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माँ कामाख्या के जिस मंदिर में औरंगजेब ने किया दान, क्या वहीं शीश झुकाएँगे योगी ?

सपा नेता अबू आज़मी ने औरंगजेब का महिमामंडन क्या किया, लखनऊ से राजधानी दिल्ली तक सियासी महाभारत छिड़ गई। इतिहास के पन्नों को पलटा जाने लगा। मुग़लकाल का महान शासक बताकर मंदिरों को दिये जाने वाले दान में उसका नाम लिया जाने लगा।अब जब अयोध्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को माँ कामाख्या के मंदिर से बुलावा आया है, तो क्या योगी बाबा मां कामाख्या की उसी चौखट पर जाएँगे, जहां औरंगजेब दान दिया करता था? औरंगजेब विवाद के बीच योगी बाबा का कामाख्या टूर क्या कहता है ?

माँ कामाख्या के जिस मंदिर में औरंगजेब ने किया दान, क्या वहीं शीश झुकाएँगे योगी ?
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सपा नेता अबू आज़मी ने औरंगजेब का महिमामंडन क्या किया, लखनऊ से राजधानी दिल्ली तक सियासी महाभारत छिड़ गई। इतिहास के पन्नों को पलटा जाने लगा। मुग़लकाल का महान शासक बताकर मंदिरों को दिये जाने वाले दान में उसका नाम लिया जाने लगा। अब जब अयोध्या से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को माँ कामाख्या के मंदिर से बुलावा आया है, तो क्या योगी बाबा मां कामाख्या की उसी चौखट पर जाएँगे, जहां औरंगजेब दान दिया करता था? औरंगजेब विवाद के बीच योगी बाबा का कामाख्या टूर क्या कहता है ?

महाराष्ट्र की धरती से मुग़ल शासक औरंगजेब का महिमामंडन क्या हुआ, देश में बवाल मच गया। मुग़लों की ढाल बने समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने औरंगजेब के शासनकाल को बेहतर बताते हुए उसे मंदिरों को दिये जाने वाले दान का भागीदार बना दिया। खुलकर ये कहा औरंगज़ेब एक क्रूर शासक नहीं था और उसने कई मंदिरों का निर्माण कराया था. फिल्मों के जरिए मुगल बादशाह की विकृत छवि बनाई जा रही है।औरंगजेब ने मंदिरों के साथ मस्जिदों को भी नष्ट किया। अगर वह हिंदुओं के खिलाफ होता, तो 34% हिंदू उसके साथ नहीं होते। उसके शासनकाल में भारत को स्वर्ण चिड़िया कहा जाता था।। हालाँकि जब अबू आजमी अपने इसी बयान को लेकर चौतरफ़ा गिरने लगे, तब अपनी सफ़ाई में ये कहते हुए दिखे कि उन्होंने किसी भी महापुरुष के बारे में कोई अपमानजनक टिपण्णी नहीं की है। 


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अबू आज़मी के बचाव में उतरे कांग्रेसी राशिद अल्वी अपना ज्ञान देने लगे, बताने लगे कि औरंगजेब पर आरोप है कि उसने मंदिर तुड़वाए लेकिन उसने मंदिरों को पैसे भी दिए। उनके इसी बयान की सच्चाई तब दिखी, जब प्रोफ़ेसर और रिसर्चर राम पुनियानी ये दावा किया कि कई प्रमुख मंदिरों के लिए औरंगजेब ने दान किया था। मैंने इतिहास पढ़ा है और कई चीजें मुझे पता चलीं, जैसे औरंगजेब ने काशी विश्वनाथ मंदिर को तुड़वाया था, लेकिन कई मंदिरों को दान भी दिये।औरंगजेब ने असम के कामाख्या देवी मंदिर में दान दिया, उज्जैन महाकाल मंदिर और वृंदावन के श्री कृष्ण मंदिर में भी दान दिए। 


औरंगज़ेब मंदिरों में दान दिया करता था, अगर ये मान भी लिया जाए तो क्या उसके बाक़ी के कर्मों को नज़रअंदाज किया जा सकता है..वो औरंगजेब ही था, जिसने कश्मीरी पंडितों की हत्याएं की वो औरंगजेब ही था, जिसनें 49 वर्षों के कार्यकाल में 46 लाख लोगों को मौक़े के घाट उतार दिया। वो औरंगजेब ही था, जिसमें  हिन्दुओं पर जजिया टैक्स लगाया। वो औरंगजेब ही था, जिसने चित्तौड़ के 63 मन्दिरों को ध्वस्त किया और वो औरंगजेब ही था, जिसने सोमनाथ मंदिर पर अपनी नापाक नजर डाली। मुग़ल शासक औरंगजेब ने अपने समय में क्या-क्या किया, इतिहास को जानने का विषय है। फ़िलहाल तो दावों के अनुसार, औरंगजेब असम के जिस माँ कामाख्या मंदिर में दान किया करता था, योगी बाबा को वहाँ से नहीं बल्कि अयोध्या के माँ कामाख्या मंदिर से बुलावा आया है। 

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अयोध्या में मौजूद प्राचीन मां कामाख्या मंदिर दौली क्षेत्र के सुनबा के घने जंगलों में स्थित है, असम के कामाख्या धाम की तरह यहाँ किसी भी मूर्ति की स्थापना नहीं की गई है,  बल्कि यहां खुद मां कामाख्या के रूप में अवतरित होकर लोगों को दर्शन देती हैं। यही पर 6 से 12 मार्च तक, 1 हफ़्ते का मां कामाख्या धाम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसके मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे। अबकी बार योगी बाबा प्रभु राम की नगरी में आकर माँ कामाख्या के चौखट पर नतमस्तक होंगे ।

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