Advertisement

Loading Ad...

महाकुंभ पर उलटी करने वालों की योगी ने रमज़ान में दिखाई हैसियत

रमज़ान का महीना शुरु होते ही दुनिया को अयोध्या के पिछले साल का रिकॉर्ड याद आने लगा ।अयोध्या आने वाली राम भक्तों की भीड़ ने पिछले साल मक्का का रिकॉर्ड तोड़ा था, जिसका ज़िक्र महाकुंभ से लौटे योगी बाबा ने सदन में किया। रमज़ान से ठीक पहले महाकुंभ पर उलटी करने वालों की औक़ात किस तरह योगी बाबा ने इस बार दिखाई है।

Loading Ad...

रमज़ान का महीना शुरु होते ही दुनिया को अयोध्या के पिछले साल का रिकॉर्ड याद आने लगा। अयोध्या आने वाली राम भक्तों की भीड़ ने पिछले साल मक्का का रिकॉर्ड तोड़ा था, जिसका ज़िक्र महाकुंभ से लौटे योगी बाबा ने सदन में किया। रमज़ान से ठीक पहले महाकुंभ पर उलटी करने वालों की औक़ात किस तरह योगी बाबा ने इस बार दिखाई है। 

Loading Ad...

Loading Ad...

रमज़ान की शुरुआत होते ही, नमाज़ियों का रोज़ा रखने का सिलसिला शुरु हो चुका है।इस्लाम में रमज़ान की क्या अहमियत है, इसका अंदाज़ा इसी से लगाइये। नेकियाँ कमाने वाले इस महीने में व्यक्ति अपनी ख्वाहिशों को नियंत्रण में रखकर बुराइयों से बचता है, ताकी अल्लाह की रहमतें उस पर बनी रहें। ना सिर्फ़ सऊदी अरब बल्कि भारत में भी रमज़ान को लेकर विशेष इंतज़ाम नज़र आते हैं। इस्लाम के इस पाक महीने में मक्का में नमाज़ियों की भीड़ है। 1 मार्च को जैसे ही रोज़े का ऐलान हुआ,  पहली तरावीह की नमाज अदा की गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहे हैं।


Loading Ad...

हालाँकि इसी वायरल वीडियो के बीच सवाल उठने लगे कि क्या अबकी बार मक्का से राम मंदिरा का रिकॉर्ड टूटेगा क्योंकि पिछले साल 2024 में 52 दिनों के अंदर 16 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या पहुँचे थे, जिन्होंने रामलला के दर्शन किये…जो मक्का की तुलना में 12 गुना ज़्यादा है। रामलला की चौखट पर आने वाली राम भक्तों की भीड़ ने वैटिकन सीटी से लेकर मक्का के तमाम रिकॉर्ड तोड़ डाले थे। जिसका ज़िक्र महाकुंभ से लौटे योगी बाबा ने अबकी बार किया। रमज़ान से ठीक पहले योगी बाबा ने उन लोगों को भी आईना दिखाने की कोशिश की, जिन्होंने महाकुंभ पर उलटी की थी…महाकुंभ को बदनाम करने की कोशिश की थी। महाकुंभ के नाम पर ओछी राजनीति कीयोगी बाबा ने आईना दिखाते हुए ये बताया कि वामपंथियों से लेकर इस्लामिक स्कॉलर ने महाकुंभ पर जमकर कीचड़ उछाला जबकी मक्का के रास्ते मरने वालों की लाशें उन्हें नहीं दिखी। 


यह भी पढ़ें

जिनको को जो दृष्टि दी गई है, उन्होंने उसके हिसाब से महाकुँभ का आकलन किया। प्रयागराज ने ऐसे लोगों को आईना दिखाने का कार्य किया है, जो भारत , भारतीयता को और सनातन परंपरा को अकसर कठघरे में खड़ा करते हैं।सोशल मीडिया पर मौजूद एक आर्टिकल में एक सज्जन ने बोला था , पिछले डेढ़ महीने में वामपंथियों को और समाजवादियों की बात खंगाल लीजिये, महाकुंभ में विष के अलावा कुछ नहीं उगला। गंदगी, अव्यवस्था , पर्यटकों की परेशानियों के अलावा हज के दौराना अव्यवस्था के चलते सैकड़ों मौतों पर चुप्पी साध जाने वाले भारत के वामपंथी, सेक्युलर और इस्लामिक स्कॉलर महाकुंभ की भव्यता पर  उलटी करते नज़र आए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  सौ बात की एक बात ये कि महाकुंभ की समाप्ति के बाद से ही योगी बाबा महाकुंभ पर कीचड़ उछालने वालों की असलियत दुनिया के सामने ला रहे हैं..ये बताने की उनकी कोशिश रही है कि तीर्थों पर उमड़ती श्रद्धालुओं की भीड़ उत्तर प्रदेश की नई क्षमता को दर्शाती है। 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...