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जेलेंस्की से झगड़ने वाले ट्रंप अब क्या तीसरे विश्व युद्ध का जुआ खेलेंगे, नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी
अमेरिकी सत्ता से बाइडन की विदाई क्या हुई, जो अमेरिका पिछले तीन सालों से यूक्रेन की ढाल बना हुआ था, आज ट्रंप के आते ही यही ढाल तलवार बन चुकी है। ट्रंप और जेलेंस्की के बीच की तीखी बहस कब हाथपाई पर उतर आए, कोई नहीं जानता लेकिन किसके मिटने का काउन डाउन अब शुरु हो चुका है, इसको लेकर एक बार फिर नास्त्रेदमस की ख़ौफ़नाक भविष्यवाणियों में लोगों ने दिलचस्पी लेनी शुरु कर दी है।
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जब भविष्यवाणियों के सच होने के सिलसिला शुरु होता है, तब दुनिया को भविष्यवक्ताओं की कही गई बातें याद आने लगती हैं। जिनमें से फ़्रांस के भविष्यवक्ता मिशेल द नास्त्रेदमस टॉप पर हैं। शायद ही कोई ऐसा होगा। जिसने ये नाम नहीं सुना होगा 15 वीं शताब्दी की ये रहस्यमय हस्ति आज भी लोगों की ज़ुबान पर ज़िंदा है। पीएम मोदी के नेतृत्व में बदलता भारत हो जर्मनी में एडोल्फ हिटलर का उदय हो, लंदन की भयंकर आग हो, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति की मृत्यु हो, अमेरिका में 9/11 वाला हादसा हो या फिर हाल ही में ब्रिटेन की क्वीन एलीजाबेथ का निधन। इन तमाम घटनाओं का ज़िक्र कविताओं के जरीय मिशले द नास्त्रेदम दशकों पहले 500 साल पहले कर चुके थे। इनका भविष्यवाणी करने का तरीक़ा दूसरों से बिलकुल अलग था। पहेलियों और कविताओं के जरीये जो कुछ भी लिखा। उसमें आने वाले भविष्य को लेकर हिंट छुपा होता था। दुनिया ने इन्हीं संकेतों को समझकर भविष्यवाणियाँ खंगाली और ये जानने की कोशिश कि भविष्य के गर्त में क्या छिपा है। हालाँकि नास्त्रेदसम की कही और लिखी बातों को आज की इंसानी दुनिया कितना समझ पाई है, ये तो मालूम नहीं…लेकिन जब-जब तृतीय विश्व युद्ध की घंटी बजी है, नास्त्रेदसम की भविष्यवाणियों में दुनिया ने अपनी दिलचस्पी दिखाई है। बीते दिनों हुई ट्रंप- जेलेंस्की की मुलाक़ात से विश्व युद्ध की आहट सुनाई देनी लड़ी है।
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24 फरवरी, 2022 इस तारीख़ में रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया, जिसके बाद शुरु हुई दोनों देशों के बीच की जंग अब तक जारी है। रूस के आगे यूक्रेन का टिक पाना असंभव था, अगर समय रहते अमेरिका का सपोर्ट ना मिलता। बीते तीन सालों से अगर युद्ध के मैदान में यूक्रेन रूस के आगे डटा हुआ है, तो इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह है जेलेंस्की की अमेरिकी ढाल लेकिन अब यही ढाल जेलेंस्की के ख़ुद के लिए तलवार बनती दिख रही हैं
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दरअसल ट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही अमेरिका अब यूक्रेन के साथ बड़ी डील करने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप चाहते हैं कि अमेरिकी मदद के बदले यूक्रेन खनिजों को लेकर बड़ी डील करे। वहीं, यूक्रेन बदले में सुरक्षा की गारंटी चाहता है। जो फ़िलहाल ट्रंप के लिए नामुमकिन है, क्योंकि पर्दे के पीछे ट्रंप और पुतिन की गहरी दोस्ती किसी से छिपी नहीं है। यहीं कारण है कि व्हाइट हाउस में हुई मुलाक़ात में ट्रंप और जेलेंस्की के बीच तीखी बहस हुई , दोनों के बीच हुई ज़ुबानी लड़ाई ने दुनिया को हैरान कर दिया है। ऐसा लगा मानों दोनों हाथपाई ना कर बैठे इस मुलाक़ात के बाद ट्रंप ने जेलेंस्की पर अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगाया और उनके फ़ैसले को तीसरे विश्व युद्ध का ख़तरा बताया।
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गौर करने वाली बात ये कि अब अगर ट्रंप विरोध में यूक्रेन के ख़िलाफ़ कदम उठाते हैं, उसके बाद विश्व की कोई ताक़त तृतीय विश्व युद्ध को रोक नहीं सकेगी। जिसका अंदेशा फ़्रांसीसी भविष्यवक्ता अपनी भविष्यवाणियों में सदियों पहले जता चुके हैं। द प्रोफेसिसि नाम की किताब में नास्त्रेदसम के हवाले से लिखि गई भविष्यवाणियों में विश्व युद्ध को लेकर साफ़ लिखा है। 2025 में क्रूर युद्ध और महान शक्तियों के बीच टकराव होगा, जो किसी बड़ी जंग को अंजाम देगा। नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियों में विश्व युद्ध का ज़िक्र कई दफ़ा आता है, जिसमें अमेरिका का भी ज़िक्र है। यहीं कारण है कि आने वाला समय विश्व के लिए कठिनाई भरा माना जा रहा है। ट्रंप के इस दूसरे कार्यकाल में क्या तृतीय विश्व की युद्ध की चिंगारी भड़केगी ?