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जानिए कौन हैं Ujjwal Nikam जिन्होंने BJP के कद्दावर नेता Pramod Mahajan की बेटी का काटा पत्ता! वीओ

कौन हैं उज्जवल निकम, जिनके लिए बीजेपी ने पूनम महाजन का काटा टिकट, क्या इस प्लान से जीतेगी बीजेपी ?

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लोकसभा चुनाव 2024 के चुनावों में बीजेपी ने कांग्रेस की सांसे फुला रखी है । कांग्रेस अब खाक छान रही है। योजनाएं बना रही हैं कि कैसे बीजेपी के विजय रथ को रोका जाए। इसी कड़ी में मुंबई में बीजेपी ने इंडि गठबंधन का टेंशन में इजाफा कर दिया है। बीजेपी ने महाराष्ट्र की उत्तर मध्य मुंबई सीट से इंडि गठबंधन को ऐसा सरपाइज दिया कि पूरा गठबंधन सिर पटकने लगा है। दरअसल बीजेपी ने यहां से दो बार की मौजूदा सांसद पूनम महाजन का टिकट काट दिया है। और उज्वजल देवराव निकम को उम्मीदवार बनाया है। अब आप सोट रहे होंगे कि उज्जवल निकम आखिर हैं कौन? ये वही उज्जवल निकम हैं जिन्होंने कसाब को फांसी के तख्ते तक पहुंचाया था। निकम के बारे में आपको बताए। इससे पहले आपको ये जानना बेहद जरुरी है कि आखिर वो पूनम महाजन कौन हैं जिनका टिकट कटा है क्योंकि ये नाम बेहद चर्चा में हैं। पूनम महाजन एक ऐसा राजनेता की बेटी हैं जिनका राजनीति में कभी डंका बजता था। उनके पिता दिवंगत प्रमोद महाजन हैं। प्रमोद महाजन के बारे में कहा जाता था कि वो वित्तीय बंदोवस्त से लेकर विरोधियों के साथ तालमेल तक बनाने का हुनर रखते थे। ऐसा हुनर पार्टी के दूसरे किसी भी नेता के पास नहीं था। बीजेपी पार्टी का महाराष्ट्र में विस्तार का पूरा श्रेय प्रमोद महाजन और उनके बहनोई गोपीनाथ मुंडे को जाता है । साल 2002 मई में प्रमोद महाजन के छोटे भाई ने ही उनकी हत्या कर दी थी। कहा जाता है कि पारिवारिक विवाद के चलते उनके भाई ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था। प्रमोद महाजन के दो बच्चे थे। पूनम महाजन और राहुल महाजन। प्रमोद महाजन के दुनिया को अलविदा कहने के बाद बीजेपी ने उनके बेटे राहुल महाजन को पिता की सियासी विरासत सौंपने का फैसला किया था लेकिन राहुल महाजन की सियासत में रुचि नहीं थी। जिसके बाद पूनम महाजन को चुनाव लड़ाया गया। ये उनकी जिंदगी का पहला चुनाव था।

पूनम महाजन ने 2009 में पहली बार मुंबई के घाटकोपर वेस्ट से चुनाव लड़ा था ।
पूनम महाजन अपना पहला चुनाव हार गईं थीं
साल 2014 में मुंबई नॉर्थ सेंट्रल सीटे से पूनम ने कांग्रेस की प्रिया दत्त को हराया ।
साल 2019 लोकसभा चुनाव में भी पूनम महाजन ने जीत दर्ज की थी । 
पूनम महाजन को 4,86,672 वोट मिले थे जबकि प्रिया दत्त को 3,56,667 वोट मिली थीं
पूनम ट्रेन्ड पायलट भी हैं। उनकी ट्रेनिंग अमेरिका के टेक्सास से हुई थी
पूनम के पास 300 घंटे फ्लाइन का अनुभव भी है 


पूनम महाजन का टिकट कटा तो सभी हैरान थे। पूनम ने अपना टिकट कटने के बाद एक्स सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी किया था। उन्होंने लिखा था 
10 वर्षों तक एक सांसद के रूप में मुंबई उत्तर मध्य लोकसभा क्षेत्र की सेवा का मौक़ा देने के लिए @BJP4India और प्रधानमंत्री श्री  @narendramodi
 जी का धन्यवाद।

मुझे एक सांसद ही नहीं बल्कि एक बेटी की तरह भी स्नेह देने के लिए मैं क्षेत्र की परिवार समान जनता की सदैव ऋणी रहूँगी, और यही आशा करूंगी कि यह रिश्ता हमेशा बना रहेगा।

मेरे आदर्श  | मेरे पिता स्वर्गीय प्रमोद महाजन जी ने मुझे   |राष्ट्र प्रथम  | फिर हम | का जो मार्ग दिखाया | मैं ईश्वर से यही प्रार्थना करती हूं कि आजीवन उसी मार्ग पर चल सकूं।
मेरे जीवन का प्रत्येक क्षण सदैव इस देश की सेवा को समर्पित रहेगा।

जय हिंद  | जय महाराष्ट्र !

पीएम मोदी की नीति रही है पहले देश फिर मैं । देश के प्रधानमंत्री का उद्देश्य साफ है कि देश से पहले और जो देश के लिए बेहतर वही करना है। इन चुनावों में भी इस बात का ख्याल रखा गया मोदी राजनीति से पहले भारत को रखते हैं। पीएम मोदी ने जिस सीट से पूनम महाजन को टिकट काटा है उस टिकट पर एक ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया है जिसने देश को दहशत से भरने वाले खास कर मुंबई को डराने के लिए आंतक फैलाया था उसे फांसी के तख्ते तक पहुंचाया । बीजेपी ने इस सीट से मुंबई हमले के गुनहगार और पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब को फांसी दिलाने वाले जाने माने वकील पद्मश्री उज्जवल निकम को टिकट दिया है। 



उज्जवल निकम पहली बार मुंबई में 12 मार्च 1993 को हुए बम धमाकों के मामले में सरकारी वकील के रुप में सामने आए थे  |
इस मामले में उज्जवल निकम ने 12 आरोपियों को मृत्युदंड का सजा दिलवाई थी  |
26 नवंबर 2008 को मुंबई हमले के आतंकी मोहम्मह अजमल कसाब को भी फांसी के तख्ते तक पहुंचाया  |
साल 1997 टी सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार के मर्डर और साल 2006 में प्रमोद महाजन की हत्या मामले में भी वो अभियोजक रह चुके हैं। 
उज्जवल अभी तक आतंक और दुष्कर्म जैसे मामलों में 628 आरोपितों को आजीवन कारावास और 37 को मृत्युदंड की सजा दिलवा चुके हैं। 
उज्जवल निकम महाराष्ट्र के जलगांव जिले के मूल निवासी हैं। 
निकम को उम्मीदवारी देने का लाभ बीजेपी को उत्तर महाराष्ट्र की भी कुछ सीटों पर मिल सकता है ।
 

उज्जवल निकम वहीं हैं जिन्होंने पूनम महाजन के पिता प्रमोद महाजन की हत्या का केस भी लड़ा था। अब वो प्रमोद महाजन की बेटी की जगह चुनाव लड़ेंगे।निकम के नाम के ऐलान के बाद ही कांग्रेस की हवा टाइट हो गई है। देखना होगा कि चुनाव कौन जीतता है वैसे आपकी क्या राय है हमें कमेंट कर के जरुर बताएं । 
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