"
देश के प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ तू तड़ाक की भाषा का इस्तेमाल कर उन्हें औरंगजेब की तरह गाड़ने की बात करने वाले संजय राउत को लग रहा था कि मोदी उन्हें बख्श देंगे। लेकिन मोदी तो ठहरे मोदी। वो विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब देना अच्छी तरह से जानते हैं। बस संजय राउत की तरह सड़क छाप भाषा का इस्तेंमाल नहीं करते। तभी तो दस मई को पीएम मोदी जब महाराष्ट्र के नंदूरबार में रैली करने गये तो। उन्होंने संजय राउत पर जोरदार पलटवार करते हुए कहा कि। नकली शिवसेना मुझे जमीन में गाड़ने के सपने देख रही है, मोदी को गालियां देने वाले ये भूल रहे हैं कि भारत की 140 करोड़ जनता मेरी रक्षक है।
ठाकरे वाली शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने औरंगजेब की तरह मोदी को जमीन में गाड़ देने की धमकी दी। तो वहीं मोदी ने भी इस बयान को मुस्लिम वोट बैंक को खुश करने वाला बयान बता दिया। वैसे एक बात और आपको बता दें। संजय राउत आज भले ही औरंगजेब के नाम पर पीएम मोदी को कोसने में लगे हुए हैं। एक वक्त था जब संजय राउत के नेता उद्धव ठाकरे उस प्रकाश अंबेडकर की पार्टी के साथ वाले महा विकास अघाड़ी गठबंधन के साथ थे। जिन्होंने खुद औरंगजेब की कब्र पर जाकर फूल चढ़ाए थे। लेकिन इसके बावजूद उद्धव ठाकरे ने प्रकाश अंबेडकर की पार्टी से गठबंधन नहीं तोड़ा। उस वक्त संजय राउत भी खामोश हो गये थे। लेकिन महाराष्ट्र की जनता खामोश नहीं थी। इसीलिये महाराष्ट्र की सड़कों पर औरंगजेब के साथ उद्धव ठाकरे और प्रकाश अंबेडकर के पोस्टर लगा दिये गये थे। और आज उसी शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत देश के प्रधानमंत्री को औरंगजेब की तरह गाड़ देने की धमकी दे रहे हैं। संजय राउत की इस तरह की भाषा को लेकर आपका क्या कहना है अपनी राय हमें कमेंट कर जरूर बताएं।
Advertisement
Loading Ad...
यह भी पढ़ें
Loading Ad...
Loading Ad...