Advertisement

Loading Ad...

Year Ender 2025: धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए खास रहा साल 2025, कई मंदिरों के कॉरिडोर प्रस्तावों को मिली मंजूरी

हम आज साल 2025 में उन मंदिरों के कॉरिडोर की बात करेंगे, जिन पर अभी काम हो रहा है और कुछ अभी सिर्फ प्रस्तावित हैं

Loading Ad...

धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए देश की सरकार हर साल नई परियोजनाएं लेकर आती है. उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश तक मंदिरों की जर्जर हालत को ठीक करने के लिए सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर रही है. हम आज साल 2025 में उन मंदिरों के कॉरिडोर की बात करेंगे, जिन पर अभी काम हो रहा है और कुछ अभी सिर्फ प्रस्तावित हैं. 

हनुमान मंदिर कॉरिडोर 

साल की शुरुआत में महाकुंभ 2025 को देखते हुए इलाहबाद के आसपास बसे मंदिरों का जीर्णोद्धार करने का काम शुरू किया गया और साल की शुरुआत में ही सीएम योगी ने मनकामेश्वर मंदिर कॉरिडोर, मां अलापशंकरी कारिडोर, नागवासुकि मंदिर कारिडोर, पड़िला महादेव कॉरिडोर और तक्षक तीर्थ कॉरिडोर का लोकार्पण किया था. हालांकि, परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए नवंबर 2025 का समय निर्धारित किया गया था. इसके अलावा, बड़े हनुमान मंदिर कॉरिडोर का काम भी जारी है, जिसकी शुरुआत नवंबर 2024 में हुई थी. कॉरिडोर के पहले चरण का काम पूरा हो चुका है.

Loading Ad...

बांके बिहारी कॉरिडोर 

Loading Ad...

इसी साल मथुरा-वृन्दावन कॉरिडोर के लिए 500 करोड़ रुपए की योजना को उत्तर प्रदेश सरकार ने मंजूरी दी थी. बांके बिहारी कॉरिडोर बनाने की बात बीते 2 साल से चल रही थी, लेकिन वहां के स्थानीय लोग कॉरिडोर के विरोध में हैं. स्थानीय लोग नहीं चाहते हैं कि वृंदावन की संकरी गलियां टूटें, जहां स्वयं बिहारी जी ने लीलाएं की थीं.

भोरमदेव कॉरिडोर

Loading Ad...

साल 2025 में भोरमदेव कॉरिडोर परियोजना को भी मंजूरी मिल गई है. केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत 146 करोड़ की लागत से मंदिर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर बनाया जाएगा. परियोजना को दिसंबर के महीने में ही मंजूरी मिली है. 

बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर

साल की शुरुआत में बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर, सोनपुर (बिहार) को मंजूरी दी. मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए तकरीबन 40 करोड़ रुपए लगाए जाएंगे और मंदिर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर ही तैयार किया जाएगा. मंदिर के रखरखाव और गर्भगृह की भी मरम्मत की जाएगी.

Loading Ad...

नर्मदा नदी के किनारे बसे छोटे और प्राचीन मंदिरों की होगी मरम्मत

ओंकारेश्वर विकास परियोजना के तहत ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर महादेव और नर्मदा नदी के किनारे बसे छोटे और प्राचीन मंदिरों की मरम्मत शामिल है. 600 करोड़ रुपए की परियोजना के तहत नर्मदा नदी के ब्रिज और घाटों का सौंदर्यीकरण भी शामिल है. 

गोला गोकर्णनाथ में बन रहा कॉरिडोर

Loading Ad...

2025 की शुरुआत में यूपी के गोला गोकर्णनाथ, जिसे छोटी काशी कहा जाता है, में कॉरिडोर बनाने का काम शुरू हो चुका है. मंदिर का निर्माण कार्य अलग-अलग चरणों में पूरा किया जा रहा है. 

विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर 

यह भी पढ़ें

गया के विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर का काम अभी भी चल रहा है. बीते साल भारत सरकार ने बजट में मंदिर के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी और अभी भी मंदिर के कॉरिडोर का काम चल रहा है. यहां भी कॉरिडोर का निर्माण काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर किया जा रहा है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...