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शनि का मीन राशि में गोचर क्या लेगा अब विकराल रूप?

29 मार्च को कर्म फलदाता शनि देव कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। जब इससे पहले शनि देव मीन राशि में आए थे, तो विश्व को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा था और इस बार भी विश्व में उथल-पुथल होने की संभावना है। पूरी जानकारी के लिए देखें हमारी ख़ास रिपोर्

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25 Mar 2025
( Updated: 10 Dec 2025
09:42 PM )
शनि का मीन राशि में गोचर क्या लेगा अब विकराल रूप?
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29 मार्च 2025 को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है। इस ग्रहण का संबंध कर्मफलदाता सूर्य देव से है क्योंकि शनि देव पूरे ढाई साल बाद कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में शनि का गोचर और सूर्य ग्रहण का एक साथ लगना दुनिया में बड़े बदलाव लेकर आएगा। तो चलिए जानते हैं कौन से बड़े बदलाव लेकर आएगा इस बार का सूर्य ग्रहण। तो जानने के लिए बने रहें >                    

कर्मफलदाता शनि देव को संहारक ग्रह माना जाता है। कहते हैं शनि देव न्याय के देवता हैं, जो भी कर्म आप करते हैं, उनका फल आपको यहीं इस धरा पर ही मिलता है। और एक बार फिर शनि देव आपके कर्मों का हिसाब करने आ रहे हैं। जी हाँ, शनि देव पूरे ढाई साल बाद कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में 29 मार्च को प्रवेश करने वाले हैं। अगर पहले की घटनाओं को देखा जाए तो जब-जब शनि देव मीन राशि में आए हैं, तब हर क्षेत्र में, यानि वैश्विक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में परिवर्तनों की लहर आई है। और अब फिर शनि देव 29 मार्च 2025 को फिर कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में आने वाले हैं। मीन जल तत्व की राशि है, जिसके स्वामी हैं बृहस्पति। लेकिन जब इस बार शनि कुंभ से मीन में प्रवेश करेंगे, तो विश्व स्तर पर जल से जुड़े बड़े संकट भी आ सकते हैं। इसके साथ ही जलवायु परिवर्तन, समुद्री गतिविधियाँ भी देखने को मिल सकती हैं। तो चलिए नज़र डालते हैं कि जब इससे पहले शनि मीन राशि में आए थे, तो दुनिया में क्या हलचल हुई थी…

1937 में शनि का मीन में प्रवेश

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जब 1937 में शनि ने मीन राशि में प्रवेश किया था, तो द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत होने वाली थी। धीरे-धीरे दुनिया में तनाव पैदा हुआ, और चीन ने जापान पर आक्रमण किया था!

1965-66 में शनि का मीन राशि में प्रवेश

1965-66 में जब कर्मफलदाता शनि ने मीन राशि में प्रवेश किया था, तो भारत और पाकिस्तान का युद्ध हुआ था और भारत की प्रधानमंत्री के रूप में इंदिरा गांधी को चुना गया था। और अखिल भारतीय स्तर पर गोरक्षा आन्दोलन चला था, जिसमें हज़ारों हिन्दुओं ने अपनी जान गंवाई थी। वहीं वियतनाम का युद्ध भी इसी दौरान हुआ था!

1995 में शनि का मीन राशि में प्रवेश

1995 में जब शनि मीन राशि में आए थे, तब जापान में बड़ा भूकंप आया था, जिसकी वजह से जापान में कई लोगों की जान गई। कई लोग मारे गए, जिससे जापान में तनाव की स्थिति पैदा हुई थी। और इस बार शनि देव कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। अब ऐसे में ये जानने दिलचस्प रहेगा कि आने वाले समय में शनि के ग़ुस्से का क़हर कहां और किसे झेलना पड़ेगा! तो चलिए नज़र डालते हैं आने वाले भविष्य में क्या होने वाला है?

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आर्थिक मंदी

शनि देव के राशि परिवर्तन के कारण कई गतिविधियाँ हमें देखने को मिलेंगी। कई देशों की आर्थिक स्थिति बिगड़ जाएगी, आर्थिक तंगी से इन्हें गुजरना पड़ेगा, जिससे देश के कई लोगों को काफ़ी परेशानियों से गुजरना पड़ेगा।

राजनीतिक हलचल

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भारत के साथ अमेरिका, रूस, और चीन में राजनीतिक अस्थिरता आ सकती है। युद्ध और संघर्ष की संभावनाएँ बढ़ जाएंगी, दक्षिणी एशिया और यूरोप में सैन्य गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं, और भी कई समस्याएँ देखने को मिल सकती हैं!

धार्मिक परिवर्तन

दुनिया भर में आध्यात्मिक स्तर पर कई नए आंदोलन उभर कर आ सकते हैं। जातिवाद, धार्मिक संघर्ष भी देखने को मिल सकता है। विवाह, तलाक़, रिश्तों में तनाव देखने को मिल सकता है! दुनिया भर में उदासी का माहौल बन सकता है, साथ ही कई नई परेशानियाँ भी उत्पन्न होंगी। तो ये थीं कुछ हलचल जो भविष्य में देखने को मिल सकती हैं।

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